जानिए क्या होता है, लिव इन रिलेशनशिप और इसके side effects??

नई दिल्ली: बच्चे के जन्म लेने से पहले से ही उसके माँ – बाप उसे प्यार करने लगते है। 9 महीने अपनी कोख में रखकर 9000 तकलीफ सहने के बाद भी वह अपने बच्चे को सीने से लगाकर रखती है, वह और कोई नही बल्कि माँ (mother) होत्ती है। अपने बच्चे के लिए सुबह जागकर रोजाना काम पर जाने वाले, हिम्मत हो या न हो लेकिन अपने बच्चे का अच्छा भविष्य बनाने के लिए मेहनत करने वाले बाप (father) होता है। बचपन की गलती होने पर समझाते भी माँ – बाप ही है इनका प्यार है ही इतना अनमोल की की कभी भुलाया नही जा सकता न ही इस प्यार का कोई मोल लगाया जा सकता। इनके अलावा भी भाई – बहन, दादा – दादी, मामा – मामी, नाना – नानी, चाचा – चाची या आदि कोई भी रिश्ता (relation) ही क्यों न हो होता हर बच्चे के लिए ही अनमोल और प्यारा होता है, फिर चाहे वो लड़का हो या लड़की। लेकिन आज के Yuva पीडी के दौर में लिव इन रिलेशनशिप (Live in relationship) इन रिश्तो पर भरी पड़ता दिखा दे रहा है।

कोई भी बच्चा जब तक छोटा होता है, वह घर में किसी से कोई भी बात नही छुपाते लेकिन जैसे ही बच्चे 9वीं कक्षा में आते है, उनके दिमाग का विकास (develop) हर तरीके से होने लगता ही, साथ ही होर्मओंअल चेंजेस (Hormonal Changes) का भी असर दिखाई देने लगता है। किशोरावस्था (Teenage) मे नए दोस्त बनाते है, नई संगती में रहना पसंद करने लगते है। जहा दोस्तों के बीच हजारो बाते होती है, जो घर पर नही बताई जा सकती। इसके अलवा भी इन्टरनेट और mobile phone हर किशोरों (teenager) की पहली जरूरत बन गयी है। धीरे – धीरे लड़के और लडकिया बॉयफ्रेंड (Boyfriend) और गर्लफ्रेंड (Girlfriend) के चक्कर में पड़ने लगते है, जिनसे वह अपने मन की, अपने दिल की हर एक बात शेयर कर सके। हालाँकि यह बात दोस्तों से भी की जा सकते है, लेकिन दोस्ती से भी ऊपर का रिश्ते मानते है बॉयफ्रेंड और गर्लफ्रेंड के रिलेशनशिप (Relationship) को, और इसी को प्यार (love) का नाम दे दिया जाता है। अकसर स्कूल के बाद कॉलेज लाइफ में यह देखा जाता है की, माँ – बाप का ध्यान हालका सा अपने बच्चो की ओर कम होने लगता है। या ये भी कहे सकते है कि, कॉलेज लाइफ में लड़के और लडकियों में मचुरिटी (maturity) का वास पूर्ण तरीके से हो जाता है। और वह अपने कैरियर (career) की तरफ पहला कदम ले रहे होते है| जिसे देख पेरेंट्स निश्चिंत हो जाते है। अधिकतर लड़के – लडकिया अपने कैरियर पर फोकस के साथ साथ अपने रिलेशनशिप (relationship) पर भी पूरा ध्यान देते है। रिलेशनशिप भी आज के समय में दो तरीके की हो गयी है| एक वो है जिसे हकीकत में प्यार कहा जाता है तो दूसरा सिर्फ जिस्म की नुमाइश होता है| लिव इन रिलेशनशिप (Live in relationship)

