कृषि इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए एक लाख करोड़ रुपए, मतस्यपालन और पशुपालन के लिए बड़े ऐलान

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नई दिल्ली ,15 मई 2020: वित्त मंत्री Nirmala Sitaraman ने कहा कि आज कृषि के ऊपर ज्यादा बात करेंगे। किसानों के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाओं के जरिए पिछले पांच से छह सालों से कदम उठाए जा रहे हैं। करोड़ों किसानों को इसके माध्यम से लाभ मिला है।

पिछले दो महीनों में किसानों के लिए कई कदम उठाए गए हैं। न्यूनतम समर्थन के लिए लगभग 74,300 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जो सीधे किसानों को मिले हैं। PM Kisan Yojna के अंतर्गत दो महीनों में 18,700 करोड़ रुपये किसानों के Accounts में डाले गए हैं। फसल बीमा योजना के माध्यम से जो Claims मिलने थे, वो 6,400 करोड़ रुपये के Claims किसानों को मिले हैं। Lockdown के दौरान दूध की खपत 20 से 25 फीसदी कम हुई है। 5,000 करोड़ की अतिरिक्त Liquidity की मदद दो करोड़ किसानों को दी गई। दो फीसदी ब्याज अनुदान भी दिया गया।

दो महीनों में 242 नई Shrimp Hatchery को Registration दी गई। Aquaculture और Marine Capturing के लिए जो राहत दी जानी थी, वो भी दे दी गई है। Fishkeeping को लेकर चार घोषणाएं जो हमने पहले की थी, उनको भी लागू कर दिया गया है।

एक लाख करोड़ रुपये का कृषि आधारभूत ढांचा बनाने के लिए योजना लाई गई है। इससे किसानों की आय बढ़ेगी। भारत ना केवल अपनी मांग को पूरा कर सकेगा, बल्कि आने वाले समय में Export के लिए भी मदद मिलेगी। Agriculture Co-operative Society, Agriculture Start-ups आदि को इससे लाभ मिलेगा।

असंगठित क्षेत्र के जो सूक्ष्म खाद्य संस्करण इकाइयां (MFE) हैं, उनके लिए हम 10,000 करोड़ रुपये की योजना लेकर आए हैं। ये Cluster Based Approach होगी। इससे लगभग दो लाख इकाइयों को लाभ मिलेगा। रोजगार के अवसर मिलेंगे और आय बढ़ेगी। इनकी Marketing Branding भी होगी और Technology Upgradation भी होगी।

20,000 करोड़ रुपये की प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना लेकर आए हैं। इससे मछुआरों का विकास होगा। इसमें से 11,000 करोड़ रुपये समुद्री और अंतर-देशीय मत्स्य पालन के लिए मिलेगा। 9,000 करोड़ रुपये इसके आधारभूत ढांचे के विकास के लिए होगा। इससे अगले पांच वर्षों में 70 लाख टन का अतिरिक्त मछली उत्पादन होगा। 55 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। साथ ही एक लाख करोड़ रुपये का Export होगा, जो लगभग दोगुना है।

53 करोड़ पशुओं के Vaccination की योजना हम लेकर आए हैं। इसके लिए लगभग 13,343 करोड़ रुपये खर्च होगा। हम इनको रोग मुक्त करेंगे। इससे International level पर मांग बढ़ेगी। पशुओं को अच्छा जीवन जीने का अवसर मिलेगा। साथ ही दूध उत्पादन में बढ़ोतरी होगी।

पशु पालन सेक्टर में आधारभूत ढांचे के लिए Development Fund बनाया गया है। इसके लिए 15,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। ताकि जो दूध उत्पादन होता है, उसकी Processing करने के लिए Industries लग सके। इससे Export के भी अवसर मिलेंगे।

Herbal Cultivation की promotion के लिए लगभग 4,000 करोड़ रुपये का प्रावधान इस प्रोजेक्ट के माध्यम से किया जाएगा। 10 लाख हेक्टेयर जमीन में इसकी खेती होगी। इससे 5,000 करोड़ रुपये की आय किसानों की होगी। गंगा किनारे भी ऐसे हजारों एकड़ में plantation की ड्राइव चलाई जाएगी।

मधुमक्खी पालन के लिए 500 करोड़ की योजना लेकर आए हैं। इससे दो लाख मधुमक्खी पालकों की आय में वृद्धि होगी और उपभोक्ताओं को बेहतर शहद मिलेगा। ग्रामीण क्षेत्र के लिए यह आय का अतिरिक्त साधन होगा। Local से Global की दिशा में यह बड़ा कदम होगा।

Top to Total Scheme में 500 करोड़ का प्रावधान किया गया है। यह पहले टमाटर, प्याज, आलू के लिए था। Operation Greens का विस्तार टमाटर, प्याज और आलू के अलावा बाकी सभी फल और सब्जियों के लिए भी किया जाएगा। इसको संकट की घड़ी में पायलट योजना के रूप में देखा जाएगा और इसको आगे बढ़ाया भी जा सकता है। इसमें 50 फीसदी Subsidy मालभाड़े पर दी जाएगी और 50 फीसदी Subsidy Storage के लिए होगी। इसमें Cold Stores भी शामिल है।

आवश्यक वस्तुओं के लिए जो कानून 1955 में बनाया गया था, उसमें बदलाव किया जा रहा है। इससे किसानों की आय में बढ़ोतरी की संभावना बढ़ेगी। Essential Commodities Act में संशोधन किया जाएगा। तिलहन, दलहन, आलू आदि जैसे प्रॉडक्ट्स को इसमें De-regulate किया जाएगा, जिससे किसानों को लाभ मिल सके। कृषि क्षेत्र के लिए जो भी कानूनी व्यवस्था करनी पड़ेगी वो करेंगे। किसानों को उचित मूल्य मिले, इसके लिए यह बड़ा कदम होगा।

किसानों की निश्चित आय, जोखिम रहित खेती और गुणवत्ता के मानकीकरण के लिए एक कानून बनाया जाएगा। इससे किसानों का उत्पीड़न रोका जाएगा और किसानों के जीवन में सुधार आएगा। वो निर्यातकों और बड़े कारोबारियों के साथ काम कर सकेंगे।

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