लिपि से लुकाछिपी असंभव : मिलिए बाहूबली MLA अनंत की हेकड़ी निकाल देने वाली LADY SINGHAM से !

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अहमदाबाद 23 अगस्त, 2019 (युवाPRESS)। पिछले कुछ दिनों से बिहार फिर एक बार चर्चा में है। चर्चा का कारण है बाहूबली निर्दलीय विधायक अनंत सिंह उर्फ छोटे सरकार, जो अवैध गतिविधि नियंत्रण अधिनियम (UAPA) के तहत मामला दर्ज होने के बाद फरार हो गए थे और शिकंजा कसने के बाद उन्होंने आत्म-समर्पण कर दिया है, परंतु क्या आप जानते हैं कि इस बेकाबू और बाहूबली विधायक पर नकेल कसने का काम किसने किया है ? इस महिला पुलिस अधिकारी का नाम है लिपि सिंह, जो अब तक 700 अपराधियों को जेल की सलाखों के पीछे भेज चुकी हैं। एके-47 और कारतूस की बरामदगी के बाद फरार हो जाने वाले अनंत सिंह ने यदि आज दिल्ली स्थित साकेत कोर्ट में सरेंडर किया है, तो इसके पीछे भारतीय पुलिस सेवा (IPS) की अधिकारी लिपि सिंह की कड़ी और महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

कुछ समय पहले तक बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार के निकटस्थ सांसद रामचंद्र प्रसाद सिंह यानी आर. सी. पी. सिंह की बेटी के रूप में पहचान रखने वालीं लिपि सिंह बहुत कम समय में एक सख्त आईपीएस अधिकारी के रूप में उभरी हैं। आरसीपी सिंह जनता दल (युनाइटेड) यानी जेडीयू-JDU के नेता हैं और बिहार से राज्यसभा के सांसद हैं, परंतु उनकी बेटी लिपि सिंह राजनीति में नहीं, अपितु पुलिस सेवा में हैं।

2016 बैच की आईपीएस अधिकारी लिपि सिंह वर्तमान में पटना जिले के बाढ़ सब डिवीज़न की सब डिवीज़नल पुलिस अधिकारी (SDPO) के रूप में कार्यरत् हैं। यद्यपि मोकरमा विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय विधायक अनंत कुमार सिंह के यहाँ छापेमारी से पहले लिपि सिंह इतनी चर्चा में नहीं थीं और उन्हें भी कई बार नेताओं की नाराज़गी और तबादलों के दौर से गुज़रना पड़ा था, परंतु जब से वे बाढ़ की एसडीपीओ के रूप में पुन: नियुक्त हुईं, उन्होंने अपराधियों के विरुद्ध मोर्चा ही खोल डाला।

अनंत की पत्नी के कारण हुआ था तबादला

लिपि सिंह की सर्वप्रथम नियुक्ति लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान बाढ़ एसडीपीओ के रूप में की गई थी, परंतु तब अनंत की पत्नी नीलम देवी की एक शिकायत पर लिपि को बाढ़ एसडीपीओ पद से हटा दिया गया था। अनंत की पत्नी नीलम मुंगेर लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी थीं और उन्होंने चुनाव आयोग (EC) से लिपि के विरुद्ध शिकायत की थी, जिसके बाद लिपि को बाढ़ एसडीपीओ पद से स्थानांतरित कर आतंक निरोधी दस्ते (ATS) में सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP) के रूप में नियुक्त कर दिया गया था। यद्यपि चुनाव समाप्त हुए और बिहार सरकार ने पुन: लिपि को बाढ़ की एसडीपीओ के रूप में नियुक्त कर दिया।

बाढ़ में आते ही अपराधियों के विरुद्ध आई बाढ़

लिपि सिंह ने फिर एक बार बाढ़ में एसडीपीओ नियुक्त होते ही अपराधियों के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया। अपने दूसरे कार्यकाल में उन्होंने सबसे पहले बाहूबली विधायक अनंत सिंह के विरुद्ध अभियान छेड़ा। लिपि ने सबसे पहले तो अनंत के साथियों पर नकेल कसी और उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की।

इसके बाद लिपि और पटना जिला पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) यानी पटना SP कौंतेश कुमार मिश्रा की टीम ने बाढ़ सब डिवीज़न के अंतर्गत पड़ने वाले लदमा गाँव में अनंत कुमार सिंह के पैतृक निवास पर गत शुक्रवार को छापेमारी की। इस छापेमारी के दौरान पुलिस को अनंत के घर से एके-47 सेमी ऑटोमैटिक राइफल, दो हथगोले और 26 जीवित कारतूस बरामद हुए। हालाँकि पुलिस की छापेमारी से पहले ही अनंत कुमार सिंह फरार हो गए, जिन्होंने 7 दिन में ही आज सरेंडर कर दिया।

अब तक 700 अपराधियों को जेल भेजा

ऐसा नहीं है कि लिपि सिंह ने केवल अनंत सिंह के विरुद्ध ही अभियान छेड़ा है। बाढ़ एसडीपीओ के रूप में पहले कार्यकाल और दूसरे कार्यकाल के दौरान वे अब तक 700 अपराधियों को जेल की सलाखों के पीछे भेज चुकी हैं। लिपि के नेतृत्व में पुलिस ने कई अवैध हथियार जब्त किए हैं। लिपि सिंह कहती हैं, ‘मुझे किसी भी शख्स के राजनीति से जुड़े होने से कोई लेना देना नहीं है। मैंने सबूतों के आधार पर कार्रवाई की और अनंत इससे बच नहीं सकते थे।’

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