हिन्दुओं में JOINT FAMILY आज भी दमदार, बड़े परिवारों के मामले में मुस्लिम आगे

रिपोर्ट : कन्हैया कोष्टी

अहमदाबाद 21 दिसंबर, 2019 (युवाPRESS)। भारतीय सनातन, पुरातन, प्राचीन परम्परा में संयुक्त परिवार का प्रचलन रहा है। बढ़ती जनसंख्या, आवश्यकताओं, आपाधापी, आधुनिकता और शहरीकरण जैसे कारणों से संयुक्त परिवार की अवधारणा दम तोड़ रही है, परंतु जहाँ तक हिन्दू धर्म के लोगों की बात है, तो इस धर्म के लोगों ने आज भी अपनी इस अवधारणा को बनाए रखा है। दूसरी तरफ बड़ा परिवार रखने के मामले में इस्लाम धर्म के लोग आगे हैं।

यह जानकारी एक सर्वेक्षण में सामने आई है। अमेरिका में वॉशिंग्टन स्थित अनुसंधान संस्थान Pew Research Center (PRC) की ओर से समग्र विश्व के लिए किए गए सर्वेक्षण से जो निष्कर्ष सामने आया है, उसके अनुसार हिन्दू धर्म में आज भी 50 प्रतिशत परिवार संयुक्त परिवार में रहते हैं। संयुक्त परिवार के लाभालाभ के बीच पूरे विश्व में रहने वाले हिन्दुओं में 50 प्रतिशत से अधिक हिन्दू संयुक्त परिवार में रहते हैं। यद्यपि परिवार के आकार के मामले में गैम्बिया सबसे आगे है, जहाँ हर परिवार में औसत 14 लोग एक साथ संयुक्त परिवार में रहते हैं। पीआरसी के इस सर्वेक्षण के अनुसार संयुक्त परिवार की अवधारणा पर विश्वास रखने के मामले में हिन्दुओं के बाद बौद्ध धर्मावलंबी आते हैं, जो 44 प्रतिशत परिवार में रहते हैं। संयुक्त परिवार की इस रेटिंग के मामले में 37 प्रतिशत लोग ऐसे भी हो, जो किसी धर्म से सम्बद्ध नहीं होने के बावज़ूद संयुक्त परिवार में रहते हैं। मुस्लिम धर्म में 36 प्रतिशत और यहूदी धर्म में 17 प्रतिशत लोग संयुक्त परिवार में रहते हैं। पीआरसी के सर्वेक्षण के अनुसार पश्चिम अफ्रीकी देश गैम्बिया सबसे बड़े परिवारों वाला देश है, जहाँ हर परिवार में औसतन 13.8 सदस्य रहते हैं। इसके अतिरिक्त अफग़ानिस्तान में हर परिवार में 9.8, पाकिस्तान में 8.5 और भारत में एक परिवार में 5.8 सदस्य रहते हैं।

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