जापानी Bullet train की इस खासियत को अपनाना होगा मुश्किल!

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Bullet train

खबरों की दुनिया से गुजरते वक्त अचानक से मेरी नजर एक खबर पर पड़ी। उस खबर को पढ़ने के बाद पहला सवाल जो मेरे मन में आया वो ये था कि क्या इस टेक्नोलॉजी के लिए हम पूरी तरह से तैयार हैं ?

मुंबई और अहमदाबाद के बीच दौड़ेगी पहली Bullet train

मैं जिस खबर की बात कर रहा हूं उसके बारे में ज्यादा बात करने से पहले थोड़ी बात करते हैं देश के पहले Bullet train प्रोजेक्ट के बारे में। जैसा कि हम जानते हैं, देश की पहली बुलेट ट्रेन गुजरात की राजधानी अहमदाबाद और मुंबई के बीच दौड़ने वाली है। बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का काम जापान की देखरेख में हो रहा है। हमनें बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के लिए जापान की टेक्नोलॉजी इंपोर्ट की है। बकायदा इसके लिए जापान ने 88 हजार करोड़ का भारी भरकम लोन 0.1 फीसदी की दर पर दिया है।

20 सेकंड पहले रवाना हुई Bullet train, कंपनी को माफी मांगनी पड़ी

अब बात करते हैं उस खबर की जिसे पढ़ कर मैं भौचक्का रह गया। दरअसल जापान की Bullet train 20 सेकंड पहले रवाना हो गई इसलिए रेल कंपनी को माफी मांगनी पड़ी। हालांकि किसी यात्री ने इसकी शिकायत भी नहीं की थी। ये दिखाता है कि जापान रेलवे समय को लेकर कितना प्रतिबद्ध है। ऐसे में बड़ा सवाल उठता है कि क्या हमारी सरकार और हम उस सिस्टम को पूरी तरह से अपनाने के लिए तैयार हैं जिसमें 20 सेकंड का समय भी इतनी अहमियत रखता है। जापान से हमने टेक्नोलॉजी तो इंपोर्ट कर ली है लेकिन क्या समय को लेकर इतनी प्रतिबद्धता सीख पाएंगे ?

Bullet train के परिचालन तक भारतीय रेल की स्थिति बेहतर होगी ?

अपने देश में रेलवे की सेहत कैसी है इसकी जानकारी सभी को है। आए दिन हादसे होते रहते हैं। आज भी 15 हजार से ज्यादा मानव रहित रेलवे फाटक हैं जहां रोजाना हादसे होते रहते हैं। ऐसा कोई रूट नहीं है जिस रूट पर ट्रेन अपने समय से चलती हो। देरी से खुलना और घंटों लेट मंजिल पर पहुंचना भारतीय रेल की पहचान बन चुकी है। उम्मीद करते हैं कि 2022 में जब देश में बुलेट ट्रेन दौड़ेगी तब तक साधारण रेल भी अपनी खामियों से ऊबर चुका होगा।

 

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