‘गोधूलि’ मुहूर्त में शपथ लेकर अशुभ योगों को परास्त करेंगे PM नरेन्द्र मोदी

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अहमदाबाद, 29 मई, 2019। मनोनीत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 30 मई, गुरुवार शाम 7.00 बजे 15वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने का निर्णय किया है। तभी से लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में हमेशा दोपहर 12 बजे के विजय मुहूर्त में और 2014 में 26 मई को शाम 6.00 बजे शपथ लेने वाले पीएम मोदी ने इस बार शपथ के लिये शाम 7.00 बजे का समय क्यों चुना है ? हम आपको बताएँगे कि आखिरकार पीएम मोदी ने यह फैसला क्यों किया है। दरअसल पीएम मोदी ने ‘गोधूलि’ मुहूर्त में शपथ लेकर सारे अशुभ योगों को परास्त करके भारत को दुनिया में आगे ले जाने के लिये यह फैसला किया है।

30 मई गुरुवार को ज्येष्ठ माह की कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है और मूल नक्षत्र है। यह योग अत्यंत फलदायी माना जाता है। इस दिन चंद्र मीन राशि और सूर्य वृषभ राशि में है, जो राजयोग का द्योतक है। इस दिन मध्याह्न से पूर्व पंचक है। इसके बाद 1.30 बजे से 3.00 बजे तक राहुकाल है। चौघड़िया के अनुसार 3.55 बजे से अशुभ काल शुरू हो रहा है, जो शाम 5.55 बजे तक रहेगा। इसके बाद शुभ चौघड़िया प्रारंभ होता है, जो 7.12 बजे तक रहेगा। इस प्रकार संध्या का समय शपथ के लिये अत्यंत शुभ है।

शपथ ग्रहण के समय वृश्चिक लग्न उदय हो रहा है, जो कि संयोग से पीएम मोदी का जन्म लग्न और उनकी जन्म राशि भी है। वृश्चिक लग्न की कुंडली के लग्न में बैठे गुरु पंचमेश हैं और उन पर सप्तम भाव से दशमेश सूर्य और अष्टमेश बुध की दृश्टि मिले-जुले प्रभाव वाली है।

इस योग के प्रभाव से मोदी सरकार अगले कुछ महीनों में हजारों की संख्या में रिक्त पदों को भरने के लिये नई नौकरियाँ सृजित करेगी। हालाँकि इस प्रक्रिया में कुछ विवाद भी उत्पन्न हो सकते हैं। क्योंकि पीएम मोदी और भारत दोनों की कुंडलियों में चन्द्रमा की महादशा चल रही है, परंतु संयोग से मोदी सरकार के शपथ ग्रहण के समय चंद्रमा मीन राशि में होकर गुरु से दृष्ट होंगे, जो एक बड़ा राजयोग है।

इसके अलावा शपथ ग्रहण के समय शिक्षा और मनोरंजन के पंचम भाव में बैठे चंद्रमा पर गुरु की दृष्टि से देश में उच्च शिक्षा के नये केन्द्र, होटल, पार्क, अस्पताल, दवा-केंद्रों की बड़े पैमाने पर स्थापना होगी। पीएम मोदी के शपथ ग्रहण के समय चंद्रमा रेवती नक्षत्र में है, जो कि शिक्षा, खेल-कूद और मनोरंजन के कारक ग्रह बुध का नक्षत्र है। शपथ लेने वाले पीएम मोदी दूसरे कार्यकाल में इन्हीं क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देंगे। मोदी सरकार नये एयरपोर्ट बनाने तथा रेलवे की सुविधाएँ बढ़ाने पर भी अधिक खर्च करेगी। हालाँकि किसानों की स्थिति में सुधार के लिये अभी कुछ और समय लग सकता है।

उल्लेखनीय है कि लोकसभा चुनाव 2019 के समय जनता और लोकतंत्र के कारक ग्रह शनि का धर्म और आश्चर्य के कारक ग्रह केतु से युति करना आश्चर्यचकित परिणाम का कारण बना। इस परिणाम ने राजनीतिक गणित के सभी समीकरणों को ध्वस्त कर दिया और मोदी व जनता की युति ने अप्रत्याशित विजय से देश ही नहीं बल्कि दुनिया में कौतूहल पैदा कर दिया है।

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