शपथ लेते ही ‘शिक्षा’ पर संधान करेंगे PM नरेन्द्र मोदी : 5 लाख नए शिक्षकों की भर्ती की तैयारी

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कौशल विकास पर विशेष बल

63 वर्ष पुराने UGC पर गाज

रिपोर्ट : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 28 मई, 2019। निर्वतमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 30 मई को राष्ट्रपति भवन में नये सिरे से शपथ लेने के बाद शिक्षा के क्षेत्र में बड़े बदलाव करने जा रहे हैं। भारत को विश्व के सर्वश्रेष्ठ 100 शैक्षणिक संस्थानों की सूची में लाने के लिये मोदी सरकार ने बड़े पैमाने पर तैयारी की है। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने शिक्षा क्षेत्र में बदलाव के लिये मानव संसाधन विकास मंत्रालय के 100 दिन के एजेंडा को भी स्वीकृति दे दी है। यह एक्शन प्लान 31 मई को सार्वजनिक किया जा सकता है।

निवर्तमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 30 मई को अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के बाद इसी दिन 5 लाख शिक्षकों की भर्ती के लिये अधिसूचना जारी कर सकते हैं। इस भर्ती के लिये केन्द्र सरकार के साथ-साथ राज्य सरकारों की जिम्मेदारी भी सुनिश्चित की जाएगी। मोदी सरकार ने शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिये नई शिक्षा नीति भी तैयार की है। इस शिक्षा नीति में शैक्षणिक योजनाओं में सुधार के लिये विशेषज्ञों को योजनाओं की समीक्षा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इतना ही नहीं, इस शिक्षा नीति की तमाम योजनाओं को 5 साल के अंदर लागू किया जाएगा और हर 5 वर्ष में शिक्षा नीति की समीक्षा करने का भी निर्णय किया गया है। समीक्षा करके विशेषज्ञ योजनाओं की कमियों को दूर करने के लिये सरकार को सुझाव देंगे, सरकार उनके सुझावों पर विचार-विमर्श करने के बाद उन्हें लागू करेगी।

मोदी सरकार का उद्देश्य मात्र किताबी ज्ञान देने का नहीं है, बल्कि सरकार शिक्षा में कौशल विकास की शिक्षा को समाहित करके युवाओं को रोजगार और व्यवसाय परक शिक्षा देने पर विचार कर रही है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार नई शिक्षा नीति को आगामी 15 अगस्त से लागू किया जा सकता है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय के एक्शन प्लान में विषय, टाइम लिमिट और जवाबदेही भी सुनिश्चित की गई है। यह एक्शन प्लान 31 मई को सार्वजनिक होने के बाद शिक्षा क्षेत्र में हड़कंप मचा सकता है। क्योंकि इसमें इस बात पर भी जोर दिया गया है कि यदि कोई विभाग या अधिकारी अपने काम में किसी भी प्रकार की कोताही बरतता है, जिससे सरकार की लक्ष्य प्राप्ति में अड़चन पैदा होती है तो ऐसे विभाग या अधिकारी के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करने का प्रावधान किया गया है। इस प्रकार इस एक्शन प्लान में सम्बंधित अधिकारियों और विभागों की जिम्मेदारी सुनिश्चित की गई है।

UGC  होगा भंग, HECI एक्ट-2018 होगा लागू

मोदी सरकार 63 वर्ष पुराने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी-UGC) को भंग करके उसके स्थान पर हायर एजुकेशन कमीशन ऑफ इण्डिया (HECI) एक्ट-2018 लागू करने जा रही है। यूजीसी का आरंभ 1956 में हुआ था। यूजीसी भंग करने के लिये जून-2019 में राज्य सरकारों तथा विश्वविद्यालयों के साथ ड्राफ्ट साझा किया जाएगा। ड्राफ्ट में सुधारों के सुझावों के आधार पर अगस्त-2019 में एचईसीआई लागू किया जाएगा। उच्च शैक्षणिक संस्थानों को एक्रिडिटेशन देने के लिये नया एक्रिडिटेशन सिस्टम भी लागू किया जाएगा। इसकी घोषणा 15 अगस्त तक की जा सकती है। इस सिस्टम के आने के बाद संस्थानों को एक्रिडिटेशन मिलने में आसानी रहेगी और अच्छे संस्थानों के आने से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा। जबकि ग्रांट के लिये प्रधानमंत्री साइंटिफिक एडवाइज़री कौंसिल के सुझाव पर नेशनल रिसर्च फंड एक्ट बनाने की तैयारी कर रहे हैं। इसमें सभी प्रकार की रिसर्च योजनाओं को सम्मिलित करके उसे प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। इसमें भी राज्यों को शामिल किये जाने की सरकार की योजना है।

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