‘पैडमैन’ की भूमिका में मोदी सरकार : महिलाओं के लिये लाई ये ‘‘सुविधा’’

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रिपोर्ट : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 27 अगस्त, 2019 (युवाPRESS)। मोदी सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर उत्साही और जागरूक है। मोदी सरकार ने चूल्हा-चौका करने वाली महिलाओं को चूल्हे के धुँए से मुक्ति देने के लिये उज्जवला योजना के तहत रसोई गैस सिलिण्डर उपलब्ध कराये। इसी प्रकार तीन तलाक का दंश झेल रही मुस्लिम महिलाओं के लिये तीन तलाक प्रतिबंधक कानून लागू किया। कामकाजी महिलाओं के लिये मुद्रा योजना के तहत अपना कारोबार शुरू करने के लिये लोन देने की व्यवस्था की है और अब वही मोदी सरकार महिलाओं की स्वच्छता और स्वस्थता को लेकर ‘पैडमैन’ की भूमिका निभाने को आगे आई है। सरकार ने महिलाओं की हाइजीन समस्या को देखते हुए अब मात्र एक रुपये में सैनिटरी नैपकिन उपलब्ध कराई है।

क्या है मोदी सरकार का बड़ा फैसला ?

अभी तक ढाई रुपये प्रति पैड के हिसाब से 4 पैड वाला पैकेट 10 रुपये कीमत में मिलता था, परंतु मोदी सरकार ने इसकी कीमत प्रति पैड 1 रुपये कर दी है। इससे अब सैनिटरी नैपकिन के 4 पैड का पैकेट मात्र 4 रुपये में मिलेगा। रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री मनसुख मांडविया ने बताया कि सरकार ने 27 अगस्त मंगलवार से ही इस फैसले को लागू भी कर दिया है, जिससे देश की आधी आबादी यानी देश की महिलाओं को फायदा होगा। हालाँकि घटे हुए दाम में यह पैड जन औषधि केन्द्रों पर ही मिलेंगे। मांडविया के अनुसार बायोडिग्रेडेबल सैनिटरी नैपकिन की सुविधा जन औषधि केन्द्रों पर उपलब्ध हो चुकी है और महिलाओं को इसका अधिक से अधिक लाभ लेना चाहिये।

100 दिन पूरे होने से पहले सरकार ने निभाया वादा

केन्द्रीय राज्य मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि ‘हम आज से ओक्सो बायोडिग्रेडेबल सैनिटरी नैपकिन एक रुपये के दाम से पेश कर रहे हैं।’ जन औषधि ‘सुविधा’ ब्राण्ड के नाम से ये नैपकिन देश भर में मौजूद 5,500 जन औषधि केन्द्रों पर उपलब्ध होंगे। इनकी कीमत में सरकार ने 60 प्रतिशत तक कटौती कर दी है। सरकार ने महिलाओं की स्वच्छता और स्वस्थता को ध्यान में रखकर यह बड़ा फैसला किया है। इसी के साथ नई मोदी सरकार ने चुनावी घोषणा पत्र में किये गये एक और वादे को 100 दिन पूरे होने से पहले ही निभा दिया है। वर्तमान में विनिर्माता, उत्पादन लागत पर ही सैनिटरी नैपकिन की आपूर्ति कर रहे हैं। इसलिये हम नैपकिन के खुदरा मूल्य को नीचे लाने के लिये सब्सिडी देंगे। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने में सरकार की इस पहल से उम्मीद है कि जन औषधि केन्द्रों पर महिलाएँ जन औषधि सुविधा ब्राण्ड के सैनिटरी पैड की बिक्री में दुगुना उछाल लाएँगी। मांडविया ने कहा कि सरकार इन सैनिटरी नैपकिन की गुणवत्ता, किफायती दाम और व्यापक पहुँच पर पूरा ध्यान दे रही है। उन्होंने यह भी कहा कि सब्सिडी वाले सैनिटरी नैपकिन की कालाबाजारी को रोकने के लिये भी सरकार पूरी तरह से गंभीर है।

सैनिटरी नैपकिन महिलाओं को रोगों से बचाएँगे

माना जा रहा है कि सरकार के इस फैसले से महिलाओं को काफी फायदा होने वाला है। क्योंकि देश में आधी आबादी महिलाओं की है, जो अब सस्ते पैड खरीदकर खुद को बीमारियों से बचा पाएँगी। उल्लेखनीय है कि सैनिटरी नैपकिन की योजना का ऐलान 8 मार्च 2018 को किया गया था, वहीं मई-2018 से इन्हें जन औषधि केन्द्रों पर उपलब्ध कराया गया था। पिछले एक साल में जन औषधि केन्द्रों से लगभग 2.2 करोड़ सैनिटरी नैपकिन बिक चुके हैं। बाजार में इन सैनिटरी नैपकिन की औसत कीमत 6 से 8 रुपये के बीच है।

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