अब सैन्य बल बनेंगे बलवान : जानिए क्या है PM मोदी का MASTER PLAN

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रिपोर्ट : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 11 सितंबर, 2019 (युवाPRESS)। आधुनिक विज्ञान और टेकनोलॉजी के युग में सभी देश अपनी सुरक्षा को लेकर सामरिक ताकत बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। ऐसे में भारत भी आने वाले समय में सैन्य ताकत के मामले में किसी से पीछे नहीं रहेगा। इसके लिये वर्तमान मोदी सरकार ने सैन्य बलों को बलवान बनाने का पूरा मास्टर प्लान तैयार कर लिया है। इस प्लान के अनुसार सरकार सशस्त्र बलों को सशक्त बनाने के लिये उनकी युद्धक क्षमताओं को बढ़ाने के लिये उन्हें आधुनिक हथियारों व तकनीकी संसाधनों से सक्षम बनाने जा रही है।

क्या है मोदी सरकार का मास्टर प्लान ?

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार ने आगामी 5 से 7 वर्षों में सैन्य आधुनिकीकरण पर 13,000 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बनाई है। इस रकम से सरकार थल सेना, वायुसेना और नौसेना को आधुनिक हथियारों व तकनीकी संसाधनों से लैस करेगी। सैन्य बलों के आधुनिकीकरण को तेजी देने के लिये सरकार इस रकम से अगले 5 से 7 वर्षों में तीनों सेनाओं के लिये आधुनिक हथियार, मिसाइलें, वायुसेना के लिये युद्धक विमान और हेलीकॉप्टर, नौसेना के लिये लड़ाकू पनडुब्बियाँ और युद्धपोत खरीदेगी।

कैसे बढ़ेगी नौसेना की ताकत ?

सूत्रों के अनुसार अभी भारतीय नौसेना के पास लगभग 132 जहाज, 220 विमान और 15 लड़ाकू पनडुब्बियाँ हैं। सरकार नौसेना की शक्ति बढ़ाने के लिये पहले तीन से चार सालों में लगभग 200 पोत, 500 विमान और 24 आधुनिक हमलावर पनडुब्बियाँ खरीदने और तैयार करने की योजना पर काम कर रही है।

वायुसेना की ऐसे बढ़ेगी मारक क्षमता

केन्द्र सरकार की प्राथमिकता में वायुसेना की मारक क्षमता को और बढ़ाना शामिल है। इसके लिये सरकार 110 बहुउद्देश्यीय युद्धक विमानों को खरीदने पर जोर दे रही है। सूत्रों के अनुसार भारतीय सैन्य बल पिछले काफी समय से सरकार से सुविधाओं के लिये पर्याप्त कोष उपलब्ध कराने की माँग कर रहे थे। इसका कारण यह भी है कि भारत के दो प्रतिद्वंद्वी पड़ोसी देश तेजी से अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने में जुटे हुए हैं। ऐसे में यदि देश की उत्तर-पूर्वी और पश्चिमी सीमा पर युद्ध के हालात पैदा होते हैं तो वायुसेना को हालात से निपटने के लिये सक्षम होना बहुत जरूरी है। यही कारण है कि मोदी सरकार ने भी इसकी जरूरत पर बल दिया है और सैन्य बलों की ताकत बढ़ाने के लिये उन्हें आधुनिक बनाने पर जोर दे रही है।

थल सेना की बढ़ेगी ताकत

अभी भारत के पास दुनिया की चौथे नंबर की सबसे ताकतवर सेना है। इस लिस्ट में सबसे ऊपर अमेरिका, उसके बाद रूस और तीसरे स्थान पर चीन है। सूत्रों की मानें तो मोदी सरकार भारतीय सेना को दुनिया की सबसे ताकतवर सेना बनाने के लक्ष्य पर काम कर रही है। इसके लिये थल सेना का आधुनिकीकरण करना सरकार की प्राथमिकता है। थल सेना के लिये सरकार ने 2,600 युद्धक वाहन खरीदने की योजना बनाई है, जिसके लिये आगामी कुछ वर्षों में ही 1,700 तैयार युद्धक वाहन सरकार की खरीद लिस्ट में शामिल हैं।

सेनाओं को आधुनिक हथियारों और तकनीकी संसाधनों से सज्ज करने के लिये मोदी सरकार ने प्रथम कार्यकाल में फ्रांस के अत्याधुनिक राफेल लड़ाकू विमान राफेल खरीदने का सौदा किया है। अभी पिछले दिनों ही अमेरिका के सबसे खतरनाक लड़ाकू हेलीकॉप्टर अपाचे की पहली खेप वायुसेना को प्राप्त हुई है। इसी महीने बाकी खेप भी भारत आने वाली है। इससे पहले सरकार ने रूस की सबसे बेहतरीन एस-400 डिफेंस सिस्टम को खरीदा है, जिसे हाल ही में 15 अगस्त के मौके पर दिल्ली में तैनात किया गया था। यह रूस का सबसे आधुनिक हवाई रक्षा मिसाइल सिस्टम है। इसी महीने सरकार को राफेल की पहली खेप मिलने की भी उम्मीद है।

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