Mutual Funds investments से बुलंदी पर बाजार

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Mutual funds investment hiked in share market. It pumped 1.2 lakh crore in 2017 says SEBI.

Global financial services firm Morgan Stanley ने Indian economy के आकार और भविष्य को लेकर बेहतरीन रिपोर्ट तैयार की है। रिपोर्ट के मुताबिक 2027 तक भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian economy) का आकार करीब 6 trillion dollars (6 लाख करोड़) का हो जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक 2027 में भारतीय शेयर बाजार (Sensex) 1 लाख से ऊपर कारोबार करेगी। अनुकूल परिस्थिति (Bullish market) में Sensex 1.35 लाख तक पहुंच सकती है जबकि प्रतिकूल परिस्थिति (Bearish market) में यह 65000 के पार होगी।

SEBI  की रिपोर्ट पर एक नजर

ऐसे में Investment के लिहाज से Share market बेहतर ऑप्शन होगा। SEBI (Security and Exchange Board of India) द्वारा जारी की गई रिपोर्ट के मुताबिक 2017 में Domestic Mutual Funds ने Stock market में 1 लाख करोड़ से ज्यादा का निवेश किया है। We all know that “Mutual funds are subjected to market risk”. इसके बावजूद  कम समय में ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए  Investors invest in mutual funds and Fund managers invest in Share market। यही वजह है कि यह आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है। SEBI की रिपोर्ट के मुताबिक Mutual funds invested 1.2 lakh crore in equities in  2017, 48000 crore in 2016 and 70000 crore in 2015.

 

2018 में ब्रिटेन और फ्रांस से आगे होंगे हम, 2050 में भारतीय अर्थव्यवस्था होगी अमेरिका से भी आगे

 

Investors are shifting to financial assets

Market experts के मुताबिक कुछ साल पहले return के लिहाज से Real estate और Gold बेहतर ऑप्शन था लेकिन नीतिगत बदलाव के चलते Real estate का बाजार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। Gold में अच्छा रिटर्न नहीं मिल रहा है that’s why investors are shifting to financial assets over physical assets. अच्छे रिटर्न की वजह से Mutual Funds का क्रेज बढ़ा है। Fund manager की पैनी नजर मार्केट पर होती है जिसकी वजह से खतरा कम है। साथ में Investors को मार्केट के बारे में लगातार अपडेट किया जाता है ताकि वे सही वक्त पर सही फैसला ले सकें। इसलिए इंवेस्टर्स का रुझान म्यूचुअल फंड्स की तरफ बढ़ा है।

Stock market gives good return

रिटर्न की वजह से ही Retail investors भी share market में इंवेस्ट करने लगे हैं। तमाम रिपोर्ट की मानें तो Retail investors are providing needed liquidity to stock markets. पहले लिक्विडिटी के लिए Foreign Portfolio Investors (FPIs) पर निर्भर रहना पड़ता था। 2017 में Foreign Portfolio Investors (FPIs) ने शेयर मार्केट में 50 हजार करोड़ निवेश किया जो जबकि Mutual Funds द्वारा 1.2 लाख करोड़ निवेश किया गया। 2016 में Foreign Portfolio Investors (FPIs) ने 20500 करोड़ और 2015 में 18000 करोड़ निवेश किया था। हालांकि 2014 में Foreign Portfolio Investors (FPIs) ने शेयर मार्केट में करीब 97000 करोड़ का निवेश किया था। पिछले तीन सालों में Foreign Portfolio Investors (FPIs) लगातार घटा है वही Domestic investors ने शेयर मार्केट को मजबूत किया है। Domestic investors की वजह से Market stability बढ़ी है।

Demonetisation का Mutual funds पर सकारात्मक असर

यह Retail investment का नतीजा है कि 2017 में Sensex  में 28 फीसदी और NIFTY में 29 फीसदी का उछाल आया है। एक साल के भीतर Retail investors की संख्या 1.4 करोड़ से 5.3 करोड़ पहुंच चुकी है। Demonetisation के बाद bank deposits इतना बढ़ गया कि लोन देने के लिए बैंक ने Interest rates कम कर दिए। Mutual funds पर इसका सकारात्मक असर देखने को मिला है।

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