क्या होता है प्यार और लिव इन रिलेशनशिप??
प्यार वह होता है, जो माँ बाप बच्चे से करते है। पति – पत्नी एक दूसरे से करते है| लेकिन युवा पीढ़ी का प्यार भी गलत नही कहा जा सकता। कई रिलेशनशिप (relationship) ऐसे भी देखे गये है, जो अपन प्यार और रिश्ते के बारे में अपने घर पर बताने की हिम्मत भी जुटते है, और घरवाले मान भी जाते है, और यह रिलेशनशिप शादी (marriage) में बदल भी जाते है, जिसकी डोर जन्म – जन्म के लिए मजबूत हो जाती है। और पति – पत्नी (husband – wife) के रिश्ते में बंधकर दोनों एक दुसरे के सुख दुःख अपनाते है और हमेशा एक दुसरे का साथ देते है। इसे सच्चा और सफल प्यार कहा जाता है, और साथ ही दोनों परिवारों की इज्ज़त भी समाज में बनी रहती है। इस प्यार के अलावा एक और भी प्यार होता है, जो कुछ हद तक दिल से भी होता है, लेकिन दो प्यार करने वाले लोगो की मजबूरियां उन्हें अपने रिश्ते (relation) को खत्म करने पर मजबूर कर देती है। तो कपल्स केवल लिव इन रिलेशनशिप (Live in relationship) में आने के लिए झूठे प्यार का दिखावा करते है। कुछ दिन कपल्स एक दुसरे की हद से ज्यादा केयर करती है, और दिन रात एक दुसरे से प्यार की बाते करते है, मरने तक साथ रहने की बाते तक करते है, एक दुसरे के साथ समय व्यतीत करते है, और कुछ तो उपहार (gift) तक देना पसंद करते है। और लड़की को एहसास दिलवाते है की, वह उसके साथ हमेशा रहेगा, हर सुख दुःख में भी साथ निभायंगे, और कसम तक लेते है कि, शादी भी उसी लड़की से करंग। हर हाल में अपनी फॅमिली (family) को उस लड़की के लिए मना लेंगे। लेकिन रिलेशनशिप के दौरान लडको को लड़की के पास आने की इच्छा होती है, जिसके लिए वह अपने पार्टनर को हग और किस के लिए अक्सर मना लेते है। हालाँकि हग और किस आज के समय में कोई बड़ी बात नही रही है। हर Yuva इसे आज नोर्मल ही मानते है। कुछ लड़के होते है जो इन्ही सबके चलते अपने पार्टनर का फायदा उठाने लगते है, हालाँकि उन्हें ट्रीट बिलकुल उनकी वाइफ (wife) की तरह ही करते है। अपनी पार्टनर (Partner) को अच्छी तरह से यही एहसास करवाते है, की वह उनकी जान है, उनका प्यार और उनकी वाइफ है। यहाँ तक की केयर (care) भी एक पति – पत्नी के रिश्ते वाली करते है।

इसी केयर और प्यार के आगे लड़कियां भी अपने पार्टनर (Partner) से दिल से प्यार करने लगती है साथ ही उन्हें अपना पति मानने लगती है। रिसर्च के दौरान यही पता चलता है की, यही से 70 प्रतिशत लडकियों की बरबादी की शुरुआत होने लगती है। अपने पार्टनर को पति के रूप में स्वीकार करने के बाद लड़के उनसे फिजिकल टच (Live in relationship) में आने के लिए कहते है। लड़की के मना करने पर वह उसे प्यार का वास्ता देता है, और कहते है, की वह उसकी वाइफ है और उसका पूरा हक़ भी है। भारत देश में शादी से पहले ही फिजिकल टच (Physical Touch) में आना समाज में नही माना जाता। लेकिन कई बार होर्मोनालं चेंजेस (Hormonal Changes) के दौरान यह स्वाभाविक भी हो जाता है और कभी – कभी कुछ प्रोब्लेम्स के कारण भी मजबूरी में फिजिकल टच में लड़की को आना पड़ता है। लेकिन इसका मतलब ये नही होता की लड़की अपनी मर्ज़ी है फिजिकल टच के लिए तैयार है। क्योकि उसे प्यार का वास्ता दिया गया ही, या फिर उसे मानसिक रूप (Mentally ill) से भी टॉर्चर (torture) किया जाता है। लेकिन कभी – कभी ऐसे सिचुएशन भी देखी गयी है कि, दोनों ही पार्टनर शादी से पहले दोनों ही पार्टनर फिजिकल टच में आना नही चाहते मगर कुछ फिजिकली इशू के कारण उन्हें यह कदम उठाना पड़ता है। लेकीन इस केस में मानसिक रूप से भी टॉर्चर करना कहना सही नही होगा।

एक बार टच में आने के बाद उनके पार्टनर द्वारा लड़की को काफी फ़ोर्स किया जाता है। तो कभी लड़की को ब्लैकमेल (blackmail) किया जाता है। अपनी पार्टनर को यूज करने बाद उनसे बदतमीजी (disrespect) से भी पेश आते है। असल में ऐसे लड़के आपनी पार्टनर को सेक्स (sex) करने के लिए केवल एक खिलौना (toy) समझते है। तो कभी लड़की से तंग आकर उसे छोड़ दिया जाता है। इनके अलावा भी कपल्स ऐसे है, जो लिव इन रिलेशनशिप (Live in relationship) में तो जरुर है, लेकिन अपने पार्टनर्स को आपनी वाइफ मानकर ही ट्रीट करते है। साथ रहते है, साथ ही पढाई भी करते है, और साथ ही जॉब भी करते है। साइकोलोजी (psychology) के अनुसार ऐसे कपल्स (couples) शादी बेशक नही करते लेकिन पति पत्नी के हक़ से रहते और इनके बच्चे भी होते है, तो ये कपल्स शादीशुदा ही माने जाते है। फिर चाहे समाज कुछ भी बोले। यह लिव इन रिलेशनशिप (Live in relationship) लॉन्ग टर्म रिलेशनशिप (Long Term Relationship) में बदल जाती है।

