दूसरे चरण में प्रवासी मज़दूरों, किसानों और गरीबों को राहत की सांस -Nirmala Sitaraman

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नई दिल्ली,14 May 2020, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि आज छोटे किसानों, प्रवासी मजदूर, street vendors, छोटे कारोबारियों आदि के लिए एलान होंगे। तीन माह लोन moratorium सुविधा के साथ तीन करोड़ किसानों ने कुल 4.22 लाख करोड़ रुपये के Agricultural loan के लिए आवेदन किया। किसानों को ब्याज पर सहायता दी गई है। साथ ही 25 लाख नए credit card को मंजूरी दी है।

कृषि के क्षेत्र में मार्च और अप्रैल में 63 लाख कर्ज मंजूर किए गए, जो लगभग 86,600 करोड़ रुपये के हैं। Cooperative और Regional Rural bank के लिए मार्च 2020 में NABARD ने 29,500 करोड़ रुपये के रीफाइनेंस का प्रावधान किया है। ग्रामीण क्षेत्र में विकास के लिए  राज्यों को मार्च में 4200 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा राज्य सरकारों को अनुमति दी है कि वे आपदा के लिए रकम का इस्तेमाल कर प्रवासी मजदूरों के लिए खाने और रहने का इंतजाम करें। ये राज्यों का अधिकार है कि वह इसे कैसे इस्तेमाल करें।जो शहरी बेघर और गरीब हैं उनके लिए केंद्र सरकार की ओर से व्यवस्था की जा रही है, इसके लिए 11 हजार करोड़ रुपये दिए गए हैं। एक दिन में Shelter Homes में प्रति व्यक्ति के लिए तीन Meals दी गईं। साथ ही दो महीनों में 7200 नए (SELF HELP GROUPS)SHGs शुरू हुए हैं।

13 मई तक MNREGA के तहत 14.62 करोड़ व्यक्तियों को काम दिया गया। अब तक इस पर 10 हजार करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। 1.87 लाख ग्राम पंचायतों में 2.33 करोड़ लोगों को काम दिया गया। पिछले साल मई की तुलना में 40-50 फीसदी कामगार बढ़े हैं। इनके लिए मजदूरी को 182 रुपये से बढ़ाकर 202 रुपये कर दिया गया है।

न्यूनतम वेतन की पेशकश 

सरकार सभी कर्मचारियों के लिए न्यूनतम वेतन तय करने का प्रयास कर रही है। न्यूनतम वेतन का लाभ लगभग 30 फीसदी कर्मचारी उठा पाते हैं। इसमें राज्यों के बीच न्यूनतम वेतन में अंतर को खत्म किया जाएगा। इसे वैधानिक रूप दिया जाएगा। सभी मजदूरों को नियुक्ति पत्र मिलेंगे और साल में एक बार हेल्थ चेकअप होगा। असंगठित क्षेत्र को Social Security Scheme का लाभ मिलेगा। मजदूरों के लिए ESIC सुविधा को लागू किया जाएगा। महिलाओं को अगर रात्रि में काम करना पड़ता है, तो उनके लिए अलग-अलग तरह के सेफगार्ड लाए जाएंगे।

वन नेशन-वन राशन कार्ड

राशन की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आठ करोड़ प्रवासी मजदूरों के लिए सरकार 3,500 करोड़ रुपये का प्रावधान कराने जा रही है। जो National Food Security में नहीं आते, या जिनको राज्यों का Ration card नहीं मिल पाता, उनके लिए यह प्रावधान किया गया है। प्रति व्यक्ति 5-5 किलो गेहूं या चावल मिलेंगे। साथ में प्रति फैमिली एक किलो चना अगले दो महीनों तक मिलेगा। इसको लागू करने की जिम्मेदारी राज्य सरकारों की है।

