पूरा का पूरा गाँव बन गया ‘चौकीदार’, कभी भाजपा का विरोध करने वाले इस गाँव में अब मोदी विरोधियों के लिए NO ENTRY, जानिए क्यों आया यह परिवर्तन ?

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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राफेल डील को ढाल बना कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए ‘चौकीदार चोर है’ का नारा क्या चलाया, प्रधानमंत्री सहित पूरी भाजपा ने चौकीदार को ही अपना नारा बना डाला। मोदी सहित सभी भाजपा नेताओं ने अपने ट्विटर हैण्डल पर अपने नाम के आगे चौकीदार शब्द जोड़ दिया। अब मोदी जगह-जगह घूम कर स्वयं को देश का चौकीदार बता रहे हैं और कह रहे हैं कि वे देश की चौकीदारी में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।

मोदी और भाजपा के इस चौकीदार अभियान से उत्तर प्रदेश का एक गाँव इतना प्रभावित हुआ कि पूरा का पूरा गाँव ही चौकीदार बन गया। अमरोहा लोकसभा क्षेत्र में शामिल एइस गाँव के किसानों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से प्रभावित होकर ‘मैं भी चौकीदार हूँ’ का बोर्ड लगा दिया है। इतना ही नहीं गाँव वालों ने इस गाँव में महागठबंधन (सपा-बसपा-आरएलडीः के प्रत्याशियों के लिए नो एंट्री का बोर्ड लगा दिया है गाँववालों ने इस बोर्ड पर यह चेतावनी भी लिखी है कि गठबंधन के प्रत्याशी अगर इस गाँव में आते हैं, तो अपने जान-माल की जिम्मेदारी पर आएँ।

मोदी के चौकीदार अभियान से जुड़ने वाला यह गाँव है उत्तरप्रदेश के अमरोहा लोकसभा क्षेत्र में रज़बपुर के निकट स्थित फरीदपुर। गाँव के लोगों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कामकाज और पाकिस्तान को मुँह तोड़ जवाब देकर पूरी दुनिया में भारत की ताकत का जो डंका बजाया है, उससे प्रभावित होकर अपने गाँव के सभी मार्गों पर एक बोर्ड लगाया है। बोर्ड के पक्ष में ग्रामवासी कहते हैं कि उन्हें जैसा प्रधानमंत्री चाहिये था, वैसे सारे गुण नरेन्द्र मोदी में मिल गये हैं।

तस्वीर में दिखाई देनेवाले इस बोर्ड पर गाँववालों ने ‘‘मैं भी चौकीदार हूं’’ लिखा है और महागठबंधन के प्रत्याशियों को वोट माँगने के लिये गाँव में नहीं आने की चेतावनी लिखी है। यहाँ से गुजरनेवाले लोग इस बोर्ड को पढ़ते नजर आते हैं।

कई ग्रामवासी हाथों में डंडे लेकर इस बोर्ड की रखवाली भी करते हैं, ताकि कोई शरारती राहगीर बोर्ड को नुकसान न पहुंचा सके। ग्रामवासी बोर्ड के आसपास बैठे रहते हैं और राजनीतिक चर्चा भी करते हैं। फरीदपुर गाँव के लोगों का कहना है कि वह पिछले 30 वर्ष से जो माँग कर रहे थे कि किसानों को सम्मान निधि योजना के तहत पैसा दिया जाये, वह माँग नरेन्द्र मोदी ने वार्षिक 6,000 रुपये देने की योजना से पूरी कर दी है, जिससे यह किसान बहुत खुश हैं। यह बोर्ड तेजी से सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है।

आश्चर्य की बात तो यह है कि अभी जो ग्रामवासी मैं भी चौकीदार हूं के नारे लगाते हैं, पिछले साल अक्टूबर में जब अमरोहा के किसानों पर लाठीचार्ज किया गया था, तब इन्हीं किसानों में भाजपा के प्रति भारी गुस्सा था। तब सूलपुर माफी गाँव के किसानों ने गाँव के बाहर भाजपा नेताओं के लिये ऐसा ही बोर्ड लगाया था, जिसमें चेतावनी दी गई थी कि अगर वो इस गाँव में आयें तो अपने रिस्क पर आयें। तब उस बोर्ड की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थीं। तब बोर्ड पर ‘किसान एकता जिंदाबाद’ का सूत्र लिखा गया था।

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