रेलवे में सरकारी नौकरी के लिए छात्रों ने पटरियों पर जमकर किया प्रदर्शन: मुंबई

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Mumbai train strike today

मुंबईः मुंबई स्थित शिवाजी टर्मिनस और माटुंगा रेलवे स्टेशन के बीच प्रदर्शन (Mumbai train strike today) कर रहे छात्रों को पटरियों पर से हटाकर ट्रेनों का आजाना शुरू कर दिया गया है। ये छात्र रेलवे में नौकरी की मांग कर रहे हैं। रेलवे पटरियों पर छात्रों के बैठने से ट्रेनों का आना जाना करीब 4 घंटे तक बंद रहा, जिससे आम-जनजीवन पर भी उनका काफी प्रभाव पड़ा।

जानकारी के अनुसार रेलवे में सरकारी नौकरी के लिए सैकडों की तादाद में छात्र आंदोलन कर रहे हैं। इस आंदोलन के चलते आफिस टाइम होने और सीएसटी-माटुंगा की लाइन पर ज्यादा जाम होने से लोगों को भी काफी परेशानी हुई। इस आंदोलन के चलते लोकल ट्रेनों के अलावा लंबी दूरी के ट्रेनें भी लेट हुईं और उनके टाइम टेबल में भी बदलाव किया गया।

सुबह 10:55 बजे मिली जानकारी के अनुसार मीडिया रिपोर्ट्स ने बाताया कि छात्रों को पटरियों से हटाकर ट्रेनों का आना जाना सुनिश्चित किया जा रहा है।

सुबह 11:20 बजे सीएम देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में अपनी बयान में कहा ’’ प्रारंभ से अधिकारियों के संर्पक में था। नियमों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। सहायक प्रशिक्षितों के लिए 20 प्रतिशत सीटें आरक्षित हैं मगर वे और सीटों की मांग कर रहे हैं। पत्थरबाजी के समय पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया। लेकिन इससे किसी के घायल होने की खबर नहीं है।

सुबह 10:50 बजे सेंट्रल रेलवे ने अपनी बयान जारी करते हुए कहा कि ’’सहायक ऐक्ट के अनुसार इन लोगों को नौकरी दिए जाने का कोई प्रावधान नहीं है। सेंट्रल रेलवे का कहना है कि इन्हें केवल एक निश्चित समय के लिए ट्रेनिंग दी जाती है जिससे ये चीजें सीख सकें और इस क्षेत्र में काम करने का अनुभव प्राप्त कर सकें। हालांकि रेल मंत्रालय ने यह फैसला लिया है कि 20 प्रतिशत सीटें डायरेक्ट भर्ती से भरी जाएंगी’’। आगे सेंट्रल रेलवे ने यह भी कहा कि ’’आवेदन की आखिरी तारीख से पहले ही नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है तथा यह भी सूचित कर कर दिया गया है कि रेवले वर्कशॉप में काम कर चुके छात्रों का स्पेशल टेस्ट जल्द ही कराया जाएगा’’।

10:40 बजे रेलवे सेवा प्रारंभ हो गई मगर प्रदर्शन (Mumbai train strike today) कर रहे छात्र रेलवे Track पर ही मौजूद हैं। जबकि माटुंगा स्टेशन पर ट्रेनें रोके जाने की वजह से यात्रियों को पैदल सफर करना पडा। माटंगा में रेलवे Track पर करीब 3000 से ज्यादा लोग मौजूद थे। सेंट्रल लाइन पर ट्रेनों की ना चलने की वजह से डब्बावाले भी फंसे और इस को लेकर खाना पहुंचाने मे ताखीर हुई।

इस दौरान उत्तर-पूर्वी मुंबई से सांसद किरीट सोमैया ने ट्वीट कर बताया, ’’मुंबई रेलवे सहायक आंदोलन के बारे में पीयूष गोयल जी से बात हुई है। उन्होंने आंदोलन कर्ताओं से बातचीत का भरोसा दिलाया है। सभी को न्याय मिलेगा, मैं आंदोलनकर्ताओं से अनुरोध करता हूं कि रेल रोको को वापस लें और चर्चा के लिए सामने आएं।’’ इस प्रदर्शन (Mumbai train strike today) की वजह से दादरी कुर्ला रेलवे स्टेशन से चलने वाली सेंट्रल लाइन की 30 ट्रेनों को कैंसील किया गया।

हालांकि कांग्रेस नेता संजय निरूपम ने भी इस प्रदर्शन स्थल पर पहुचे। कांग्रेस नेता ने रेलवे अधिकारियों से अपील करते हुए कहा कि छात्रों से संवाद करके जल्द ही रेल रोको प्रदर्शन (Mumbai train strike today) को समाप्त कराएं। तथा माटुंगा और दादर के बीच प्रदर्शन कर रहे छात्रों बीच एमएनएस नेता संदीप देषपांडे ने पहुंचकर छात्रों का समर्थन किया। इस समय ट्रेनों के संचालन में आ रही बाधा को देखते हुए बेस्ट ने यह फैसला किया है कि माटुंगा और अन्य स्टेशनों के बाहर और बसें लगाएगी, जिससे यात्रियों को दफ्तर पहुंचने में दिक्कत ना हो।

रेलवे ने यात्रियों को दी अपनी सलाह

सेंट्रल रेलवे ने हेल्पलाइन नंबर- 23061763 जारी किया है। तथा रेलवे ने यात्रियों को सलाह देते हुए कहा कि वह वेस्टर्न लाइन या हार्बर लाइन का प्रयोग करें। क्योंकि सीएसटी और खोपोली के बीच ट्रेन संचालन पूरी तरह से ठप हो गया है। ट्रेनें सिर्फ कुर्ला तक ही जा रही हैं।
बताया जा रहा है कि ये सहायक स्टूडेंट सालों तक काम कर चुके हैं मगर इन्हें नौकरी नहीं मिल पा रही है। रीपोर्ट्स के अनुसार छात्रों को कंट्रोल में लाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। जिसके जावाब में छात्रों ने टेशनों पर पत्थर फेंकना शुरू किया।
बहरहाल परीक्षा के लिए फॉर्म भरे जाने की आखिरी तारीख 31 मार्च है। ये छात्र परीक्षा में 20 प्रतिषत अपर लिमिट को हटाने की मांग कर रहे हैं। इनकी मांग है कि इसमें सिर्फ उन्हीं छात्रों की भर्ती हो जो टेस्ट पास करें। दरअसल इन छात्रों की मांग है कि इन्हें रेलवे में सरकारी नौकरी दी जाए।

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