किसानों के लिए गेहूँ नहीं बनेगा ‘घाव’, मोदी सरकार के इस बड़े फ़ैसले से देशी को मिलेगा और विदेशी का बढ़ेगा ‘भाव’ !

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार ने देश में गेहूँ की खेती करने वाले किसानों को फायदा कराने के लिये एक बड़ा कदम उठाया है। केन्द्र सरकार के वित्त मंत्रालय की ओर से जारी एक अधिसूचना के मुताबिक विदेशों से गेहूँ आयात करने पर अब 10 प्रतिशत आयात शुल्क बढ़ा दिया गया है। इसी के साथ यह आयात शुल्क अब बढ़कर 30 से 40 प्रतिशत हो गया है।

मोदी सरकार के इस कदम से देश के व्यापारी बाहर से गेहूँ आयात करने से बचेंगे और स्वदेश में ही किसानों से गेहूँ खरीदेंगे, जिससे किसानों को फायदा होगा। इतना ही नहीं, केन्द्र सरकार ने गेहूँ का नया समर्थन मूल्य भी घोषित किया है और इस नये मूल्य से गेहूँ की खरीद भी शुरू कर दी गई है।

केन्द्र सरकार के कृषि मंत्रालय का अनुमान है कि इस साल देश में गेहूँ का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ है। कृषि मंत्रालय ने इस साल देश में लगभग 10 करोड़ टन गेहूँ के उत्पादन का अनुमान लगाया है, जो अब तक का सर्वाधिक उत्पादन होगा। वहीं लगभग 15 करोड़ टन गेहूँ की खपत का भी अनुमान है। चूँकि वैश्विक बाजार में गेहूँ भारत के मुकाबले सस्ता है, इसलिये समुद्री किनारे वाले राज्य उत्तरी भागों से गेहूँ खरीदने के बजाय विदेशों से आयात करना ज्यादा पसंद करते हैं, उनकी खरीद पर अंकुश लगाया जा सके, गेहूँ की खेती करने वाले लाखों किसानों को उनकी उपज का अच्छा दाम मिल सके, इस उद्देश्य से सरकार ने गेहूँ की आयात ड्यूटी में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी है। क्योंकि यदि बाहर से गेहूँ अधिक मात्रा में आयात होगा तो घरेलू बाजार में विदेशी गेहूँ की सप्लाई बढ़ सकती है और इससे घरेलू मंडियों में गेहूँ के भाव पर दबाव पड़ सकता है।

केन्द्र सरकार ने गेहूँ उत्पादक किसानों के हित में दो और कदम उठाये हैं। एक तो सरकार ने गेहूँ की खरीद के लिये समर्थन मूल्य की घोषणा की है, जो इस साल 1,840 रुपये प्रति क्विंटल रहेगा। पिछले साल यह दाम 1,735 रुपये प्रति क्विंटल था। इस प्रकार इस वर्ष सरकार ने समर्थन मूल्य 105 रुपये बढ़ाया है। इसके अतिरिक्त सरकार ने गेहूँ की अच्छी पैदावार को देखते हुए किसानों से कुल 10 करोड़ टन उत्पादन में से साढ़े तीन करोड़ टन गेहूँ खरीदने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

सरकार के इस फैसले के बाद 22 अप्रैल तक सरकारी एजेंसियों ने लगभग 55.17 लाख टन गेहूँ खरीद भी लिया है। इसमें सर्वाधिक हरियाणा से 28.54 लाख टन और मध्य प्रदेश से 18.89 लाख टन गेहूँ की खरीद की गई है। इसके अलावा पंजाब से 2.90 लाख टन, उत्तर प्रदेश से 2.78 लाख टन और राजस्थान से 1.97 लाख टन गेहूँ की खरीद की गई है। गुजरात में भी 1 अप्रैल से समर्थन मूल्य पर गेहूँ की खरीद शुरू की गई है। आने वाले समय में खरीद प्रक्रिया में और तेजी आएगी। पिछले साल भी सरकार ने 320 लाख टन के लक्ष्य के बावजूद 358 लाख टन गेहूँ की खरीद की थी।

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