संकट में शत्रु : लखनऊ पहुँचते ही भूल गए ‘हाथ’, सपाई पत्नी का दिया साथ, तो कांग्रेस प्रत्याशी ने जताया ऐतराज़

कुछ दिन पहले ही कांग्रेस का हाथ थामने वाले ‘बिहारी बाबू’ यानी फिल्म स्टार शत्रुघ्न सिन्हा गुरुवार को अपनी ही धर्मपत्नी पूनम सिन्हा का चुनाव प्रचार करके राजनीतिक चक्रव्यूह में फंस गये। पिछले दिनों दिल्ली में जोर-शोर से कांग्रेस का हाथ थामने वाले शत्रुघ्न लखनऊ पहुँचते ही भूल गए कि वे कांग्रेस नेता और पटना साहिब से उम्मीदवार भी हैं। लखनऊ पहुँचते ही शत्रुघ्न ने समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी व अपनी पत्नी पूनम सिन्हा के प्रचार अभियान में भाग लिया। अब तक भी शत्रुघ्न को यह एहसास नहीं था कि उनके इस कदम का कोई विरोध करेगा। शत्रुघ्न शायद पत्नी के चक्कर में यह भूल ही गए कि लखनऊ में उनकी पार्टी यानी कांग्रेस का भी उम्मीदवार है, जो न केवल भाजपा, अपितु सपा के विरुद्ध भी चुनाव लड़ रहा है।

लखनऊ में पत्नी पूमम सिन्हा का प्रचार करते शत्रुघ्न सिन्हा। साथ में हैं डिम्पल यादव।

दरअसल शॉटगन के नाम से मशहूर शत्रुघ्न सिन्हा की पत्नी पूनम सिन्हा ने समाजवादी पार्टी (सपा-SP) की ओर से लखनऊ में पर्चा दाखिल किया है और इस मौके पर रोड शो भी किया, जिसमें पत्नी का प्रचार करने के लिये शत्रुघ्न सिन्हा भी उनके साथ जुड़े, इससे लखनऊ से ही कांग्रेस के प्रत्याशी आचार्य प्रमोद कृष्णम भड़क गये और उन्होंने शत्रुघ्न सिन्हा को पार्टी लाइन में रहने तथा पार्टी धर्म निभाने की नसीहत दे डाली।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के काम करने के तरीके को लेकर नाराजगी व्यक्त करने और पार्टी के अनुशासन को भंग करके सार्वजनिक रूप से वक्तव्य देने के कारण भाजपा और शत्रुघ्न सिन्हा के बीच सम्बंधों में तनाव पैदा हो गया था। इसी बीच लोकसभा चुनाव 2019 के लिये भाजपा ने पटना साहिब लोकसभा सीट से शत्रुघ्न सिन्हा का पत्ता काटकर केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद को टिकट दिया तो शत्रुघ्न सिन्हा ने भाजपा का दामन छोड़कर कांग्रेस का हाथ थाम लिया और कांग्रेस ने उन्हें इसी पटना साहिब लोकसभा सीट से भाजपा के विरुद्ध प्रत्याशी बना दिया।

भाजपा से रिश्ता टूटने के बाद एक ओर जहां शॉटगन कांग्रेस में शामिल हुए, वहीं दूसरी ओर उनकी पत्नी पूनम सिन्हा समाजवादी पार्टी में शामिल हो गईं। सपा ने उन्हें लखनऊ लोकसभा सीट से सपा-बसपा और आरएलडी के महा गठबंधन की प्रत्याशी बनाया तो पूनम सिन्हा ने गुरुवार को रोड शो किया और अपना नामांकन पत्र भरा। पत्नी का साथ देने के लिये कांग्रेसी शत्रुघ्न सिन्हा समाजवादी पार्टी की साइकिल पर सवार दिखाई दिये तो उन पर राजनीतिक सवालों की झड़ी लग गई।

सबसे ज्यादा नाराज हुए लखनऊ से कांग्रेस के प्रत्याशी आचार्य प्रमोद कृष्णम। उनका कहना था कि शत्रुघ्न सिन्हा को पार्टी लाइन का पालन करना चाहिये था और पार्टी धर्म निभाना चाहिये था। उनके कहने का अर्थ यह था कि शत्रुघ्न सिन्हा को समाजवादी पार्टी की उम्मीदवार पूनम सिन्हा की बजाय कांग्रेस प्रत्याशी आचार्य प्रमोद कृष्णम के लिये प्रचार करना चाहिये था।

लखनऊ से कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद कृष्णम।

आपको बता दें कि लखनऊ सीट 1991 से भाजपा का गढ़ बनी हुई है। यहां भूतपूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी 1991,1996, 1998, 1999 और 2004 में लोकसभा चुनाव लड़े थे और जीते थे। इसके बाद 2009 में यहां से भाजपा के लालजी टंडन चुनाव जीतकर लोकसभा पहुँचे थे। 2014 में केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह चुनाव लड़े थे और कांग्रेस की रीता बहुगुणा जोशी को पौने तीन लाख से ज्यादा मतों से हराकर लोकसभा पहुँचे थे। सपा-बसपा के प्रत्याशी यहां कभी सफल नहीं हो सके हैं।

इस बार लखनऊ में भाजपा के राजनाथ सिंह के विरुद्ध कांग्रेस के आचार्य प्रमोद कृष्णम चुनाव लड़ रहे हैं और समाजवादी पार्टी ने पूनम सिन्हा को चुनाव मैदान में उतारा है। यह तीनों ही उम्मीदवार बाहरी हैं। राजनाथ सिंह चंदौली के हैं, तो कृष्णम संभल के हैं और पूनम सिन्हा पटना की हैं। इस बार भी यहां भाजपा का ही पलड़ा भारी लग रहा है।

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