मोदी सरकार ने चुनाव से पहले विशाल मध्यम वर्ग को दिया यह बड़ा तोहफा : आप भी तो नहीं शामिल इस वर्ग में ?

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भारत में यूँ तो पब्लिक ट्रांसपोर्ट वाहनों की कमी नहीं है। ऑटो रिक्शा, टैक्सी से लेकर बस, ट्रेन, मेट्रो, मेमू तक की सुविधाएँ उपलब्ध हैं, परंतु इन सुविधाओं का लाभ वही लोग उठाते हैं, जिनके पास अपना वाहन नहीं होता है। चूँकि आजकल की तेज रफ्तार वाली जीवन शैली में समय के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने के लिये निजी वाहन का होना अत्यावश्यक है। यही वजह है कि देश में वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। देश के 70 प्रतिशत घरों में स्कूटी, बाइक, थ्री-व्हीलर या कार जैसे वाहन उपलब्ध हैं अर्थात् अधिकांश लोगों के पास बाइक या कार जैसे निजी वाहन उपलब्ध हैं।

इसीलिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार ने निजी वाहन वालों के लिये एक अत्यंत महत्वपूर्ण फैसला किया है। दरअसल सरकार के आदेश पर इंश्योरेंस रेग्युलेटरी एण्ड डेवलपमेंट ऑथोरिटी ऑफ इण्डिया (IRDAI) ने थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के प्रीमियम में कोई बढ़ोतरी नहीं करने का फैसला किया है। आईआरडीएआई ने 1 अप्रैल से शुरू हुए 2019-20 के नये वित्त वर्ष में स्कूटी, बाइक और कार के थर्ड पार्टी इंश्योरेंस प्रीमियम में कोई बढ़ोतरी नहीं करने की घोषणा की है। इस निर्णय से आपका फायदा होगा और आपकी जेब पर अतिरिक्त आर्थिक भार नहीं पड़ेगा।

वैसे आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार नया वाहन स्कूटी, बाइक या कार खरीदते समय अब से थर्ड पार्टी इंश्योरेंस लेना आवश्यक है। यदि स्कूटी या बाइक खरीदते हैं तो 5 वर्ष और कार खरीदते हैं तो 2 वर्ष के लिये थर्ड पार्टी इंश्योरेंस लेना जरूरी किया गया है। हालाँकि मोदी सरकार के आदेश से आईआरडीएआई ने थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के एनुअल प्रीमियम में कोई बढ़ोतरी नहीं करने का फैसला करके वाहन खरीदने वालों को राहत जरूर दी है। मोदी सरकार के आदेशानुसार आईआरडीएआई ने इंश्योरेंस कंपनी को आदेश दिया है कि वह 1 अप्रैल-2019 से शुरू हुए नये वित्त वर्ष में भी पुराने रेट के हिसाब से ही एनुअल प्रीमियम चार्ज करे।

आपको बता दें कि अगर आपने वाहन खरीदा है तो यह इंश्योरेंस कराना आपके हित में है। यदि आपके वाहन से कोई दुर्घटना होती है, तो ऐसे में यदि आपने यह इंश्योरेंस पॉलिसी ली होगी तो आपके लिये ही फायदेमंद होगी। दुर्घटना के मामले में दावा करने पर इंश्योरेंस कंपनी क्लेम का पैसा भरपाई करेगी। हालाँकि यह पैसा कितना होगा, इसका निर्णय मोटर दुर्घटना दावा ट्रिब्यूनल (MACT) ही करेगा। आपको इतना ही करना है कि दुर्घटना होने पर तुरंत पुलिस और इसके बाद इंश्योरेंस कंपनी को इसकी सूचना देनी है। क्योंकि क्लेम करने के लिये आपको ड्राइविंग लाइसेंस की फोटोकॉपी, पॉलिसी तथा पुलिस में एफआईआर की कॉपी और वाहन की आरसी की फोटोकॉपी प्रस्तुत करना आवश्यक होता है।

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