मालदीव में ‘नारायण’ बने हरिवंश : भरी संसद में कर डाली पाकिस्तान की INTERNATIONAL बेइज्ज़ती !

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रिपोर्ट : कन्हैया कोष्टी

अहमदाबाद 2 सितंबर, 2019 (युवाPRESS)। कश्मीर मुद्दे पर एक बाद एक झटके का सामना कर रहे पाकिस्तान को बुधवार को एक और इंटरनेशनल बेइज्ज़ती का सामना करना पड़ा, जब भारत ने मालदीव में भरी संसद में पाकिस्तान को आइना दिखाया। निरंतर विकास लक्ष्यों (Achieving the Sustainable Goals) यानी SDGs पर हर वर्ष दक्षिण एशिया के देशों की संसद के अध्यक्ष/पीठासीन अधिकारियों का एक सम्मेलन आयोजित किया जाता है। इस सम्मेलन में अफग़ानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, मालदीव, म्यानमार, नेपाल, पाकिस्तान और श्रीलंका की संसद के अध्यक्ष/पीठासीन अधिकारी भाग लेते हैं।

इस बार आयोजित चौथे दक्षिण एशियाई स्पीकर समिट (SASS) की मेज़बानी मालदीव कर रहा है, जिसमें दक्षिण एशियाई देशों के स्पीकर भाग ले रहे हैं। भारत की ओर से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला तथा राज्यसभा उप सभापति हरिवंश नारायण सिंह प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। मालदीव की संसद में चल रहे इस दक्षिण एशियाई स्पीकर सम्मेलन में उस समय वातावरण तंग हो गया, जब भारत और पाकिस्तान के प्रतिनिधि कश्मीर मुद्दे पर आमने-सामने आ गए। भारत ने तो कश्मीर पर बात ही नहीं की थी, परंतु पाकिस्तान ने मालदीव के मंच पर से भी कश्मीर का मुद्दा जब उछाला, तो भारत ने पाकिस्तान को नरसंहार और निर्दोषों के लहू से सना आइना दिखा दिया।

कासिम-मारी को हरिवंश ने पिलाई लताड़

मालदीव की संसद में चल रहे इस सम्मेलन में पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व कर रहे नेशनल असेम्बली के डिप्टी स्पीकर क़ासिम सुरी और पाकिस्तानी सेनेटर कुर्रतुल ऐन मारी ने उर्दू में अपने संबोधन में कहा, ‘हम कश्मीर के बेबस मुसलमानों पर जो ज़ुल्म और सितम हो रहे हैं, उसे अनदेखा नहीं कर सकते। हमें उनके साथ होनेवाली नाइंसाफियों का पश्चाताप करना होगा। पाकिस्तान की पॉलिसी मजलूम और लाचार लोगों के साथ खड़े होने की है।’ जैसे ही सुरी ने कश्मीरी सुर छेड़ा, भारतीय प्रतिनिधियों ने कड़ी आपत्ति व्यक्त की और पॉइंट ऑफ ऑर्डर मांगा। मालदीव के स्पीकर ने इसे स्वीकार किया और सुरी को जवाब देने के लिए राज्यसभा उप सभापति हरिवंश नारायण सिंह खड़े हुए। उन्होंने कहा, ‘माननीय! मैं कड़े से कड़े शब्दों में पाकिस्तानी वक्ता द्वारा भारत के आतंरिक मुद्दे को इस मंच पर उठाने की निंदा करता हूँ। इसके साथ ही हम इस समिट के मुख्य उद्देश्य से हट कर मुद्दे को पेश किए जाने का भी विरोध करते हैं। पाकिस्तान को जरूरत है कि वह राज्य समर्थित सभी आतंकवादी गतिविधियों और सीमा पार आतंकवाद को ख़त्म करे, ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल हो सके।’

पाकिस्तानी आपत्ति के बावजूद डटे रहे हरिवंश

हरिवंश जब बोल रहे थे, तो पाकिस्तानी प्रतिनिधि आपत्ति दर्ज करा रहे थे, परंतु हरिवंश ने बोलना जारी रखा, ‘जिस मुल्क ने अपने ही देश के एक क्षेत्र विशेष के लोगों का नरसंहार किया और जिसकी वजह से एक अलग देश का निर्माण हुआ, उन्हें क्या वाकई नैतिक अधिकार है कि वह किसी और मुल्क पर अंगुली उठाएँ।’ कुर्रतुल ऐन मारी ने हरिवंश के आतंकवाद संबंधी आरोपों को जब नकारा, तो हरिवंश ने तथ्यों के साथ पाकिस्तान की पोल खोलते हुए कहा, ‘पाकिस्तान ने पाक अधिकृत कश्मीर (POK) के नागरिकों को प्रताड़ित किया है। उनके संवैधानिक अधिकारों से उन्हें वंचित रखा है। पीओके में जबरन कठपुतली प्रधानमंत्री की नियुक्ति की है जबकि एक क्षेत्र जो न देश है और न ही राष्ट्र की मान्यता उसके पास है।

कौन हैं हरिवंश नारायण सिंह ?

हरिवंश नारायण सिंह प्रसिद्ध पत्रकार हैं। वे राजनीतिक रूप से बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार के जनता दल (युनाइटेड) यानी जेडीयू-JDU से जुड़े हुए हैं। 30 जून, 1956 को उत्तर प्रदेश में बलिया स्थित सिताब दियारा में जन्मे हरिवंश ने कई मीडिया समूहों में काम किया। बिहार का चर्चित चारा घोटाला उजागर करने का श्रेय हरिवंश को ही जाता है। 2014 में हरिवंश जेडीयू से जुड़े। बिहार से उन्हें राज्यसभा सदस्य के रूप में निर्वाचित किया गया। 8 अगस्त, 2018 को हुए राज्यसभा उप सभापति चुनाव में एनडीए उम्मीदवार बने हरिवंश ने यूपीए उम्मीदवार कांग्रेस के बी. के. हरिप्रसाद को हराया।

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