कांग्रेस भी नहीं है पाक़-साफ : प्रज्ञा पर सवाल उठाने वाले जान लें कि राहुल, सोनिया और कन्हैया सहित कई प्रत्याशी हैं बेल पर !

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कांग्रेस और उसके सहयोगी दल मध्य प्रदेश की भोपाल लोकसभा सीट से साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को चुनाव टिकट दिये जाने को लेकर भाजपा पर हमलावर रुख अपना रहे हैं, जबकि कांग्रेस पर वह फिल्मी लाइन पूरी तरह फिट बैठती है, जिसमें कहा गया है कि ‘जिनके खुद के घर शीशे के हों, उन्हें दूसरे के घरों पर पत्थर नहीं फेंकने चाहिये।’ क्योंकि इस मामले में खुद कांग्रेस का दामन भी पाक साफ नहीं है। कांग्रेस के अध्यक्ष और अमेठी तथा केरल की वायनाड सीट से लोकसभा के उम्मीदवार राहुल गांधी तथा यूपीए की अध्यक्ष और राय बरेली से कांग्रेस की उम्मीदवार सोनिया गांधी भी जमानती कैंडिडेट ही हैं। इसके अलावा कांग्रेस के शशि थरूर और सीपीआई के कन्हैया कुमार भी ऐसे ही कैंडिडेट हैं।

17वीं लोकसभा के चुनाव 2019 में भाजपा ने भोपाल लोकसभा सीट से साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता दिग्विजय सिंह के विरुद्ध चुनाव मैदान में उतारा है। साध्वी प्रज्ञा सिंह 29 सितम्बर 2008 को महाराष्ट्र के मालेगांव में हुए एक बम विस्फोट के मामले में आरोपी हैं और अभी जमानत पर हैं। उनके चुनाव लड़ने पर कांग्रेस और उसके सहयोगी दल बवाल मचा रहे हैं। परंतु इस मामले में खुद कांग्रेस भी पाक साफ नहीं है और कई अन्य दलों के उम्मीदवार भी ऐसे हैं जो जमानत पर चुनाव लड़ रहे हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी जो उत्तर प्रदेश की अमेठी और केरल की वायनाड लोकसभा सीट से लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं, वह खुद भी नेशनल हैराल्ड केस में जमानत पर हैं। साथ ही उनकी माता सोनिया गांधी जो यूपीए की अध्यक्ष हैं, वह भी इसी मामले में जमानत पर हैं। वह भी राय बरेली से कांग्रेस की तरफ से लोकसभा चुनाव लड़ रही हैं, जिनके विरुद्ध भाजपा ने दिनेश प्रताप सिंह को उतारा है, जो मूल रूप से कांग्रेस के ही हैं और यूपी में एमएलसी भी रह चुके हैं। जबकि अमेठी में राहुल के विरुद्ध भाजपा की स्मृति ईरानी और वायनाड में एनडीए के उम्मीदवार बीडीजेएस प्रमुख तुषार वेल्लापल्ली हैं।

आज़ादी से पहले सन् 1938 में पं. जवाहरलाल नेहरू ने नेशनल हैराल्ड नाम का अखबार शुरू किया था, जिसका मालिकाना अधिकार एसोसिएट्स जर्नल्स लिमिटेड (AJL) के पास था। एजेएल अन्य अखबार भी छापता था। 2008 में एजेएल ने नेशनल हैराल्ड छापना बंद कर दिया, तब तक उस पर 90 करोड़ रुपये का कर्ज हो चुका था। इसके बाद 5 लाख रुपये की पूंजी से बनी यंग इण्डियन कंपनी जिसमें सोनिया गांधी और राहुल गांधी 38-38 प्रतिशत भागीदारी है और शेष 24 प्रतिशत की भागीदारी भी कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फर्नांडिस की है, उस कंपनी कांग्रेस ने 90 करोड़ रुपये का कर्ज दिया, जिससे यंग इण्डियन कंपनी ने एजेएल के 99 प्रतिशत शेयर खरीदकर एजेएल कंपनी पर कब्जा कर लिया। दूसरी तरफ कांग्रेस ने यंग इण्डियन कंपनी को दिया 90 करोड़ रुपये का कर्ज माफ कर दिया। इस प्रकार सोनिया और राहुल गांधी की भागीदारी वाली यंग इण्डियन कंपनी को मुफ्त में ही एजेएल कंपनी का स्वामित्व प्राप्त हो गया।

भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने 2012 में इस मामले को लेकर कोर्ट में मुकदमा दायर किया कि किसी भी राजनीतिक पार्टी का फंड इस तरह से व्यावसायिक उद्देश्य के लिये उपयोग नहीं किया जा सकता है। इस केस में दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने सोनिया गांधी तथा राहुल गांधी को 19 दिसंबर-2015 में जमानत दी है।

कांग्रेस के एक अन्य नेता की बात करें तो केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम् लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे शशि थरूर अपनी ही पत्नी सुनंदा पुष्कर की रहस्यमयी मृत्यु के मामले में जमानत पर हैं। शशि थरूर ने 2010 में व्यवसायी सुनंदा पुष्कर से शादी की थी। इसके बाद 17 जनवरी-2014 की रात दिल्ली के एक 5 स्टार होटल लीला पैलेस के एक कमरे में सुनंदा पुष्कर मृत पाई गईं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सुनंदा की मृत्यु जहर से होने का खुलासा होने के बाद पुलिस जांच शुरू की गई थी और शशि थरूर से प्राइम सस्पेक्ट के रूप में पूछताछ की गई थी। जुलाई-2018 में दिल्ली पुलिस ने थरूर की न्यायिक हिरासत की मांग की तो थरूर ने अग्रिम जमानत की डिमांड रख दी। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने 5 जुलाई-2018 को थरूर को जमानत दी है। हालाँकि कोर्ट ने उनके विदेश जाने पर रोक लगाई हुई है। शशि थरूर के विरुद्ध भाजपा ने मिजोरम के पूर्व गवर्नर कुम्मनम् राजशेखरन को उम्मीदवार बनाया है, वहीं सीपीआई के उम्मीदवार सी. दिवाकरन से भी थरूर का मुकाबला है।

बिहार की बात करें तो यहां भी दो उम्मीदवार जमानती कैंडिडेट हैं। बेगूसराय लोकसभा सीट पर सीपीआई के उम्मीदवार कन्हैया कुमार पर देशद्रोह का मुकदमा चल रहा है, जिसमें वह जमानत पर हैं। उनके विरुद्ध इस सीट पर भाजपा के गिरिराज सिंह और आरजेडी के तनवीर हसन चुनाव लड़ रहे हैं।

दिल्ली की जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) परिसर में 9 फरवरी-2016 को आतंकवादी अफजल गुरु की बरसी पर नारेबाजी करने के मामले में 11 फरवरी 2016 को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की शिकायत पर कन्हैया कुमार और उसके कुछ साथियों के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज किया गया है। उसके अगले दिन कन्हैया कुमार को गिरफ्तार किया गया था। हालाँकि 26 अगस्त-2016 को उसे जमानत मिल गई।

बिहार के ही मधेपुरा से जन अधिकार पार्टी के उम्मीदवार पप्पू यादव पर पुलिस से बदसलूकी और आचारसंहिता के उल्लंघन के मामले दर्ज हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले ही मार्च 2019 में उन्हें दो मामलों में जमानत मिली है। पुलिस से बदसलूकी के 25 साल पुराने मामले में उन्हें 19 मार्च-2019 को जमानत मिली। इसके बाद 2015 में दरभंगा में आचारसंहिता के उल्लंघन के मामले में 26 मार्च को जमानत मिली। 2014 में लालू प्रसाद यादव की राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) से जीतने वाले पप्पू यादव इस बार अपनी नवगठित पार्टी से चुनाव लड़ रहे हैं। आरजेडी से उनके विरुद्ध शरद यादव और एनडीए के घटक दल जेडीयू के उम्मीदवार दिनेशचंद्र यादव चुनाव लड़ रहे हैं।

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