ईश्वरीय संगीत से आत्मा तक को जागृत कर देने वाले पंडित जसराज जी रसराज ईश्वर में विलीन हुए

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महान शास्त्रीय गायक पंडित जसराज का America में दिल का दौरा पड़ने से सोमवार 17 अगस्त की सुबह निधन हो गया। Corona virus महामारी के कारण Lockdown के बाद से Pandit Jasraj न्यूजर्सी में ही थे। उन्होंने सोमवार सुबह आखिरी सांस ली। उनकी बेटी दुर्गा जसराज ने यह जानकारी दी।

पंडित जसराज के परिवार ने एक बयान में कहा, ”बहुत दुख के साथ हमें सूचित करना पड़ रहा है कि संगीत मार्तंड पंडित जसराज जी का America के New Jersey में अपने आवास पर आज सुबह 5 बजकर 15 मिनट पर दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया।”

उन्होंने कहा, ”हम प्रार्थना करते हैं कि भगवान कृष्ण स्वर्ग के द्वार पर उनका स्वागत करें जहां वह अपना पसंदीदा भजन ‘ओम नमो भगवते वासुदेवाय’ उन्हें समर्पित करें। हम उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं।” उन्होंने आगे कहा, “आपकी प्रार्थनाओं के लिए धन्यवाद। बापूजी की जय हो।”

इस साल January में अपना 90वां जन्मदिन मनाने वाले पंडित जसराज ने आखिरी प्रस्तुति 9 April को Hanuman Jayanti पर Facebook live के जरिए Varanasi के Sankatmochan Hanuman Temple के लिए दी थी।

पंडित जसराज ने संगीत की दुनिया में 80 वर्ष से अधिक बिताए। उन्होंने भारत, Canada और America में संगीत सिखाया है। उनके कुछ शिष्य बड़े संगीतकार भी बने हैं। परिवार में उनकी पत्नी मधु जसराज, पुत्र सारंग देव और पुत्री दुर्गा हैं।

उनकी प्रतिभा को देखते हुए उन्हें कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। उन्हें पद्मभूषण, सुमित्रा चरत राम अवार्ड फॉर लाइफटाइम अचीवमेंट, मारवाड़ संगीत रत्न पुरस्कार, स्वाति संगीता पुरस्करम्, संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, पद्म श्री, संगीत कला रत्न,  मास्टर दीनानाथ मंगेशकर पुरस्कार, लता मंगेशकर पुरस्कार और महाराष्ट्र गौरव पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंडित जसराज के निधन पर जताया शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महान शास्त्रीय गायक पंडित जसराज ने निधन पर शोक प्रकट करते हुए सोमवार को कहा कि उनके देहावसान से भारतीय शास्त्रीय विधा में एक बड़ी रिक्तता पैदा हो गई है। प्रधानमंत्री ने Tweet किया, ”पंडित जसराज जी के दुर्भाग्यपूर्ण निधन से भारतीय शास्त्रीय विधा में एक बड़ी रिक्तता पैदा हो गई है। न केवल उनका संगीत अप्रतिम था बल्कि उन्होंने कई अन्य शास्त्रीय गायकों के लिए अनोखे मार्गदर्शक के रूप में एक छाप छोड़ी। उनके परिवार और समस्त विश्व में उनके प्रशंसकों के प्रति संवेदना। ओम शांति।”

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