अरूणाचलम मुरूगनाथन की जिंदगी पर आधारित फिल्म – पैडमैन

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PadMan box office collection

नई दिल्ली: यह अरूणाचलम मुरूगनाथन की जिंदगी पर आधारित फिल्म है जिन्होंने अपनी वाइफ और गांव की स्त्रियों की परेशानी को देखकर सेनेटरी नैपकिन बनाने की सस्ती मशीन बनाई। पैडमैन की अब तक कमाई 50 करोड़ के पार हो चुकी है। चार साल पहले 2015 से 2018 के बीच 7 फिल्में रिलीज हुई जिनमें से पैडमैन अभी तक की सबसे कम कमाई करने वाली अक्षय कुमार फिल्म रही। लेकिन Box office collection को देख कर ऐसा लगता है कि पैडमैन की कमाई धीरे धीरे बड़ सकती है।

यह फिल्म सैनिटरी नैपकीन के मुद्दे पर आधारित है जो कि एक अच्छा संदेश देने वाली फिल्म है। इस फिलम को केवल दर्शकों ने ही नहीं बल्कि समीक्षक और विदेश से भी बेहतरीन रिस्पॉन्स मिला है। हाल्कि हैरानी कि बात यह कि ‘पैडमैन’ पिछले चार साल में आई अक्षय कुमार की बॉक्स ऑफिस पर सबसे कम कमाई करने वाली फिल्म साबित हुई है।

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दिख सकता है ‘पैडमैन’ का Valentine’s day पर जलवा (Box office collection)

14 फरवरी Valentine’s day है। हम सब जानते हैं की यह दिन प्यार कि निशानी के रुप मे मनाया जाता है। अक्सर प्रेमी जोडे़ इस दिन घुमने और सिनेमा देखने आदि जाते हैं। इसलिए इस दिन में ‘पैडमैन’ की कमाई की उमीद की जा सकती है।

फिल्म ‘पैडमैन’ की लागत लगभग 60 करोड़ रु से लेकर 65 करोड़ रु तक की है। हाल्कि फिल्म की कमाई अभी तक 50 करोड़ रुपये हो चुकी है। फिल्म के कमाई के अनुसार इसे FLop कहा जा सकता है। लेकिन फिल्म का उदेश्य अवेर्नस के जरिए बहुत अच्छा दर्शाया गया है। आज भी हमारे देश मे कई ऐसे लोग है, जो पिरीडस को गन्दा मानते हैं, जबकि पिरीडस गन्दा नहीं होता। यह तो महिला होने की निशानी को दर्शाता है।

भारत में आज भी ऐसी 70 प्रतीशत महिलाये हैं जो अपने पिरीडस होने की बात को अपने पति, पिता और भाई से छुपाती है। कुछ शर्म की वजह से तो कुछ क्या सोचेंगे इसकी वजह से। इसका मतलब यह नहीं है कि सैनिटरी पैड की जगह कपड़ा युज किया जाऐ। कपडा उपयोग करने का अर्थ यह है कि रोग को बुलावा देना, दुसरी और कपडे की जगह सैनिटरी पैड उपयोग करने का अर्थ यह है कि हाईजिनीकता बनाये रखना।

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