मोदी की कश्मीर क्रांति : 370 और 35ए को ओढ़ा दिया ‘कफन’, धो दिया 65 साल पुराना ‘कलंक’ !

Written by

रिपोर्ट : कन्हैया कोष्टी

अहमदाबाद 5 अगस्त, 2019 (युवाPRESS)। नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार ने आज कश्मीर क्रांति का सूत्रपात कर दिया। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी-BJP) के एजेंडा के अनुरूप और पिछले चार-पाँच दिनों की अटकलों को सही सिद्ध करते हुए मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले संविधान की धारा 370 और उसके खण्ड (1) में शामिल अनुच्छेद 35ए के ताबूत में आख़िरी कील लगा दी। मोदी सरकार ने आज भारी हलचल के बीच कश्मीर में पिछले 65 वर्षों से लागू और कश्मीर के विकास, समानता और न्याय में सबसे बड़ी बाधा अनुच्छेद 370 और 35ए को समाप्त कर दिया।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडलीय सुरक्षा समिति (CCS) की बैठक के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में कश्मीर में लागू धारा 370 हटाने के मोदी सरकार के निर्णय की घोषणा की। विपक्ष के भारी हंगामे के बीच अमित शाह ने घोषणा की कि सरकार ने धारा 370 और उसके खंड (1) में उल्लेखित अनुच्छेद 35ए को समाप्त करने की अनुशंसा की है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की स्वीकृति मिलते ही जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाली धारा 370 और उसके अनुच्छेद 35ए समाप्त हो जाएँगी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले एक हफ्ते से कश्मीर को लेकर भारी हलचल थी। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोवाल के कश्मीर दौरे से लौटने के बाद पहले 10 हजार और फिर 28 हजार अतिरिक्त सुरक्षा जवानों की कश्मीर में तैनाती से ही ये अटकलें शुरू हो गई थीं कि मोदी सरकार कश्मीर में कुछ बड़ा करने वाली है। इसे लेकर कश्मीर में अलगाववादियों और राजनीतिक दलों नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के नेताओं फारूक़ अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और पीपल डैमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की नेता महबूबा मुफ़्ती तुरंत हरकत में आ गए। अलगाववादियों और राजनीतिक दलों के नेताओं में हड़कम्प मच गया।

कश्मीर में नेताओं की भगदड़ को देखते हुए और अशांति पैदा होने की आशंका के चलते मोदी सरकार ने रविवार आधी रात जम्मू-कश्मीर के तीनों पूर्व मुख्यमंत्रियों फारूक़, उमर और महबूबा को नज़रबंद कर दिया और दिल्ली में सोमवार को सुबह 11 बजे मोदी सरकार ने अपनी मंशा देश के सामने घोषित कर दी। इसके साथ ही कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बनने से रोकने वाली धारा 370 हटाने का मोदी सरकार ने सबसे बड़ा फ़ैसला ले लिया। गृह मंत्री अमित शाह ने इसकी राज्यसभा में घोषणा की।

गृह मंत्री की घोषणा के साथ ही कश्मीर में पिछले पैंसठ वर्षों से लागू धारा 370 समाप्त हो गई। वास्तव में भारत में जम्मू-कश्मीर के विलय की संवैधानिक प्रक्रिया पूरी करते समय गोपालस्वामी आयंगर ने संघीय संविधान सभा में धारा 360ए प्रस्तुत की थी, जो 25 जनवरी, 1957 को कश्मीरी संविधान भंग होते ही भारतीय संविधान में 370 के रूप में शामिल हुई। अनुच्छेद 35ए इससे पहले 14 मई, 1954 को ही संविधान में शामिल हो चुका था, जिसे 1957 में लागू हुई धारा 370 में जोड़ दिया गया।

Article Categories:
News

Comments are closed.

Shares