माँ दुर्गा का नवरात्रे में छठा सवरूप – माता कत्यानी (Maai Katyani)

Maa Katyani

Maa Katyani

नई दिल्ली: आज नवरात्री का 6वा दिल है इस दिल मां माता कत्यानी (Maa Katyani) की पूजा की जाती है। हिन्दू धर्म का दिवाली के साथ साथ नवरात्री भी बहुत श्रद्धा और उत्साह से मनाया जाता है, फिर चाहे वो चैत्र नवरात्रे हो या फिर, सरदिये नवरात्रे। नवरात्रे में नौ दिनों तक माँ दुर्गा की पूजा की जाती है। इन नौ दिनों में माँ दुर्गा के अलग अलग नौ स्वरूप होते हैं। माँ दुर्गा ने दानवों से देवताओं का राज पाठ छीन जाने पर अपने नौ रूप धारण करके देत्यो का संहार किया था, और सभी देवताओ को उनका राज पथ वापस दिलवाया था। यह युद्ध नौ दिनों तक चला था, इसलिए माँ दुर्गा (Maa Durga) के इन नौ दिनों को नवरात्री कहा जाता है।

दुर्गा माता की पूजा घर पर मंदिरों में कलश स्थापना और खैत्री माता बिज कर  की जाती है। नौ दिन की पूजा में आठ दिन का उपवास रख कर नौवे दिन कंजक बैठाई जाती है, जिसमें छोले, हलवा और पूरी का प्रशाद बनाकर कंजको को भोजन खिलाया जाता है।

आज 23 मार्च 2018 (शुक्रवार) नवराति का छठा दिन है। इस दिन दुर्गा माँ के षष्ठी स्वरूप कत्यानी माता की पूजा की जाती है।

माँ दुर्गा  (Maa Durga) का छटा रूप है, माता कत्यानी (Maa Katyani) । इनकी इच्छा के अनुसार महर्षि कात्यन की कठोर तपस्या करने क बाद इनका यहाँ पुत्री का जन्म हुआ था, इसलिए इन्हें कात्यानी देवी कहा जाता है।

कात्यानी माता (Maa Katyani)  का स्वरूप अत्यंत दिव्य ओर स्वर्ण के समान प्रतीत होता है। इनका वाहन ‘सिंह’ होता है। इनके एक हाथ अभय मुद्रा में है, तो दूसरा हाथ वर मुद्रा में होता है, बाकी के दो हाथो में कमल का फूल और तलवार विराजमान होता दिखाई देता  है।

इनकी पूजा करने से वरदान प्राप्ति होती है, और मोक्ष चारो फल प्रदान करती है और इनके भक्त साधक शोक, डर से मुक्त हो जाते हैं। आय के साधानो मे वृद्धि होती है ओर बेरोज़गारो को रोज़गार मिलता है। इस दिन प्रसाद के रूप में शहद का उपयोग करना अच्छा होता है।

इनका उपासना मन्त्र  होता है,

चंद्र हासोज्ज वलकरा शार्दू लवर वाहना|

कात्यायनी शुभं दद्या देवी दानव घातिनि||

जय माता दी।

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