प्रवासी मज़दूरों के लिए कम कीमत वाले घर

प्रवासी मजदूर और शहरी गरीबों को कम कीमत पर रहने की सुविधा मिल पाए, इस बड़ी योजना का संकल्प लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत कम कीमत वाले किराए के घर आने वाले समय में मिलेंगे। सरकार मौजूदा बने हुए घरों को भी इसमें शामिल करेगी। इसके लिए सरकार उद्योगपतियों और राज्य सरकारों को प्रेरित करेगी, ताकि वो अपने राज्य में काम करने वाले मजदूरों के लिए रहने की व्यवस्था बनाएं।

मुद्रा शिशु लोन

मुद्रा शिशु लोन के माध्यम से लगभग तीन करोड़ लोगों को लाभ मिलने वाला है, जो 1,500 करोड़ रुपये के करीब होगा। उनकी ब्याज दर में सरकार दो फीसदी की छूट दे रही है। इसका खर्चा मोदी सरकार उठाएगी। गरीब से गरीब लोगों को इसका लाभ मिलेगा।

स्ट्रीट वेंडर और छोटे व्यापारियों को लाभ

रेहड़ी लगाने वाले, पटरी पर सामान बेचने वाले, घरों में काम करने वाले श्रमिक साथियों के लिए 5,000 करोड़ रुपये की क्रेडिट फैसिलिटी लेकर आए हैं। प्रति व्यक्ति को 10,000 रुपये तक की सुविधा मिल सकती है। इसको एक महीने के अंदर लॉन्च कर दिया जाएगा। Digital Payment करने वालों को अतिरिक्त लाभ मिलेगा। उन्हें आने वाले समय में 10,000 के बजाय ज्यादा पैसा मिल सकता है। वे अपना कारोबार बढ़ा सकते हैं। 50 लाख Street vendor को इसका लाभ मिलेगा।

हाउसिंग सेक्टर और रोजगार को बढ़ावा

हाउसिंग सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए मिडल इनकम ग्रुप, जिनकी आया छह लाख से 18 लाख रुपये है, उनके लिए 70,000 करोड़ रुपये का बढ़ावा देने वाली एक योजना लेकर आए हैं। क्रेडिट लिंक सब्सिडी स्कीम (CLSS), जो हमने 31 मार्च 2020 तक बढ़ाई थी, जिसका लाभ 3.3 लाख मध्यम वर्ग के परिवारों को मिला था, उस योजना की तिथि मार्च 2021 तक बढ़ा दी गई है। इससे ढाई लाख से ज्यादा परिवारों को लाभ मिलेगा और 70,000 करोड़ का कुल निवेश आएगा, जिससे रियल एस्टेट से जुड़े सेक्टर्स (स्टील, सीमेंट, आदि) को भी बढ़ावा मिलेगा और लाखों लोगों को मजदूरी के अवसर मिलेंगे।

रोजगार के लिए 6,000 करोड़ रुपये के CAMPA फंड्स का उपयोग होगा। विशेष तौर पर ग्रामीण इलाकों में, आदिवासी क्षेत्रों में, इन योजनाओं का लाभ उठाया जा सकेगा।

वित्त मंत्री ने कहा कि तीन करोड़ छोटे और सीमांत किसानों के लिए मोदी सरकार 30,000 करोड़ की अतिरिक्त सुविधा लेकर आई है। नाबार्ड जो 90,000 करोड़ रुपये देता है, यह उसके अतिरिक्त है। यह स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक, डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव बैंक, आदि के माध्यम से राज्यों को दिया जाएगा।

किसानो के लिए योजनाओं की घोषणा

पीएम किसान योजना और अन्य योजनाओं के माध्यम से करोड़ों किसानों को लाभ मिलता है। अब दो लाख करोड़ रुपये की सुविधा, कंसेशनल क्रेडिट को बढ़ावा देते हुए ढाई करोड़ किसानों को इसका फायदा मिलेगा। किसान credit card  के माध्यम से इनको सुविधा मिलेगी ,इसके लिए एक विशेष अभियान चलाया जाएगा और सस्ते में कर्ज मिलेगा। इसके तहत किसानों के अलावा मछुआरों और पशु पालकों को भी इसका लाभ मिलेगा और उनकी आय के साधन बढ़ेंगे।

 

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