विश्व युवा कौशल दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- कौशल आपको दूसरों से अलग बनाता है

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विश्व युवा कौशल दिवस के मौके पर बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Video संबोधन के जरिए लोगों को संबोधित किया। यह वीडियो संबोधन विश्व युवा कौशल दिवस के पांच साले पूरे होने के मौके पर आयोजित किया गया।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने Video संबोधन में कहा कि Corona के इस संकट ने World Culture के साथ ही Nature of Job को भी बदलकर रख दिया है। लेकिन हमारे युवा हर दिन बदलते वक्त के साथ नए कौशल को सीख रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि लोग मुझसे पूछते हैं कि आज के दौर में व्यापार और बाजार इतनी तेजी से बदलते हैं कि समझ नहीं आता है कि प्रभावी कैसे रहा जाए। मैं इसका एक ही जवाब देता हूं प्रभावी रहने का मंत्र है- Skill, Re-skill और Upskill ।

Skill का अर्थ है, आप कोई नया हुनर सीखें। जैसे कि आपने लकड़ी के एक टुकड़े से कुर्सी बनाना सीखा, तो ये आपका हुनर हुआ। आपने लकड़ी के उस टुकड़े की कीमत भी बढ़ा दी। Value Addition किया। लेकिन ये कीमत बनी रहे, इसके लिए नए डिज़ाइन, नयी स्टाइल, यानी रोज़ कुछ नया जोड़ना पड़ता है। उसके लिए नया सीखते रहना पड़ता है। और कुछ नया सीखते रहने का मतलब, ये है Re- Skill. और हमारी जो skill है, उसका और विस्तार करना, जैसे छोटे-मोटे फर्नीचर बनाते- बनाते आप और भी चीजें सीखते गए, पूरा का पूरा ऑफिस डिज़ाइन करने लगे, तो वो हो गया Up skill.  Skill, Re- skill और Upskill का ये मंत्र जानना, समझना,और इसका पालन करना, हम सभी के जीवन में बहुत महत्वपूर्ण है।

वैसे जब मैं Skill की बात करता हूं तो मुझे अपने एक बहुत पुराने जानने वाले हमेशा याद आते हैं। मेरा सीधा परिचय तो नहीं था, लेकिन हमारे एक जानने वाले सज्जन बताते रहते थे। वो उनके किसी परिचित के विषय में बताते थे।वो ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं थे, लेकिन उनकी Hand- Writing बहुत अच्छी थी। समय के साथ उन्होंने अपनी Hand- Writing में और भी नए स्टाइल जोड़ लिए।यानी खुद को Reskill किया। उनकी ये skill देखकर, लोग खुद उनके पास पहुंचने लगे। लोग उनसे कहते थे कि हमारे यहां यह Special Occasion है, तो Invitation Card पर नाम वगैरह का काम आप कीजिए। बाद में उन्होंने खुद को Re- Skill किया, Upskill किया। उन्होंने कई और लैंग्वेज में लिखना शुरू किया, कुछ और Language सीखीं। और इस तरह से, एक प्रकार से उनका कारोबार बढ़ गया। बैठे-बिठाए लोग उनके पास काम लेकर के आने लगे। शौक से पनपा हुआ एक हुनर, रोजी रोटी का और सम्मान का भी एक माध्यम बन गया।

एक सफल व्यक्ति की बहुत बड़ी निशानी होती है कि वो अपनी स्किल बढ़ाने का कोई भी मौका जाने ना दे। इतना ही नहीं, मौका ढूँढता रहे।Skill के प्रति अगर आप में आकर्षण नहीं है, कुछ नया सीखने की ललक नहीं है तो जीवन ठहर जाता है। एक रुकावट सी महसूस होती है। एक प्रकार से वो व्यक्ति अपने व्यक्तित्व को, अपनी Personality को ही बोझ बना लेता है। और खुद के लिए नहीं, अपने स्वजनों के लिए भी बोझ बन जाता है।वहीं skill के प्रति आकर्षण, जीने की ताकत देता है, जीने का उत्साह देता है। Skill सिर्फ रोजी- रोटी और पैसे कमाने का जरिया नहीं है। जिंदगी में उमंग चाहिए, उत्साह चाहिए, जीने की जिद चाहिए, तो skill हमारी driving force बनती है, हमारे लिए नई प्रेरणा लेकर आती है। ऊर्जा का काम करती है। और उम्र कोई भी हो, चाहे युवावस्था हो या बुजुर्ग, अगर आप नई-नई skills सीख रहे हैं, तो जीवन के प्रति उत्साह कभी कम नहीं होगा।

