मोदी सरकार उठाने जा रही ये कदम : 10 रुपये तक सस्ता हो जाएगा पेट्रोल

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रिपोर्ट : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 23 दिसंबर, 2019 (युवाPRESS)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM NARENDRA MODI) के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार (CENTRAL GOVERNMENT) अब आगामी दिनों में एक ऐसा बड़ा कदम उठाने जा रही है, जिसके बाद लोगों को पेट्रोल (PETROL) 10 रुपये तक सस्ता मिलने लगेगा, इससे लोगों को तो पेट्रोल पर 10 प्रतिशत की बचत होगी ही, केन्द्र सरकार को भी 5,000 करोड़ रुपये तक की बचत होगी। इसके अलावा मोदी सरकार का यह कदम देश में 30 प्रतिशत प्रदूषण (POLLUTION) भी घटाएगा और घरों में प्रयोग किया जाने वाला रसोई गैस (LPG) का ईंधन भी बदल जाएगा। यदि सब कुछ ठीक रहा तो देश की अर्थ व्यवस्था (ECONOMY) को 5 ट्रिलियन (5 TRILLION) की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में मोदी सरकार की ओर से उठाया जाने वाला यह कदम मील का पत्थर साबित होगा।

पेट्रोल में इथेनॉल की जगह इस्तेमाल होगा मिथेनॉल

दरअसल मोदी सरकार जिस प्रोजेक्ट (PROJECT) पर काम कर रही है, वह बड़े प्रोजेक्टों में से एक है। यदि सरकार का यह प्रयास सफल रहा तो पेट्रोल की कीमत 10 रुपये तक घट जाएगी, इससे लोगों का पेट्रोल पर होने वाला खर्च तो 10 प्रतिशत घटेगा ही, सरकारी कोष में भी 5,000 करोड़ रुपये तक की बचत होगी। दरअसल अभी जो पेट्रोल सार्वजनिक रूप से उपयोग होता है, उसमें 85 प्रतिशत पेट्रोल और 15 प्रतिशत इथेनॉल (ETHANOL) होता है। यह इथेनॉल गन्ने से बनता है और यह 40 रुपये प्रतिलीटर के दाम से मिलता है।

मोदी सरकार पेट्रोल में इस इथेनॉल के स्थान पर मिथेनॉल ब्लेंड (METHANOL BLEND) करने का प्रयोग कर रही है। यह मिथेनॉल कोयले (COAL) से बनता है और यह दाम में भी इथेनॉल की तुलना में आधी कीमत में यानी कि 20 रुपये प्रतिलीटर के दाम से मिलता है। इस प्रकार सरकार को प्रतिलीटर 20 रुपये की बचत होगी, जो सरकारी कोष में 5,000 करोड़ रुपये बचाएगी।

इथेनॉल से होता है वायु प्रदूषण, मिथेनॉल से घटेगा

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री (ROAD TRANSPORT & HIGHWAY MINISTER) नितिन गड़करी (NITIN GADKARI) ने पेट्रोलियम मंत्री (PETROLEUM MINISTER) धर्मेन्द्र प्रधान (DHARMENDRA PRADHAN) को एक पत्र लिखा है, जिसमें गड़करी ने प्रधान से देश भर में मिथेनॉल ब्लेंडेड फ्यूल (METHANOL BLENDED FUEL) यानी मिथेनॉल मिश्रित ईंधन उपलब्ध कराने के लिये कहा है। इससे पता चलता है कि मोदी सरकार देश भर में मिथेनॉल ब्लेंडेड फ्यूल लाने की तैयारी में है। पेट्रोल में अभी जो इथेनॉल इस्तेमाल होता है, वह महंगा होने के साथ-साथ वातावरण में धुएँ से वायु प्रदूषण भी बढ़ाता है, जबकि मिथेनॉल का पेट्रोल में प्रयोग करने से वायु प्रदूषण में 30 प्रतिशत तक कमी आने की बात कही जा रही है।

ज्ञात हो कि इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) मिथेनॉल ब्लेंडेड फ्यूल बनाता है, जिसमें वह 85 प्रतिशत पेट्रोल और 15 प्रतिशत मिथेनॉल मिश्रित करता है। नीति आयोग के सदस्य वीके सारस्वत के हवाले से मीडिया में आई खबरों के अनुसार मिथेनॉल यानी एम-15 पर 65,000 किलोमीटर का ट्रायल रन (TRIAL RUN) पूरा हो चुका है। फ्यूल में 15 प्रतिशत मिथेन ब्लेंड करने से 2030 तक भारत सरकार को 100 अरब डॉलर (DOLLAR) तक की बचत होने की उम्मीद की जा रही है।

रसोई पकाने के लिये भी मिथेनॉल इस्तेमाल करने की तैयारी

खबरों के अनुसार महाराष्ट्र के पुणे में 15 प्रतिशत मिथेनॉल मिश्रित पेट्रोल का ट्रायल किया गया था, जिसमें मिथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से गाड़ियाँ चलाई गईं। मारुति और हुंडई गाड़ियों में यह मिथेनॉल मिश्रित पेट्रोल डाल कर ट्रायल रन किया गया। यह ट्रायल सफल रहा है। इसलिये सरकार ने अब इसे पूरे देश में लागू करने की दिशा में कार्यवाही तेज कर दी है। इससे संभव है कि शीघ्र ही देश भर के पेट्रोल पंपों पर अब मिथेनॉल मिश्रित पेट्रोल मिलने लगेगा। ऐसा होने पर पेट्रोल की कीमत 10 रुपये तक सस्ती हो सकती हैं। इतना ही नहीं, आने वाले दिनों में मिथेनॉल को घरों में खाना पकाने के ईँधन के रूप में भी इस्तेमाल किया जाएगा। इसके लिये भी सरकार की ओर से विशेष तैयारी की जा रही है। असम में सरकार ने इसका प्रयोग भी शुरू कर दिया है। मिथेनॉल की आपूर्ति का सवाल है तो सरकार आयात (IMPORT) करने पर विचार कर रही है। मिथेनॉल को पड़ोसी देश चीन, मेक्सिको और मध्य-पूर्व (MIDDLE-EAST) देशों से आयात किया जा सकता है। इसके अलावा भारत में राष्ट्रीय केमिकल एंड फर्टिलाइज़र (RCF), गुजरात नर्मदा वैली फर्टिलाइज़र कॉर्पोरेशन (GNFC) और असम पेट्रोकेमिकल (APC) आदि कंपनियों की क्षमता का विस्तार करने की भी तैयारी की जा रही है।

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