सहरुदा : उम्र 8 साल, पर हथौड़े से कम नहीं हैं हाथ, 20 मिनट में तोड़ीं 350 टाइल्स !

*ग्रीन बेल्ट सहरुदा के कराटे ने कर दिया कायल

* सहरुदा ने 2 वर्ल्ड रिकॉर्ड किए अपने नाम

रिपोर्ट : तारिणी मोदी

अहमदाबाद, 25 नवंबर, 2019 (युवाPRESS)। किसी भी अध्यापक या गुरु के लिए वह दिन सबसे विशेष होता है, जब उसे ही नहीं, अपितु उसके आदर्शों पर चल कर उसका कोई शिष्य ऐसा मुक़ाम प्राप्त करता है, जो एक अध्यापक अपने शिष्य को देना चाहता है। कहते हैं एक अच्छा गुरु ही एक शिष्ट विद्यार्थी की नींव रखता है। ऐसी ही एक गुरु हैं अश्विनी आनंद और उनकी 8 वर्ष की शिष्या है सहरुदा। जी हाँ सही पढ़ा आपने। केलव 8 वर्ष की सहरुदा, जिसने एक नहीं, अपितु दो वर्ल्ड रिकॉर्ड बनायें हैं। अश्विनी आनंद एक कराटे ट्रेनर और 2017 में वर्ल्ड चैंपियन (World Kickboxing and Karate Union) यानी WKU में सेकंड डिग्री ब्लैक बेल्ट विजेता रह चुकीं हैं। उनका कहना है, ‘मेरा उद्देश्य अधिक से अधिक लड़कियों और महिलाओं को ट्रेंड करना है। सहरुदा की अभी शुरुआत है। सहरुदा विश्व चैंपियनशिप और दूसरी प्रतियोगिताओं के लिए तैयारी कर रही है। आशा है कि आने वाले समय में सेल्फ डिफेंस प्रत्येक बच्चे के लिए महत्वपूर्ण हो जाएगा।’

8 वर्ष की पीडीवी सहरुदा हैदराबाद में वेस्ट मेरिडपल्ली के गीतांजलि हाई स्कूल में कक्षा 3 में पढ़ती है। एलीट वर्ल्ड रिकॉर्ड्स एलएलसी, यूएसए (Elite World Records LLC, USA) द्वारा मान्यता प्राप्त दो विश्व रिकॉर्ड बनाये हैं। उसने 20 मिनट 102 ओरिगामी मॉडल और 350 सिरेमिक टाइल्स तोड़ कर बनाये। इससे पहले यह रिकॉर्ड नॉर्थ कोरिया की एक महिला खिलाड़ी के नाम था, जिसने 20 मिनट में 262 टाइल्स तोड़ी थीं। सहरुदा इस प्रतियोगिता को जीतने के लिए 1 वर्ष से अभ्यास कर रही थी। सहरुदा ने कहा, ‘मैं 3 विश्व रिकॉर्ड बनाने की कोशिश कर रही थी, परंतु 2 ही बना पाई है। इससे पहले मैं कई राष्ट्रीय रिकॉर्ड बना चुकी हूँ।’

सहरुदा की माँ पीएसवी शैलजा का कहना है, ‘सहरुदा की एक अच्छी याददाश्त वाली ज़ुनूनी बच्ची है। वह जो भी करती है, उसमें सर्वश्रेष्ठ बनने का प्रयास करती है। उसे कराटे में ग्रीन बेल्ट मिला है। प्रतियोगिता जीतने के लिए वह अपनी ट्रेनर के साथ 5-5 घंटे अभ्यास किया करती थी, जिसमें वह प्रतिदिन 5 मिमी मोटी सिरेमिक टाइल्स तोड़ती थी। उसके जैसे धैर्य और ध्यान का प्रदर्शन करने वाली बच्ची मैंने नहीं देखी।’

यह कार्यक्रम पिछले महीने हैदराबाद के एक होटल में आयोजित किया गया था। सहरुदा का कहना है, ‘मुझे माँ ने ओरिगेमी में प्रशिक्षित किया था और रिकॉर्ड बनाने के पीछे का विचार प्लास्टिक मुक्त समाज के संदेश को फैलाना था।’ 102 ओरिगेमी मॉडल के टाइल्स केवल कागज़ और बिना गोंद के उपयोग के बनाये गये थे। सहरुदा ने अपने शिक्षाविदों से समझौता किए बिना भी कई गतिविधियों में भाग लिया है। वह पेंटिंग, एथलेटिक्स, भरतनाट्यम, कुचिपुड़ी, स्कैटिंग, अबेकस, रोबोटिक्स और बैले क्लासेज़ सीखती हैं। सहरुदा बड़ी होकर एक अंतरिक्ष यात्री बनना चाहती हैं और मंगल जैसे अनदेखे चार्टरों के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की प्रमुख विज्ञानी बनना चाहती हैं। साथ ही वह टेनिस की एक पेशेवर खिलाड़ी भी बनना चाहती हैं।

You may have missed