तेजी से बदलती हुई आज की दुनिया में अनेक सेक्टरों में लाखों skilled लोगों की जरूरत है। विशेषकर स्वास्थ्य सेवाओं में तो बहुत बड़ी संभावनाएं बन रही हैं। यही समझते हुए अब कौशल विकास मंत्रालय ने दुनिया भर में बन रहे इन अवसरों की मैपिंग शुरू की है। कोशिश यही है कि भारत के युवा को अन्य देशों की जरूरतों के बारे में, उसके संबंध में भी सही और सटीक जानकारी मिल सके। किस देश में, हेल्थ सर्विस में नए द्वार खुल रहे हैं। किस देश में, कौन से सर्विस सेक्टर में, क्या डिमांड बन रही है, इससे जुड़ी जानकारी अब तेजी से भारत के युवाओं को मिल सकेगी।

अब जैसे मर्चेंट नेवी का उदाहरण लें तो भारत समेत पूरी दुनिया को सेलर्स की बहुत जरूरत है। हमारी तो साढे सात हजार किलोमीटर से लंबी कोस्ट लाइन है। बड़ी संख्या में हमारा youth समुद्र और तटीय परिस्थितियों से परिचित है। अगर इस क्षेत्र में स्किल को बढ़ाने पर काम किया जाए तो दुनिया भर को हम लाखों expert सेलर्स दे सकते हैं, और अपने देश की कोस्टल इकोनॉमी को भी मजबूत कर सकते हैं।

मैपिंग की वजह से अब इस तरह की जानकारियां देने का काम और आसान हो जाएगा। इसके अलावा चार-पांच दिन पहले देश में श्रमिकों की स्किल  मैपिंग का एक पोर्टल भी शुरू किया गया है। यह पोर्टल स्किल्ड लोगों को, स्किल्ड श्रमिकों की मैपिंग करने में अहम भूमिका निभाएगा। इससे Employers  एक click में ही स्किल्ड मैप वाले वर्कर्स तक पहुंच पाएंगे। ख़ासकर जो श्रमिक, हाल फिलहाल में शहरों से अपने गांवों में गए हैं, उन्हें बहुत मदद मिल पाएगी। आपने इधर बीच भी देखा होगा कि कैसे एक खास Skill set के साथ गांव पहुंचे लोगों ने, गांव का कायाकल्प करना शुरू कर दिया है। कोई स्कूल को पेंट कर रहा है, तो कोई नई डिजाइन के घर बनवा रहा है। छोटी-बड़ी हर तरह की ऐसी ही Skill, आत्मनिर्भर भारत की भी बहुत बड़ी शक्ति बनेगी।

और वैश्विक महामारी का युग है, तो मेरा भी कर्तव्य बनता है। एक बार मैं, बार-बार एक चीज को दोहराता ही रहूं। और सिर्फ मैं ना दोहराऊं, आप भी दोहराइये। और वह क्या है? पहले तो मैं चाहूंगा आप स्वस्थ रहिए। दूसरा 2 गज की दूरी का पालन करते रहिए, मास्क पहनना ना भूलें, थकने की आदत सब को छोड़ने के लिए समझाते रहिए। और जिस काम के लिए आज इकट्ठे हुए हैं, उस मंत्र को हमेशा याद रखें। कितना ही पढ़े-लिखे क्यों ना हों, कितनी ही डिग्रियां क्यों ना हो, फिर भी निरंतर स्किल भी बढ़ाते रहना चाहिए। लगातार नई नई स्किल के लिए अपने आप को तैयार करना चाहिए। जिंदगी जीने का आनंद आएगा। जिंदगी के नए अवसरों को पाने का आनंद आएगा। और मुझे विश्वास है कि आप अपने हाथों की ताक़त, अपने उंगलियों की ताक़त, अपने दिल दिमाग की ताकत, एक हुनर के द्वारा पनपाएंगे और बढ़ाएंगे। और खुद की प्रगति करेंगे, देश की भी प्रगति करेंगे।

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