एक हाथ में कुरान तथा दूसरे हाथ में कंप्यूटरः पीएम मोदी

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Muslim Youth

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित इस्लामिक स्काॅलर कार्यक्रम में कहा कि भारत में मुस्लिम युवाओं (Muslim Youth) के एक हाथ में कुरान तथा दूसरे हाथ में कंप्यूटर होना चाहिए। उस कार्यक्रम में जाॅर्डन के किंग अब्दुल्ला द्वितीय बिन अल हुसैन भी उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि नफरत की आवाजों को टीवी और सोशल मीडिया से दूर करना होगा। किंग अब्दुल्ला 3 दिन की भारत यात्रा पर चल रहे हैं।

यह कार्यक्रम इस्लामिक विरासत और समझ बढ़ाने को लेकर भारत की राजधानी दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित हुआ था। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस कार्यक्रम में कहा कि भारत में दुनिया के सभी बड़े धर्म भारत के पालने में पले हैं, भारत की मिट्टी में पनपे हैं।

होली भी मनाएं और ईद भी

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर कहा कि अभी होली का मौसम है, सारे देश के लोग रेगों का त्योहार मनाएंगा, इस त्योहार के बाद गुड फ्राईडे होगा, फिर देश में बुद्ध नववर्श मनाएगा, जिसके बाद रमजान के पवित्र महिने के आखिर में मुस्लिम (Muslim Youth) का ईद का त्योहार मानाया जाएगा।

भारत की विविधता पर हमें फख्र हैः पीएम मोदी

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस देश का कोई भी इंसान चाहे मंदिर में दिया जलाता हो या मस्जिद में सजदा करता हो तथा गुरूद्वारे में सबद, चर्च में प्रार्थना करता हो हमें सब पर गर्व है। सबको अपने विविधता के विरासत पर फख्र है साथ ही विरासत की विविधता पर भी हमें फख्र है।

जाॅर्डन के किंग अब्दुल्ला की बराई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जॉर्डन के किंग की बराई करते हुए कहा कि इस्लाम की सच्ची पहचान बनाने में जॉर्डन के किंग की अहम भूमिका है. जॉर्डन और भारत के बीच इतिहास-धर्म का रिश्ता है. जॉर्डन ऐसी जगह पर मौजूद है जहां पर खुदा का पैगाम पैगम्बरों और संतों की आवाज बनकर दुनिया भर में गूंजा है।

आतंकियों ने इस्लाम के बारे में फैलया गलत संदेश

इस अवसर पर जॉर्डन के किंग शाह अब्दुल्ला द्वितीय ने कहा कि धर्म सभी से प्यार करना सिखाता है, सभी पड़ोसियों को साथ लेकर चलना सिखाता है. उन्होंने कहा कि कट्टरपंथ चिंता का विषय है लेकिन इंसानियत ही दुनिया की बुनियाद है।

उन्होंने कहा कि हम सभी का भविष्य एक जैसा है. आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई किसी धर्म के खिलाफ नहीं है. ये लड़ाई उदारवादियों और कट्टरपंथ की सोच के बीच है.। हमें नफरत फैलाने वाली आवाज को दबाने की जरूरत है. कुछ लोग इसलाम के बारे में गलत संदेश फैला रहे हैं. हमें हर गलत संदेश को रोकने की जरूरत है।

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