अब टीबी से पीड़ित मरीजों को अस्पताल पहुंचाने पर मिलेगा एक हजार

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TB Abolition campaign

मधेपुरा: सोमवार यानी बिती कल TB Abolition campaign के अंतर्गत सिविल सर्जन डॉ. गदाधर प्रसाद पांडेय की अध्यक्षता में कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला के आयोजन के दौरान यक्ष्मा विभाग के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. माधवेश्वर झा और WHO, पटना के डॉ. कुमार गौरव ने कहा कि 2025 तक हर हाल में अपना देश से टीबी का पूर्ण उन्मूलन हो जाएगा।

हांलांकि सरकार ने यह पूर्ण उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया है जिसके आधार पर हमसभी कार्य कर सकते हैं। कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. माधवेश्वर झा और WHO, पटना के डॉ. कुमार गौरव का कहना है कि आइएमए के चिकित्सक दल एवं WHO में लगे कर्मियों से कार्यक्रम सफल बनाने की अपील की। इस बीच TB Abolition campaign को गति प्रदान करने के लिए विभाग ने सभी टीबी सुपरवाईजर एसटीएस एवं एसटीएलएस को टैबलेट मुहैया कराया है। जिससे क्षेत्र में जांच के दौरान टीबी मरीज चिन्हित होने पर अविलंब मरीज का पूर्ण विवरण वेबसाईट पर अपलोड किया जा सके।

इतना ही नहीं इसके अलावे प्राइवेट दवा दूकानदार एवं थोक विक्रेता पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है कि टीबी की दवा बिक्री होने पर दुकानदार के द्वारा ग्राहकों की विवरणी एच-1 रजिस्टर पर अंकित की जा रही है कि नहीं। तत्काल जिले के सात दवा दुकानदार को एच-1 रजिस्टर विभाग के द्वारा उपलब्ध करा दी गई है। इस बीच अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि नये टीबी मरीज को पौष्टिक भोजन हेतु सरकार प्रत्येक माह पांच सौ रुपये भी देगी। जब तक दवा का सेवन मरीज करते रहेंगे। सरकार ने नये टीबी मरीज की पहचान कर स्वास्थ्य संस्थान पर पहुंचाने वाले व्यक्ति को एक हजार रुपये देने का प्रावधान किया है।

राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. माधवेश्वर झा और डब्लूएचओ, पटना के डॉ. कुमार गौरव ने कहा कि किसी भी चिकित्सक और सुपरवाईजर के द्वारा चिन्हित टीबी मरीजों का नोटिफिकेशन नहीं किए जाने की जानकारी विभाग को अगर प्राप्त होती है तो वैसे चिकित्सक व सुपरवाईजरों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उक्त कार्रवाई के तहत दो वर्ष सजा का प्रावधान भी सरकार ने गजट में कर रखा है। आयोजित किए गए इस कार्यशाला में अधीक्षक डॉ. शैलेन्द्र कुमार गुप्ता, उपाधीक्षक डॉ. अखिलेश कुमार, संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. एचएन प्रसाद, आइएमए सचिव डॉ. दिलीप कुमार सह, आइएमए उपाध्यक्ष डॉ. सच्चिदानंद यादव, डॉ. आलोक कुमार निरंजन, तकनीकी सलाहकार प्रभात पाण्डेय, डीएफआइटी प्रदीप कुमार, डॉ. फूल कुमार, डॉ. विपुल कुमार, डॉ. अंजनी कुमार के अलावे टीबी सुपरवाईजर, कर्मचारी मौजूद थे।

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