अब सड़क पर चलें संभल कर : मोदी सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी कोई चूक

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नया मोटर व्हीकल विधेयक राज्यसभा में पास

10 गुना तक बढ़ा ट्रैफिक-नियमों को तोड़ने का जुर्माना

रिपोर्ट : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 1 अगस्त, 2019 (युवाPRESS)। मोदी सरकार ने सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिये वाहन चालकों के विरुद्ध कड़ा रुख अपनाया है। दरअसल देश में हर साल सड़क दुर्घटनाओं में लगभग डेढ़ लाख लोगों की जान चली जाती है। ट्रैफिक के नियमों का प्रामाणिकता से पालन नहीं किये जाने के कारण सड़क हादसों में या तो लोगों की मृत्यु हो जाती है या विकलांगता के रूप में दुष्परिणाम सामने आते हैं। इसलिये केन्द्र सरकार ने ट्रैफिक के नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन चालकों पर भारी जुर्माना लगाने का सख्त कानून बनाया है। केन्द्र सरकार ने मोटर व्हीकल एक्ट-1988 में बदलाव करके मोटर व्हीकल (संशोधन) बिल-2019 को संसद के दोनों सदनों में पारित करवाया है। अब किसी भी तरह का ट्रैफिक-नियम तोड़ने वालों को 5 से 10 गुना तक अधिक जुर्माना चुकाना पड़ेगा।

राज्य सभा में पारित हुआ नया मोटर व्हीकल विधेयक-2019

संसद के जारी बजट सत्र में बुधवार को मोदी सरकार ने नये मोटर व्हीकल विधेयक-2019 को बड़े सदन राज्य सभा में पारित करा लिया। केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गड़करी ने राज्य सभा में नया मोटर व्हीकल विधेयक-2019 पेश किया, जिस पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए गड़करी ने स्पष्ट किया कि केन्द्र सरकार इस संशोधन विधेयक को लाकर किसी भी राज्य के अधिकारों में दखल देने का प्रयास नहीं कर रही है। इस विधेयक के प्रावधानों को लागू करना या नहीं करना राज्यों की इच्छा पर निर्भर है। केन्द्र सरकार का इरादा राज्यों का सहयोग करना, परिवहन व्यवस्था में परिवर्तन लाना और सड़क दुर्घटनाओं को रोकना है। सदन में विपक्षी सदस्यों के संशोधन प्रस्ताव वोटिंग में खारिज हो गये और 13 के मुकाबले 108 वोटों से नया मोटर व्हीकल विधेयक 2019 पारित हो गया। इससे पहले पिछले सप्ताह यह बिल लोकसभा में पारित हो चुका है। हालांकि मुद्रण की कुछ सामान्य त्रुटियों के कारण सरकार को उन्हें ठीक करने के लिये तीन संशोधन विधेयक लाने पड़े हैं। इन संशोधनों के कारण अब इस विधेयक को एक बार फिर लोकसभा में ले जाकर पारित कराना होगा। हालाँकि इसे दोबारा राज्यसभा से पारित कराने की आवश्यकता नहीं है। विधेयक पारित होने के बाद राष्ट्रपति की मंजूरी के लिये भेजा जाएगा, राष्ट्रपति की मंजूरी मिलते ही यह कानून का स्वरूप ले लेगा।

मोटर व्हीकल विधेयक-2019 में किये गये कुछ कड़े प्रावधान

  • विशेषकर बढ़ती जा रही सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिये विधेयक में वाहन चालकों के लिये कड़े प्रावधान किये गये हैं। विधेयक में नाबालिगों के वाहन चलाने, बिना लाइसेंस के वाहन चलाने, खतरनाक ढंग से वाहन चलाने, शराब पीकर वाहन चलाने, निर्धारित सीमा से तेज वाहन चलाने, निर्धारित मानकों से अधिक सवारियाँ बैठाकर अथवा अधिक माल लादकर वाहन चलाने जैसे ट्रैफिक नियमों को तोड़ने पर जुर्माना 10 गुना बढ़ाने का प्रावधान किया गया है। एंबुलेंस जैसे आपातकालीन वाहनों को रास्ता नहीं देने पर भी जुर्माना वसूलने का प्रावधान किया गया है।
  • विधेयक में वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करना, ट्रैफिक सिग्नल जंप करना और गलत दिशा में वाहन चलाने को ‘खतरनाक ड्राइविंग’ की श्रेणी में रखा गया है।
  • आपातकालीन वाहनों को जाने का मार्ग नहीं देने वाले वाहन के ड्राइवर से 10 हजार रुपये का जुर्माना वसूलने का प्रावधान किया गया है। इसी प्रकार अयोग्यता के बावजूद वाहन चलाने पर भी 10,000 रुपये का जुर्माना वसूल किया जाएगा और ड्राइविंग लाइसेंस का उल्लंघन करने वाले टैक्सी एग्रीगेटर्स पर 1 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान किया गया है।
  • तेज रफ्तार से वाहन चलाने वाले वाहन चालकों से अब 1,000 रुपये के स्थान पर 2,000 रुपये तक का जुर्माना वसूला जाएगा।
  • बिना इंश्योरेंस के वाहन चलाने पर 2,000 रुपये का जुर्माना लगेगा। इसी प्रकार बिना हेलमेट के वाहन चलाने पर 1,000 रुपये का जुर्माना लगेगा, साथ ही तीन महीने के लिये लाइसेंस भी निलंबित किया जा सकता है।
  • कम उम्र के ड्राइवर का किसी भी ट्रैफिक अपराध में शामिल पाये जाने पर वाहन के मालिक या उसके अभिभावकों को दोषी ठहराया जाएगा और उनसे 25,000 रुपये के जुर्माने के साथ-साथ उन्हें तीन साल की जेल की सजा सुनाई जाएगी। इसके अलावा उनके वाहन का रजिस्ट्रेशन भी रद्द कर दिया जाएगा।
  • ट्रैफिक रूल्स का उल्लंघन करने पर वसूल किये जाने वाले 100 रुपये के दंड को बढ़ाकर 500 रुपये करने का प्रावधान किया गया है।
  • बिना लाइसेंस के वाहन का अनाधिकृत उपयोग करने पर 5,000 रुपये जुर्माना वसूल करने का प्रावधान किया गया है।
  • खतरनाक ड्राइविंग करने पर वसूल किया जाने वाला जुर्माना 1,000 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये किया जाएगा। इसी प्रकार शराब पीकर वाहन चलाने पर 10,000 रुपये तक का जुर्माना वसूल किया जाएगा।
  • इसके अलावा ओवरलोडिंग के मामले में अब से 20,000 रुपये का जुर्माना भरना पड़ेगा। इतना ही नहीं, केन्द्र सरकार ने विधेयक में हर साल जुर्माना 10 प्रतिशत तक बढ़ाने का भी प्रावधान किया है। इस प्रकार अब वाहन चालकों को ट्रैफिक के नियमों का पालन करने में कोताही बरतना काफी महंगा पड़ सकता है।
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