National Youth Day: इतिहास की देहरी पर खड़ा भारत

National Youth Day

आज 12 जनवरी को पूरा देश राष्ट्रीय युवा दिवस (National Youth Day) मना रहा है। National Youth Day का आयोजन भारत के एक महान संत स्वामी विवेकनानन्द के जन्मदिन के अवसर पर किया जाता है। दरअसल स्वामी विवेकानन्द युवाओं को देश की सबसे बड़ी पूंजी मानते थे। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कई ऐसी बातें कही, जो आज भी देश के युवाओं को प्रेरित कर रही है। महान कवि रविन्द्रनाथ टैगोर ने एक बार कहा था कि “यदि भारत को जानना चाहते हो तो स्वामी विवेकानन्द (Swami Vivekananda) को पढ़ो।” आज जिस दौर से भारत गुजर रहा है, कह सकते हैं कि आज फिर युवाओं को विवेकानन्द को पढ़ने की जरुरत है।

भारत आज इतिहास की उस देहरी पर खड़ा है, जहां उसकी युवाशक्ति ही देश का स्वर्णिम युग वापस ला सकती है। लेकिन ये आशंका भी है कि यदि इस युवाशक्ति को सही दिशा नहीं दिखायी गई तो यह विध्वंस भी ला सकती है। यही वजह है कि युवा दिवस (National Youth Day) की  अहमियत अपने आप बढ़ जाती है। युवा वर्ग हमेशा जोश और उत्साह से भरा होता है, जो बदलाव के लिए सबसे जरुरी आवश्यकता है। अच्छी बात ये है कि भारत में युवाओं की संख्या 43 करोड़ है, जो कि कई देशों की कुल जनसंख्या से भी ज्यादा है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि यदि इस युवा आबादी ने सही डगर पकड़ ली तो हम विकास की नई इबारत लिख सकते हैं। 21वीं सदी हमारी हो सकती है, यदि हमारी युवा पीढ़ी अपनी चुनौतियों से पार पा ले।

National Youth Day

चुनौतियां भी अवसर भी (National Youth Day)

भारत के युवाओं के सामने आज अवसरों की भरमार है, तो चुनौतियां भी कम नहीं है। ऐसे में यदि सरकारें नीतियां बनाते हुए युवाओं को केन्द्र में रखें तो चुनौतियों से काफी हद तक पार पाया जा सकता है।

चुनौतियां

आज के समय की बात करें तो युवाओं के सामने बेरोजगारी सबसे बड़ी समस्या है। बता दें कि 2015-16 में देश में बेरोजगारी दर बढ़कर 5 फीसदी हो गई है, जो कि बेहद चिंताजनक है।

ऊपर से मशीनीकरण कोढ़ में खाज का काम कर रहा है, जिससे नौकरियों के अवसर दिनों-दिन कम होते जा रहे हैं। जिस तरह से पूरी दुनिया में मशीनीकरण हो रहा है, उससे आने वाले समय में युवाओं के सामने नौकरियों के अवसर काफी कम होने की आशंका जतायी जा रही है।

इसके साथ ही हमारी शिक्षा व्यवस्था की खामियां भी युवा वर्ग की उम्मीदों को तोड़ने का काम कर रही है। कहा जाता है कि युवा अवस्था सृजन का समय होता है। लेकिन दुर्भाग्य से हमारी शिक्षा व्यवस्था किसी भी लिहाज से कुछ नया करने के लिए प्रेरित नहीं कर पा रही है।

आतंकवाद और अपराध का नकारात्मक असर भी युवा पीढ़ी पर पड़ रहा है। युवा वर्ग की एक खामी होती है कि उसमें संयम का अभाव होता है, ऊपर से इस डिजिटल युग में युवाओं में कुछ भी पा लेने की बैचेनी और भी तेजी से बढ़ी है। इन्हीं कारणों से कुछ युवा भटककर अपराध का रास्ता पकड़ रहे हैं। वहीं कुछ कट्टरता के जाल में फंसकर आतंकवाद की तरफ मुड़ रहे हैं। ऐसे हालात में सरकारों की जिम्मेदारी काफी बढ़ जाती है।

भ्रष्टाचार, भारत की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है। जिसका सीधा असर युवाओं पर पड़ रहा है। जिससे एक तरह का गुस्सा भी युवाओं में देखा गया है। ऐसे में सरकार को भ्रष्टाचार को खत्म करने के बारे में सोचना होगा, ताकि सभी को समान अवसर मिल सके।

National Youth Day

अवसर

अवसरों की बात करें तो आज डिजिटल क्रांति के कारण कई ऐसे क्षेत्र उभरे हैं, जिनमें युवाओं के लिए अपार संभावनाएं हैं। इसमें ई-बाजार एक ऐसा क्षेत्र है, जो लगातार तेजी से बढ़ रहा है। आंकड़ों के मुताबिक साल 2018 में यह बाजार 45 अरब डॉलर के पार पहुंच जाएगा।

इसके अलावा स्टार्टअप को लेकर भी भारतीय युवा काफी संभावनाओं से भरे हैं। बताते चलें कि हमारे युवाओं में खुद का व्यवसाय करने की आदत होती है, जिसका हमारे देश को फायदा भी मिला है। ऐसे में हम उम्मीद कर सकते हैं कि यह आदत आगे भी बरकरार रहेगी और युवा नए नए आइडिया के साथ भारत के लिए संभावनाओं के नए दरवाजे खोलेंगे।

कृषि और आईटी के क्षेत्र भी ऐसे हैं, जहां भारतीय युवाओं के लिए अपार संभावनाएं होगी। भारत सरकार भी युवाओं को कृषि की तरफ मोड़ने की दिशा में काम कर रही है। कृषि मंत्रालय की एक रिपोर्ट की माने तो सरकार साल 2022 तक कुल 6.35 लाख युवाओं को कृषि के क्षेत्र में हुनरमंद बनाने का लक्ष्य तय कर चुकी है।

आईटी में जहां बीता साल थोड़ा निराशाजनक रहा, लेकिन आशा की जा रही है कि इस साल आईटी क्षेत्र में उछाल आएगा जिससे लाखों युवाओं को नौकरी मिलने की उम्मीद है।

इन सब के अलावा राजनीति तो है ही, जहां भारतीय युवाओं का रुझान तेजी से बढ़ा है। बता दें कि लोकसभा में भी युवाओं की संख्या बढ़कर 7.8 फीसदी हो गई है। जिस तरह से युवाओं में राजनीति को लेकर रुझान बढ़ रहा है, उससे उम्मीद की जानी चाहिए कि देश की राजनीति में भी आमूल-चूल बदलाव आएगा।

National Youth Day

बहरहाल इस उम्मीद के साथ, कि हमारी युवा पीढ़ी अपनी सभी चुनौतियों से पार पाते हुए इस देश को फिर से इसके गौरवशाली अतीत से रूबरु कराएगी, सभी पाठकों को युवा प्रेस (YuvaPress) परिवार की तरफ से राष्ट्रीय युवा दिवस (National Youth Day) की संभावनाओं से ओत-प्रोत हार्दिक शुभकामनाएं।

“एक विचार लो, उस विचार को अपना जीवन बना लो। उसके बारे में सोचो उसके सपने देखो, उस विचार को जियो। अपने मस्तिष्क, मांसपेशियों, नसों, शरीर के हर हिस्से को उस विचार में डूब जाने दो, और बाकी सभी विचार को किनारे रख दो। यही सफल होने का तरीका है।”स्वामी विवेकानन्द

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