जिस मोदी को भारत में मौजूद विरोधी आँख में तिनके की तरह चुभते हैं, उस मोदी की इमरान ने क्यों की तारीफ ? CLICK कीजिए और जानिए इमरान ने कांग्रेस के बारे में क्या कहा ?

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान भी चाहते हैं कि भारत में हो रहे लोकसभा चुनावों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा और उसके सहयोगियों की सरकार दोबारा चुनकर सत्ता में आये। क्योंकि पाकिस्तानी पीएम भी मानते हैं कि एक मात्र भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी में ही ऐसा दम-खम है, जो कश्मीर समस्या का हल निकाल सकते हैं। इमरान खान ने कहा कि यदि कश्मीर मुद्दे का हल निकलता है तो दोनों देशों के बीच शांति बहाली का रास्ता भी साफ हो जायेगा।

विदेशी पत्रकारों के एक दल से बातचीत के दौरान इमरान खान ने कहा कि भाजपा ऐसी पार्टी है जो कश्मीर मुद्दे का हल निकाल सकती है। जबकि कांग्रेस एक कमजोर राजनीतिक इच्छाशक्ति वाली पार्टी है और यदि कांग्रेस सत्ता में आती है तो इस मुद्दे का हल निकलना संभव नहीं लगता है।

हालाँकि इमरान खान भाजपा के एक चुनावी नारे से चिंतित भी दिखे। उन्होंने कहा कि भाजपा ने चुनावी घोषणापत्र में कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देनेवाली धारा 370 और धारा 35ए हटाने की बात कही है। यदि ये चुनावी नारा ही है तब तो कोई बात नहीं, लेकिन यदि भाजपा इस वादे पर अमल करने का प्रयास करेगी तो यह अवश्य ही चिंता का विषय बन सकता है।

पिछले साल अगस्त में पाकिस्तान की सत्ता में आये प्रधानमंत्री इमरान खान ने भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से तुलना करते हुए यह भी कहा कि मोदी की राजनीति नेतन्याहू के जैसी है तथा वह भी डर और राष्ट्रवाद की भावना के नाम पर हिन्दू कट्टरवाद को बढ़ावा देनेवाली राजनीति कर रहे हैं, जिससे हिन्दुस्तान में मुस्लिम डरे हुए हैं और हासिये पर चले गये हैं।

क्रिकेटर से प्रधानमंत्री बने इमरान खान ने पाकिस्तान में आतंकी संगठनों के होने के सवाल का जवाब देते हुए मीडिया से कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ कारगर कार्यवाही कर रहा है। उन्होंने कहा कि कश्मीर में सक्रिय कुछ आतंकी संगठनों पर भी कार्यवाही की जायेगी। पाकिस्तानी सेना आतंकियों को आश्रय देती होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि आतंकवाद को खत्म करने में पाकिस्तानी सेना भी सरकार की पूरी मदद कर रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed