VIDEO-PHOTO : पीएम मोदी ने एक तीर से साधे तीन निशाने, पाकिस्तान-कश्मीरी नेता और कांग्रेस

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रिपोर्ट : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 31 अक्टूबर, 2019 (युवाPRESS)। 31 अक्टूबर गुरुवार को देश के महानायक भूतपूर्व उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की 144वीं जन्म जयंती मनाई गई। सरदार साहब की यह 144वीं जयंती ऐतिहासिक सिद्ध हुई। क्योंकि इस दिन को पूरे देश में राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया गया। इसके अलावा इसी दिन गुजरात के केवड़िया में स्थित सरदार पटेल की दुनिया की सबसे ऊँची 182 मीटर की प्रतिमा ‘स्टेच्यू ऑफ यूनिटी’ को लोगों को समर्पित हुए एक वर्ष पूरा हुआ है। इसी दिन से जम्मू कश्मीर और लद्दाख का दो पृथक केन्द्र शासित प्रदेशों के रूप में नवोदय हुआ है। इस अवसर पर पीएम नरेन्द्र मोदी ने केवड़िया में स्थित सरदार साहब की प्रतिमा को श्रद्धांजलि अर्पण की। तत्पश्चात पीएम मोदी ने राष्ट्रीय एकता परेड में भी भाग लिया। उन्होंने उपस्थित नागरिकों को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई और परेड की सलामी ली। इस मौके पर पीएम ने समारोह को संबोधित करते हुए पाकिस्तान, अलगाववादी कश्मीरी नेताओं और कांग्रेस को निशाने पर लिया।

सरदार पटेल की ‘चाणक्य’ से तुलना

पीएम मोदी ने सरदार पटेल अमर रहें…अमर रहें…के नारे लगा कर अपना उद्बोधन शुरू किया और कहा कि उन्हें सरदार पटेल के सान्निध्य में आकर शांति और ऊर्जा की अनुभूति होती है। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल की प्रतिमा देश की विविधता में एकता का प्रतीक है और यह प्रतिमा समग्र विश्व को आकर्षित और प्रेरित करती है। पीएम मोदी ने राष्ट्रीय एकता परेड और रन फॉर यूनिटी में भाग लेने के लिये देशवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हमें यह हमेशा याद रखना होगा कि सदियों पहले सभी रियासतों को साथ लेकर एक भारत का सपना लिये चाणक्य ने राष्ट्र के पुनरुद्धार का सफल प्रयास किया था और चाणक्य के बाद यदि कोई यह काम कर पाया तो वे हमारे सरदार पटेल ही थे, अन्यथा अंग्रेज तो चाहते थे कि आज़ादी के बाद भारत छिन्न-भिन्न हो जाए, परंतु सरदार पटेल ने अपनी इच्छाशक्ति से देश विरोधी ताकतों को परास्त कर दिया था।

आतंकवाद पर पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी

पीएम मोदी ने जम्मू कश्मीर का जिक्र करते हुए पाकिस्तान को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी और कहा कि जो हमसे युद्ध नहीं जीत सकते, वे हमारी एकता को चुनौती दे रहे हैं। उनका संकेत आतंकवाद की तरफ था। उन्होंने कहा कि सरदार साहब के आशीर्वाद से ऐसी ताकतों को परास्त करने वाला एक बहुत बड़ा फैसला देश ने कुछ सप्ताह पहले ही किया है। उन्होंने कहा कि पूरे देश में एक मात्र जम्मू कश्मीर में ही आर्टिकल 370 लागू था, जिसने कश्मीर को अलगाववाद और आतंकवाद के सिवाय कुछ नहीं दिया। आतंकवाद ने इस प्रदेश में लगभग तीन दशक में 40 हजार लोगों की जान ली। उन्होंने कहा कि हमारी एकता में छेद करने की कोशिश की जा रही है। अलगाव को उभारने का प्रयास किया जा रहा है, हमारी एकता को ललकारा जा रहा है, परंतु वे भूल जाते हैं कि सदियों से ऐसी कोशिशें होती आई हैं, हमें कोई मिटा नहीं सका। उन्होंने कहा कि ‘कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी।’ पीएम मोदी ने कहा कि जब हमारी विविधता में एकता की बात होती है तो इन ताकतों को मुँह तोड़ जवाब मिलता है।