Live in relationship का अर्थ है कि, अपना सब कुछ छोड़ के अपने पार्टनर के साथ फिजिकल टच में रहना यानि के शादी के पहले ही अपने बॉयफ्रेंड के साथ फिजिकल टच में रहना| हालाँकि लिव इन रिलेशनशिप ज्यादा समय तक नही चलते। आये दिन की लड़ाई झाद्गे और लोगो की बात ऐसे कपल्स (couples) को नही साथ नही रहने देती। फ़ोर्स लड़की को उसका पार्टनर करता है, लेकिन ताने उसे ऐसे मिलते है, जैसे की लड़की ने अपने लिए अपनी लाइफ बर्बाद की है। और अगर गलती से भी लड़की प्रेग्नेंट (pregnant) हो जाती है, तो दुःख सुख में साथ रहने की बात करने वाला उसका वही पार्टनर उस लड़की को गिरी हुई घटिया बातें सुनाता है, और उसे मरने के लिए छोड़ देता है। मानसिक संतुलन (mentally disabled) खो बैठी उस लड़की के पास मरने के अलावा कोई चारा नही बचता। दुनिया की सुन्नी, माँ – बाप के ताने इन सबको झेलने (tolerate) की हिम्मत टूट जाती है। जब साथ देने वाला ही नही धोखा दे जाए तो जीने का क्या मतलब। लडकियों को इस सोच को बदल कर यह सोचना चाहिए की वह आगे से कभी यह गलती न करे और जल्दी से जल्दी इस सदमे से भर निकलने हालंकि एसा करना बेहद मुश्किल होता। लिव इन रिलेशनशिप (Live in relationship) जैसी घटना के बारे में फॅमिली को पता चलना किसी पहाड़ से कम नही है। जिन माँ – बाप ने अच्छा जीवन दिया उन्हें की इज्ज़त उनके बेटी की वजह से मिटटी में मिल जानी बेहद शर्म की बात है। यह तक की इस घटना के बाद भी अधिकतर पेरेंट्स भी अपनी बेटी का साथ छोड़ देते है।

लिव इन रिलेशनशिप में लड़की की गलती हमेशा निकाली जाती है, जबकी लड़की से ज्यादा इसमें लड़के की गलती होती है, जो लड़की की विर्जिनिटी (virginity) को खिलौना समझकर अपनी हावस का शिकार बना लेती है। जबकी खुद की बहन किसी लड़के के साथ भी दिखाई दे जाए तो उसे घर की इज्ज़त और मर्यादा के बारे याद दिला दिया जाता है। लेकिन खुद यह भूल जाते हैं की खुद ने भी किसी की जिन्दगी अपनी गिरी हुई हवस के लिए बर्बाद कर दी है| खुद शादी से पहले किसी की विर्जिनिटी (virginity) से खलने में शर्म नही आती, लेकिन शादी के लिए लड़की ऐसी चाहिए जो विर्जिन हो और बिना बॉयफ्रेंड की हो।
आज हर कपल के लिए यह समझना जरूरी हो गया है, की प्यार वो नही जिसमे शादी का झांसा देकर अपनी पार्टनर को यूज कर लिया और फिर गाली गलोच (abuse) करके छोड़ दिया जाये। यूज करने के बाद तो एक लड़की की जिंदगी खत्म ही है, लेकिन उसके साथ उसकी फॅमिली भी कही की नही रहे जाती। जब एक लड़का खुद विर्जिन वाइफ चाहता है, तो फिर किसी और के साथ घिनोनी हरकते क्यों?? खुद के माँ – बाप की इज्ज़त की इतनी फिकर है, अपनी बहन की सुरक्षा की इतनी ही चिंता है, तो फ़िर दुसरे की लड़की को यूज करके फॅमिली एक्सेप्ट नही करेगी, मेरे भाई – बहन का क्या होगा तुमसे शादी करूंगा तो, दूसरा धर्म, या दूसरी कास्ट माँ बाप को खो देने का डर ये सब बाहने बनाकर छोड़ दिया जाता है, सिर्फ इसलिए की मन भर गया|, अब दूसरी मिल जयगी, या अब शादी करूंगा इसलिए। यही सब ड्रामे अगर पहले याद आ जाते या जब लड़की हज़ार बार टच (touch) में ना आने की भीख मांगती रही तब फ्यूचर की याद नही आई, तब सिर्फ याद रहा तो केवल अपना झूठा हक़, झूठा प्यार और हवस। सिर्फ इसलिए की मन भर गया|, अब दूसरी मिल जयगी, या अब शादी करूंगा इसलिए। अपनी बहन का हमेशा याद रहता है, की वह किसी की बेटी है, किसी की बहन है, इज्ज़त है परिवार है। और दुसरे की बेटी एक खिलौना (toy) जब मन में आया मन बहला लिया मन भर गया तो फेंक दिया।

लिव इन रिलेशनशिप के Impact और कैसे किया जा सकता है, इससे बचाव।
1. लिव इन रिलेशनशिप में आने के लिए जब भी आपका पार्टनर आपको फ़ोर्स (force) करे या आपसे कहे की वह आपको वाइफ समझते है, तब भी आप मना कर दीजिये।
2. अगर आपके पार्टनर आपको सच में वाइफ समझते है, तो वह आपको शादी से पहले कुछ भी करने के लिए फ़ोर्स नही करंगे।
3. फिजिकल रिलेशनशिप (Physical Relationship) में आने के बाद भी अगर आपके पार्टनर आपका साथ देते है, आपसे ही बिना बहाना किये शादी भी कर लेते है, तो कोई खास परेशानी नही है। हालाँकि आप तब भी आप अपने पेरेंट्स को धोखा देकर उनका विश्वास तोड़ रहे है, जो की गलत है।
4. Physical Relationship में आने के बाद बहुत ही कम युवक और युवतिया है, जो शादी कर लेते है। वरना अकसर लड़के अपनी गर्लफ्रेंड को छोड़ देते है। और बाद में गलती हमेशा लड़की की बताई जाती है।
5. इसलिए कुछ दिन के प्यार के लिए ऐसा न करे की बाद में सारी जिन्दगी पछताना पड़े।

Live in relationship के क़ानूनी नियम (Legal Rules)
भारत में लिव इन रिलेशनशिप के लिए कुछ कानूनी नियम भी बनाये गये है। जिसका पालन करके कपल्स साथ रहे सकते है। युवक और युवती अगर साथ रहना चाहते है, तो सुप्रीम कोर्ट के इन चार नियमो का पालन करना अति आवश्यक है। अन्यथा यह गैर – क़ानूनी (Illegal) माना जाता है। हालांकि इसे भारतीय समाज ने अभी तक मान्यता (recognition) नही दी है, जिसकी कारण आज भी ऐसे कपल्स (couples) को सही द्रष्टि से नही देखा जाता। जबकि यह युवाओं के बीच काफी प्रचलन में है।
1. फिजिकल टच (physical touch) में रहने वाले युवक और युव्व्ती को पति – पत्नी (husband – wife) की तरह रहना होगा।
2. शादी के लिए क़ानूनी (Legal) तौर पर तय की गयी उम्र लड़के और लड़की दोनों की ही होनी चाहिए।
3. दोनों ही युवक और युवती अविवाहित (unmarried) होने चैये तभी दोनों क़ानूनी तौर पर साथ रहे सकते है।
4. Live in relationship में रहने वाले कपल को काफी लम्बे समय तक साथ रहना होगा।

Live in relationship का मतलब ही यही होता है, की लड़का और लड़की दोनों अविवाहित (unmarried) रूप से लम्बे समय (long term) तक पति पत्नी बनकर साथ रहे। ऐसे रिलेशनशिप में यह जरूरी नही होता की वह किसी भी रिश्ते को बोझ समझे। वह पूर्ण रूप से हर रिश्ते को आपनाने या अपनाने की आज़ादी में रहते है। साथ ही अपने पार्टनर को और अच्छी तरीके से समझते भी है। कुछ वर्षो पहले भी लाइव इन रिलेशनशिप के मुद्दे पर काफी विवाद हुआ था, जिसके चलते सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने यह फैसला सुनाया था।

Yuvapress लिव इन रिलेशनशिप (Live in relationship) के माध्यम से केवल यही बताना चाहती है, की हर लड़की अपने घर परिवार की इज्ज़त होती है, जब आप अपनी बहन (sister) के साथ गलत होते नही देख सकते तो किसी और की बेटी की इज्ज़त भी खराब मत करिए। वो लड़की मानसिक तनाव (tension) में आकर अपने आप ख़त्म तो जरुर कर लेगी लेकिन हर दिन आपने पीछे अपने माँ – बाप पूरी फॅमिली को पल पल तड़पकर मरने के लिए छोड़ कर चली जायगी जब आप अपनी बहन की सुरक्षा (safety) का पूर्ण ध्यान रख सकते है, तो दुसरे की बेटी का भी रखिये। लड़के की गलती किसी भी लड़की के सिर पर डाल देना कही की समझदारी नही है, हो सकता है, आपके बेटा न होकर बेटी हो और आपकी आज की गलती कल आपकी बेटी के साथ न दोराई जाये, इसलिए लड़की की इज्ज़त (respect) कीजिये।

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