इस NRI के लिये केवल ‘मौज-मस्ती’ की जगह नहीं है गोवा : जानिए अमेरिका से क्यों आया पणजी ?

मतदान लोगों को अपना जन-प्रतिनिधि और अपनी सरकार चुनने का अधिकार देता है, परंतु मताधिकार के लिये मिलने वाली छुट्टी का कुछ लोग दुरुपयोग करते हैं और वह समय घूमने-फिरने या आराम करने में बिताते हैं, मतदान करने में आलस्य करते हैं या उदासीन रहते हैं। ऐसे मतदाताओं को मत का महत्व समझाने के लिये एक NRI प्रेरणास्रोत बना है। यह NRI अमेरिका से गोवा आया है, परंतु या घूमने-फिरने और मौज-मस्ती करने की मंशा से नहीं, अपितु मतदान करने के लिये आया है।

लोकसभा चुनाव-2019 के तीसरे चरण में मंगलवार को 16 राज्यों की 117 सीटों के लिये मतदान हुआ। गोवा में भी लोकसभा की दो सीटों के लिये मतदान हुआ। 36 वर्षीय नवेन्दु न्यूयॉर्क (अमेरिका) से सिर्फ मतदान करने के लिये गोवा आये और उत्साहपूर्वक मतदाताओं की कतार में खड़े रहकर मतदान किया। नवेन्दु 1999 में 18 वर्ष के हुए और तब पहली बार उन्हें मतदान करने का अधिकार प्राप्त हुआ, तब से ही वह लगातार मतदान करते आ रहे हैं और वह कभी मतदान करना नहीं चूके। नवेन्दु के अनुसार शुरुआत में वह बंगलुरू में दस साल तक इंफोसिस कंपनी में नौकरी करते रहे, तब भी हर बार गोवा आकर मतदान में भाग लिया और पिछले दस साल से वह अमेरिका में हैं, वहां से भी वह हर बार छुट्टी लेकर मतदान करने के लिये भारत आते हैं। मतदान करने के बाद अब वह अमेरिका लौट जाएंगे।

इस प्रकार मतदान के लिये नवेन्दु का जज्बा सराहनीय है तथा मतदान करने में उदासीनता बरतने वाले मतदाताओं के लिये दृष्टांत है। नवेन्दु का कहना है कि प्रत्येक नागरिक के दो महत्वपूर्ण कर्तव्य हैं – पहला यह कि उसे बिना चूके मतदान अवश्य करना चाहिये और दूसरा यह कि जो लोग चुनकर सत्ता में आते हैं, उनसे सवाल पूछे। नवेन्दु ने यह भी कहा कि जो लोग प्रतिभावान होते हैं वह कार्पोरेट सेक्टर में चले जाते हैं और दूसरे क्रम के प्रतिभावान लोग सरकारी अधिकारी बन जाते हैं तथा तीसरे क्रम के प्रतिभावान लोग अपने पारिवारिक व्यवसाय संभाल लेते हैं, परंतु कोई प्रतिभाशाली व्यक्ति राजनीति में नहीं आता है, जिसके कारण राजनीति का स्तर नीचे जा रहा है, हालाँकि पहले के मुकाबले अब स्थिति में काफी सुधार आया है और मतदाता भी समझदार हो गया है, जो देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिये खुशी की बात है।

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