कश्मीरी अलगाववादी नेताओं को मुँह तोड़ जवाब

पीएम मोदी ने अपने भाषण में कश्मीरी अलगाववादी नेताओं को भी निशाने पर लिया और कहा कि इस धारा 370 ने कई दशकों तक हम भारतीयों के बीच एक अस्थाई दीवार बना रखी थी, जो हमारे भाई-बहन इस दीवार के उस पार थे, वे भी असमंजस में रहते थे और दीवार के इस तरफ देशवासी भी इस दीवार से परेशान थे। कश्मीर में अलगाववाद और आतंकवाद को बढ़ावा देनेवाली इस दीवार को गिरा दिया गया है। उन्होंने कहा कि वे सरदार साहब को अब हिसाब दे रहे हैं कि सरदार साहब, आपका जो सपना था, वह दीवार गिरा दी गई है।

कश्मीर पर कांग्रेस नीति की आलोचना

पीएम मोदी ने जम्मू कश्मीर को लेकर कांग्रेस की नीति की भी आलोचना की और कहा कि कभी सरदार पटेल स्वयं कहते थे कि यदि कश्मीर का मसला उनके पास होता तो उसे सुलझने में इतनी देर नहीं होती। पीएम मोदी ने इस धारा को लेकर कहा कि आज सरदार पटेल की जयंती पर मैं आर्टिकल 370 हटाने का फैसला सरदार साहब को समर्पित करता हूँ। पीएम मोदी ने कहा कि हमें इस बात की खुशी है कि आज से ही जम्मू कश्मीर और लद्दाख एक नये भविष्य की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। अब जम्मू कश्मीर में राजनीतिक स्थिरता आएगी। अब निजी स्वार्थ के लिये सरकारें बनाने और गिराने का खेल बंद होगा। अब क्षेत्र के आधार पर भेदभाव के गिले-शिकवे भी दूर होंगे।

गुजरात सहित देश भर की 48 पुलिस यूनिट्स ने किया प्रदर्शन

इससे पहले पीएम मोदी ने सर्वप्रथम सरदार पटेल की प्रतिमा स्टेच्यू ऑफ यूनिटी के पास पहुँचकर उन्हें पुष्पांजलि अर्पण की। इसके बाद राष्ट्रीय एकता परेड समारोह में आकर उपस्थित लोगों को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई।

परेड की सलामी ली, जिसमें जम्मू कश्मीर, कर्नाटक, ओडिशा, असम और गुजरात की पुलिस के अलावा केन्द्रीय आरक्षित पुलिस बल (CRPF) और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों ने परेड करके पीएम मोदी को सलामी दी। परेड के दौरान नेशनल सिक्युरिटी गार्ड्स (NSG) के कमांडोज़ ने साहस और शौर्य का प्रदर्शन किया। केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) तथा नेशनल डिज़ास्टर रेस्क्यू फोर्स (NDRF) के जवानों ने भी हैरतअंगेज़ करतब दिखाये। देश भर से लगभग 48 पुलिस यूनिट्स के जवानों ने इस फ्लैग शो में हिस्सा लिया।

इस मौके पर स्टेच्यू ऑफ यूनिटी पर आतंकी हमले की मॉकड्रिल भी आयोजित की गई थी। सीआरपीएफ और गुजरात पुलिस की महिला टीम द्वारा मोटरसाइकिल पर हथियारों के साथ चलना और सलामी देने वाला प्रदर्शन विशेष आकर्षण का केन्द्र बना। इस संयुक्त मोटर बाइक दल का नेतृत्व सीआरपीएफ की महिला इंस्पेक्टर सीमा नाग ने किया। सबसे पहले उन्होंने चलती बाइक पर खड़े होकर पीएम मोदी को सलामी दी थी।

पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ के हवलदार नशीद अहमद की पत्नी शाज़िया क़ौसर ने देश के सभी पुलिस परिवारों की ओर से पीएम मोदी को राष्ट्रीय पुलिस स्मारक का स्मृति चिह्न भेंट किया। पीएम यहाँ पूरे दिन रुके और कई कार्यक्रमों में शिरकत की। इस अवसर पर गुरुवार को स्टेच्यू ऑफ यूनिटी पर्यटकों के लिये बंद रखा गया था। शाम 5 बजे पीएम मोदी यहाँ से दिल्ली के लिये रवाना हो जाएँगे।

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