स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यापक सुधार की जरुरत

Health Sector

वैसे तो मोदी सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र (Health Sector) में व्यापक सुधार किए हैं लेकिन अभी और भी ऐसा बहुत कुछ करने की जरुरत है। देखा जाये तो पिछले कुछ समय से इस क्षेत्र में बड़े कॉरपोरेट घरानों ने निवेश किया है। हमारे देश में लगभग 50 प्रतिशत से अधिक स्वास्थ्य सेवाएं निजी क्षेत्र के पास है। सरकार ने इस क्षेत्र के लाभ के लिए कई नीति भी बना रही हैं।

प्रधानमंत्री मोदी का स्वास्थ्य क्षेत्र (Health Sector) पर ध्यान

स्वास्थ्य क्षेत्र को देखते हुए प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में मंत्रीमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने चल रही योजना को जारी रखने और स्वास्थ्य तथा चिकित्सा योजनाओं के लिए 2019 से 2020 तक 14,930.92 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से मानव संसाधन के अतिरिक्त चरण प्रारंभ रखने की मंजूरी दी है। इसके अनुसार नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना तथा एमबीबीएस और पीजी सीटों की बढंतरी पर ध्यान दिया जायेगा। हमारे देश में मेडिकल कॉलेजों का वर्तमान भौगोलिक वितरण निंयत्रित किया जायेगा। इससे सरकारी और निजी क्षेत्र में सीट की उपलब्धता के अंतर में कमी आयेगी।

स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार

स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार की अवश्यकता को देखते हुए ही भारत के वित्तमंत्री ने Health Sector के लिए 1200 करोड़ रुपये का प्रारम्भिक आवंटन किया था। केंद्र सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार करने के लिए आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत की है और इसके तहत गरीबों को 5 लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त होगा। यह एक क्रान्तिकारी योजना है। वित्तमंत्री ने बजट पेश करने के समय एक घोषणा की थी जिसके अनुसार आर्थिक रूप से कमजोर 10 करोड़ परिवारों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य संरक्षण योजना के तहत 5 लाख तक का स्वास्थ्य जीवन कवर प्रदान किया जायेगा। टीबी से पीड़ित लोगों के इलाज के लिए 600 करोड़ रुपये का फंड दिया जायेगा।

हमारी भारत सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के लिए बहुत कुछ करने का प्रयास तो कर रही है लेकिन हमे लगता है कि यदि Health Sector में निवेश करने के लिए और भी बड़े कॉरपोरेट लोगों आयेंगे तो अधिक लाभ मिलेगा। हमे सरकार के साथ साथ कदम से कदम मिलाकर चलना होगा तभी हम इस क्षेत्र को कामयाब बना सकते हैं और लोगों का भला कर सकते हैं। हमें कभी भी केवल सरकार के भरोसे नहीं बैठना चाहिए। क्योंकि यह हमारे और आपके स्वास्थ्य से जुड़ा मामला है। यदि हमने अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देना सीख लिया तो हम कभी बीमार नहीं पड़ेगें।

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