क्या है मार्केट कैप, जिससे मुकेश अंबाणी की रिलायंस इंडस्ट्रीज़ ने रच दिया इतिहास ?

* 10 लाख करोड़ मार्केट कैप छूने वाली पहली भारतीय कंपनी बनी RIL

रिपोर्ट : तारिणी मोदी

अहमदाबाद, 28 नवंबर, 2019 (युवाPRESS)। शेयर से संबंधित ख़बरों में आपने अक्सर मार्केट कैपिटलाइज़ेशन (Market Capitalization) यानी मार्केट कैप शब्द का प्रयोग होते अवश्य सुना, पढ़ा और देखा होगा। किसी भी कंपनी के विकास और उसकी उन्नति में इस शब्द का विशेष महत्व है। हाल ही में 10 सबसे उन्नतशील कंपनियों की एक लिस्ट जारी की गई है, जिसमें भारत के सबसे धनवान उद्योगपति मुकेश अंबाणी की रिलांयस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड (RELIANCE INDUSTRIES LIMITED) यानी आरआईएल-RIL शीर्ष पर रही है। इसके अलावा HDFC बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ (TCS), आईसीआईसीआई बैंक, ITC, इन्फोसिस, HUAL और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के बाजार पूंजीकरण में वृद्धि हुई है। आरआईएल एक नया इतिहास रचते हुए 10 लाख करोड़ रुपये के स्तर को पार कर 10,01,492.03 करोड़ रुपये मार्केट कैप के साथ शीर्ष पर पहुँच गई है। दरअसल भारतीय शेयर बाजारों में कई दिनों से तेजी देखी जा रही थी, जिसका लाभ रिलायंस इंडस्ट्रीज को भी हुआ है। इसी के साथ रिलायंस इंडस्ट्रीज शेयर बाजार में 10 लाख करोड़ रुपए के मार्केट कैप वाली देश की पहली कंपनी बन गई है, इस लेख में हम आपको इसी मार्केट कैप शब्द का सही अर्थ और किसी कंपनी की उन्नति में इसके महत्व के बारे में बतायेंगे।

क्या है मार्केट कैप और उसका महत्व ?

Market Capitalization या मार्केट कैप वास्तव में किसी भी कंपनी के कुल आउटस्टैंडिंग शेयर कैपिटल के साथ उस कंपनी के current share price को multiply करने पर आने वाला मूल्य Total Value होता है। Outstanding Share से मतलब उन सभी शेयर से है, जो कंपनी ने जारी किया हुआ है और जो स्टॉक एक्सचेंज में ट्रेड के लिए उपलब्ध है और साथ ही साथ प्रोमोटर्स, इन्वेस्टर्स, रिस्ट्रिक्टेड शेयर, इन सभी शेयरों को आउटस्टैंडिंग शेयर कहा जाता है, जो कम्पनी Repurchase नहीं किया किए गए हैं। शेयर बाजार में कंपनियों को अपने मार्केट कैप के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है। कंपनी के शेयरों की कुल संख्या कंपनी में 100 प्रतिशत स्वामित्व (100% Ownership) को प्रदर्शित करती है। इस प्रकार यदि हमें किसी कंपनी के द्वारा जारी किए गए कुल शेयरों की संख्या और प्रत्येक शेयर की कीमत पता हो, तो हम उस कंपनी का मूल्य प्राप्त कर सकते हैं। इस तरह निर्धारित किये गए कंपनी के मूल्य को मार्केट कैप कहा जाता है। इसे इस प्रकार भी समझा जा सकता है। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइज़ेशन = कंपनी के शेयरों का बाजार मूल्य x जारी किये गए शेयरों की संख्या। मार्केट कैप की तुलना से ही ये समझा जा सकता है कि कोई कंपनी कितनी बड़ी या कितनी छोटी है।

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