ICU में पाकिस्तान : इलाज के लिये भारत से माँगी ऑक्सीजन

Written by

रिपोर्ट : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 3 सितंबर, 2019 (युवाPRESS)। एक महीने के भीतर ही पाकिस्तान की अकल ठिकाने आ गई। 5 अगस्त को भारत की संसद में जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाकर उसका विशेष राज्य का दर्जा खत्म करने और राज्य का पुनर्गठन करने का संकल्प और बिल पेश किया तो बौखलाए पाकिस्तान ने 8 अगस्त को सोचे-समझे बिना भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापार पर रोक लगा दी। अभी इस बात को एक महीना भी पूरा नहीं हुआ और पाकिस्तान अपने ही बुने जाल में फँसकर रह गया। उसे जीवनरक्षक दवाइयों की जरूरत पड़ी तो मंगलवार को उसने भारत के साथ आंशिक व्यापार को बहाली दे दी।

भारत से दवाइयाँ मंगाने को मजबूर हुए इमरान

भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय व्यापार होता है। इसमें भारत पाकिस्तान से अटारी बॉर्डर के रास्ते ताजे फल, सिमेंट, खनिज, अयस्क, तैयार चमड़ा, प्रसंस्कृत खाद्य, अकार्बनिक रसायन, कच्चा कपास, मसाले, ऊन, रबड़ उत्पाद, अल्कोहल पेय, चिकित्सा उपकरण, समुद्री सामान, प्लास्टिक, डाई और खेल का सामान आयात करता था, जबकि पाकिस्तान भारत से जिंस के जैविक रसायन, कपास, प्लास्टिक उत्पाद, अनाज, चीनी, कॉफी, चाय, लौह, स्टील का सामान, तांबा और जीवनरक्षक दवाइयाँ तथा टीके आदि आयात करता था। यह द्विपक्षीय व्यापार भारत से कहीं अधिक पाकिस्तान के लिये महत्वपूर्ण था। भारत ने पाकिस्तान को मोस्ट फेवर्ड नेशन (MFN) का दर्जा भी दिया था, जो भारत ने इसी साल फरवरी में पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद छीन लिया। इस दर्जे में भारत पाकिस्तान को कई प्रकार कर रियायतें देता था। यह दर्जा छिनने से पाकिस्तान को मिलने वाली रियायतें खत्म हो गई थी, परंतु फिर भी दोनों देशों के बीच व्यापार हो रहा था।

रेबीजरोधी टीके तक भारत से खरीदता है पाकिस्तान

जुलाई में आई एक रिपोर्ट के अनुसार पिछले 16 महीनों में पाकिस्तान ने भारत से 250 करोड़ रुपये से अधिक के रेबीजरोधी (कुत्ते के काटने) और विषरोधी टीके खरीदे थे। दोनों देशों के बीच 2017-18 में मात्र 2.4 अरब डॉलर का व्यापार हुआ। इसमें भारत ने दुनिया के अन्य देशों के साथ हुए व्यापार की तुलना में पाकिस्तान के साथ मात्र 0.31 प्रतिशत व्यापार किया, जो कि पाकिस्तान के लिये ग्लोबल ट्रेड का 3.2 प्रतिशत था। यह दर्शाता है कि कुल द्विपक्षीय व्यापार में लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा पाकिस्तान का है। इसके बावजूद पाकिस्तान ने जम्मू कश्मीर मामले में बौखलाहट में अपने ही पाँवों पर कुल्हाड़ी दे मारी और भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापार पर रोक लगा दी। परिणाम यह हुआ कि एक महीने के भीतर ही पाकिस्तान की हालत खस्ता हो गई और उसे पलटी मारनी पड़ी। पाकिस्तान की जियो टीवी के अनुसार पाकिस्तानी वाणिज्य मंत्रालय ने जीवनरक्षक दवाइयों समेत कुछ आवश्यक वस्तुओं के लिये भारत के साथ आंशिक व्यापार शुरू करने की मंजूरी दी है। इससे सिद्ध होता है कि एक महीने के भीतर ही पाकिस्तान की अकल ठिकाने आ गई और लौट के बुद्धू घर को आ गये। उल्लेखनीय है कि जम्मू कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान को दुनिया के हर मंच पर शिकस्त झेलनी पड़ी है और कई बार उसकी फजीहत हुई है।

Article Categories:
News

Comments are closed.

Shares