LATEST सर्वेक्षण का दावा, ‘फिर एक बार-मोदी सरकार’, राहुल कोसों दूर, तो 10 को भी न छू सका मोदी विरोधी टोली का TOTAL

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में कहा कि उन्हें पूरे देश में प्रो-मोदी लहर दिखाई दे रही है। इसका अर्थ यह है कि मोदी को पूर्ण विश्वास है कि 23 मई को एनडीए को पूर्ण बहुमत मिलेगा।

मोदी का यह विश्वास मिथ्या या रटा-रटाया नहीं है, क्योंकि देश के अधिकांश चुनावी सर्वेक्षणों में भी भाजपा और मोदी के नेतृत्व वाले एनडीए को पूर्ण बहुमत या बहुमत के बिल्कुल करीब बताया जा रहा है।

अब एक बिल्कुल अद्यतन (LATEST) सर्वेक्षण आया है, जिसका सार यह है कि देश की जनता ने ठान लिया है, ‘फिर एक बार-मोदी सरकार’। यह सर्वेक्षण FIRSTPOST TRUST ने कराया है। 2 से 22 मार्च के दौरान 30 राज्यों में 31 हजार से अथिक लोगों को शामिल करते हुए किए गए सर्वेक्षण के अनुसार देश की 63.4 प्रतिशत जनता नरेन्द्र मोदी को फिर से प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहती है।

राहुल का आँकड़ा मोदी से उल्टा, प्रियंका 5वें नंबर पर

फर्स्टपोस्ट ट्रस्ट के सर्वे के अनुसार प्रधानमंत्री पद की दौड़ में ‘अजब विरोध-गज़ब विरोधाभास’ के साथ दिल्ली की गद्दी पर बैठने का सपना देख रहे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी वाड्रा दूसरे नंबर पर हैं, परंतु उनके ही दुर्भाग्य से वे मोदी से कोसों दूर हैं। इस सर्वेक्षण के अनुसार देश के केवल 16.1 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे राहुल को देश के प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं, तो राजनीति में कांग्रेस और भाई राहुल के लिए ट्रम्प कार्ड के रूप में लाई गईं प्रियंका गांधी को मात्र 1.5 प्रतिशत लोग प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं। प्रधानमंत्री पद की दौड़ में प्रियंका पाँचवें स्थान पर हैं।

मोदी विरोधी टोली का टोटल 10 से कम !

मोदी विरोधी एजेंडा लेकर चल रहे राहुल के अन्य साथियों ममता बैनर्जी को 3.4, मायावती को 2.2, अरविंद केजरीवाल को 1.1, चंद्रबाबू नायडू को 0.6, तीसरे मोर्चे का सपना देख रहे के. चंद्रशेखर राव को 0.6 प्रतिशत लोग ही प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं। इन आँकड़ों से स्पष्ट है कि मोदी विरोधी टोली की लोकप्रियता का कुल आँकड़ा 10 को भी नहीं छू पाता।

AIR STRIKE ने लोगों को STRIKE किया

सर्वेक्षण के अनुसार मोदी और उनकी सरकार की लोकप्रियता में यह वृद्धि राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर मोदी की सतर्कता के कारण हुई है। जिस तरह मोदी सरकार की प्रबल इच्छाशक्ति के कारण भारतीय वायुसेना ने पीओके में घुस कर एयर स्टराइक की, उसने मोदी विरोधियों से बहके लोगों को स्ट्राइक किया। इसके चलते लोगों के मन में यह धारणा पक्की हो गई कि देश मोदी के हाथों में ही सुरक्षित है।

सेना पर मोदी से अधिक भरोसा

देश की जनता अपनी सुरक्षा के मामले में सबसे ज्यादा भारतीय सेना पर भरोसा करती है। इस मामले में मोदी दूसरे नंबर पर है। सर्वेक्षण के अनुसार देश के 60.1 प्रतिशत लोगों को लगता है कि सेना के कारण देश सुरक्षित है और जनता भी सुरक्षित है, तो दूसरे नंबर पर 51.7 प्रतिशत के साथ मोदी हैं। इन लोगों को लगता है कि मोदी के हाथों में सेना के सहयोग से देश सबसे सुरक्षित है। देश के भरोसे पर खरा उतरने के मामले में सुप्रीम कोर्ट है। 48.9 प्रतिशत लोग मानते हैं कि सुप्रीम कोर्ट देश में किसी के साथ भी अन्याय नहीं होने देगा।

संवैधानिक-सरकारी संस्थानों पर भरोसा, नेता सबसे नीचे

सर्वेक्षण के अनुसार देश के संवैधानिक-सरकारी संस्थानों पर लोगों का भरोसा कायम है। इनमें सेना, प्रधानमंत्री और सुप्रीम कोर्ट के बाद 46.2 प्रतिशत लोगों ने भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI), 42.5 प्रतिशत लोगों ने केन्द्रीय जाँच ब्यूर (CBI), 38.5 प्रतिशत लोगों ने चुनाव आयोग (EC), 36 प्रतिशत लोगों ने संसद, 29.9 प्रतिशत लोगों ने पुलिस, 32.2 प्रतिशत लोगों ने मीडिया, 32.5 प्रतिशत लोगों ने भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) 19.9 प्रतिशत लोगों ने राजनीतिक दलों और 19.4 प्रतिशत लोगों ने नेताओं पर भरोसा जताया।

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