मोदी सरकार की किसान सम्मान निधि योजना की तर्ज पर गुजरात सरकार की ‘व्हाली दीकरी योजना’

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कक्षा 1 में दाखिला लेने वाली कन्या को 4,000 रुपये और कक्षा-9 में पहुँचने पर 6,000 रुपये की मिलेगी आर्थिक मदद


रिपोर्ट : विनीत दुबे

गांधीनगर, 2 जुलाई 2019 (YUVAPRESS)। केन्द्र की मोदी सरकार की किसान सम्मान निधि योजना की तर्ज पर गुजरात सरकार ने ‘व्हाली दीकरी योजना’ शुरू करने की घोषणा की है। इस योजना के तहत राज्य सरकार ऐसी बेटियों को जिनके परिवारों की आय 2 लाख रुपये तक है, उन्हें 4,000 रुपये की आर्थिक मदद देगी।

गुजरात सरकार के उप-मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री नितिन पटेल ने मंगलवार को राज्य विधानसभा में राज्य सरकार का वर्ष 2019-20 का वार्षिक पूर्ण बजट पेश किया। बजट पेश करते हुए नितिन पटेल ने कहा कि राज्य सरकार गरीब वर्ग की लड़कियाँ शिक्षा प्राप्त करने से वंचित न रहें तथा गरीब परिवार भी अपनी बेटियों को पढ़ाने के लिये प्रोत्साहित हों, इसके लिये ‘व्हाली दीकरी योजना’ शुरू करेगी।

इस योजना के तहत 2 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले परिवारों की बेटियों को जूनियर केजी और सीनियर केजी के बाद कक्षा 1 में आने पर राज्य सरकार की ओर वार्षिक 4,000 रुपये की आर्थिक मदद देगी। जब बेटी प्राथमिक शिक्षा पूरी करके मिडिल क्लास में कक्षा 9 में आएगी तो उसकी वार्षिक सहायता की रकम बढ़ाकर 6,000 रुपये कर दी जाएगी। इसके अलावा जब बेटी 18 वर्ष की आयु पूरी करेगी तो उसे उच्च शिक्षा के लिये 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। वित्त मंत्री नितिन पटेल ने इस योजना की घोषणा करते हुए बताया कि इस योजना के लिये राज्य सरकार ने वार्षिक बजट में 133 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। राज्य सरकार ने आँगनवाड़ियों में आने वाले बच्चों को पूरक पोषण उपलब्ध कराने के लिये भी बजट में 751 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
उल्लेखनीय है कि पीएम नरेन्द्र मोदी की पिछली सरकार ने लोकसभा चुनाव से पहले अंतरिम बजट में किसानों के लिये वार्षिक 6,000 रुपये की आर्थिक मदद देने वाली किसान सम्मान निधि योजना का ऐलान किया था।

2 लाख करोड़ के पार हुआ गुजरात का वार्षिक बजट

7वीं बार गुजरात का बजट पेश करने वाले उप-मुख्यमंत्री नितिन पटेल ने 2,04,815 करोड़ रुपये का बजट पेश किया है। 1960 में गुजरात की स्थापना के बाद यह पहली बार है कि गुजरात का वार्षिक बजट 2 लाख करोड़ रुपये से ऊपर पहुँच गया है। बजट में कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और पानी की व्यवस्थाओं पर जोर दिया गया है। विशेषकर शिक्षा के संपूर्ण विकास के लिये बजट में 30,045 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। पाठशालाओं में नये 5 हजार वर्गखंड के निर्माण के लिये 454 करोड़ रुपये आवंटित किये गये हैं, इससे लगभग डेढ़ लाख विद्यार्थियों को शिक्षा की सुविधा मिलेगी। दूध संजीवनी और अन्न त्रिवेणी योजना के लिये 1,015 करोड़ रुपये, बालकों की फीस, गणिवेश, जूते, स्कूलबेग आदि के लिये 341 करोड़ रुपये, वर्च्युअल क्लास रूम के लिये 103 करोड़ रुपये, उच्च तथा तकनीकी शिक्षा में मुख्यमंत्री युवा स्वावलंबी योजना के लिये 370 करोड़, सरकारी कॉलेज, यूनिवर्सिटी भवन के लिये 206 करोड़ और कॉलेज के विद्यार्थियों को टेबलेट देने के लिये 252 करोड़ रुपये आवंटित किये हैं।
चिकित्सकीय शिक्षा के लिये एमबीबीएस की 4,800, डेंटल की 1,240, पीजी डिप्लोमा सुपर स्पेशियालिटी के लिये 1,944 सीटें उपलब्ध हैं। इनमें एमबीबीएस की नई 750 सीटें बढ़ाने के लिये 80 करोड़ रुपये आवंटित किये हैं।

बजट की अन्य महत्वपूर्ण बातें

राज्य सरकार ने शपथपत्र औऱ नोटरी के लेखों के लिये स्टेम्प ड्यूटी में ढाई गुना वृद्धि की है। इस प्रकार 20 रुपये की स्टेम्प ड्यूटी के स्थान पर अब 50 रुपये देने होंगे।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के लिये बजट में 10,800 करोड़ रुपये आवंटित किये गये हैं।
आयुष्मान भारत जन स्वास्थ्य योजना के 4.90 लाख लाभार्थियों को 818 करोड़ रुपये चुकाए गये हैं। इस योजना के लिये इस बजट में 450 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिये 110 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
मां वात्सल्य योजना के लिये सरकारी तथा अनुदान प्राप्त करने वाले अस्पतालों के लिये 1,000 करोड़ रुपये, सरकारी अस्पतालों में निःशुल्क दवाइयों के लिये 500 करोड़ रुपये आवंटित किये गये हैं।
मौसमी बीमारियों के नियंत्रण के लिये 313 करोड़ रुपये, बाल सखा राज्य व्यापी योजना के लिये 85 करोड़ रुपये तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र और सामूहिक स्वास्थ्य केन्द्रों के निर्माण के लिये 129 करोड़ रुपये आवंटित किये गये हैं।
राज्य सरकार की ओर से राजकोट में एम्स के निर्माण के लिये 200 एकड़ जमीन आवंटित की गई है। आंतर-ढांचागत सुविधाओं के लिये 10 करोड़ रुपये, सूरत, भावनगर सुपर स्पेशियालिटी अस्पताल के लिये 160 करोड़ रुपये, अस्पतालों में ओपीडी बिल्डिंग व नर्सिंग बिल्डिंग के लिये 116 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
108 की एंब्युलंस सेवा के लिये नई 100 एंब्युलंस खरीदने के लिये 18 करोड़ रुपये, 310 सरकारी आयुर्वेद दवाखानों को हेल्थ वेलनेस सेन्टर में रूपांतरित करने के लिये 48 करोड़ रुपये और जामनगर मेटरनिटी चाइल्ड ब्लॉक के लिये 25 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। जल संपत्ति के कामों के लिये 7,157 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
कृषि, पशु पालन व मत्स्योद्योग के लिये भी बजट में अच्छी खासी रकम आवंटित की गई है।

सी-प्लेन शुरू करेगी राज्य सरकार

राज्य में अभी एक दर्जन हवाई अड्डे और 5 एयरस्ट्रिप कार्यरत हैं। सरदार सरोवर, शत्रुंजय डेम, साबरमती रिवरफ्रंट पर विमानों की लेंडिंग के लिये 5 करोड़ रुपये की लागत से वॉटर एयरोड्रॉम बनाये जाएँगे। जबकि स्टेच्यू ऑफ यूनिटी के एरियल व्यू के लिये 1 करोड़ रुपये का बजट में प्रावधान किया गया है।

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