लुटेरे ‘ग़ज़नवी’ पर मत करना ग़ुमान, भारत के पास है ‘ख़ून के आँसू’ रुलाने वाला सामान

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रिपोर्ट : कन्हैया कोष्टी

अहमदाबाद 29 अगस्त, 2019 (युवाPRESS)। पाकिस्तान ने बुधवार रात ‘बहुत बड़ा’ तीर मार दिया। जानते हैं क्या ? पाकिस्तान ने छोटी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल ग़ज़नवी का सफल परीक्षण किया। छोटी दूरी यानी LOW RANGE की इस मिसाइल ग़ज़नवी की पहुँच 290 से 320 किलोमीटर है। पाकिस्तान सरकार और सेना ग़ज़नवी के सफल परीक्षण के बहुत उत्साहित है, जबकि यह मिसाइल केवल जमीन से जमीन पर मार कर सकती है।

भारत में 16 बार आक्रमण कर सोमनाथ मंदिर सहित अकूत धन-दौलत लूटने वाले महमूद ग़ज़नवी के नाम पर बनी ग़ज़नवी मिसाइल के सफल परीक्षण को पाकिस्तान इस तरह पेश कर रहा है, मानो उसने भारत पर कोई कूटनीतिक या मैदानी जंग जीत ली हो। ट्विटर पर भी पाकिस्तानी नागरिक और समर्थक ग़ज़नवी पर पाकिस्तान, राष्ट्रपति आरिफ अल्वी, प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी सरकार की पीठ थपथपा रहे हैं, परंतु क्या ये सारे लोग यह नहीं जानते कि एक छोटी-सी मिसाइल से विशाल भारत वर्ष का वे कुछ नहीं बिगाड़ सकते ? यदि पाकिस्तानियों को मालूम न हो, तो हम बता देते हैं कि भारत के पास ग़ज़नवी को जवाब देने के लिए एक-दो नहीं, चार-चार मिसाइलें हैं। पाकिस्तान ने जिस लो रेंज मिसाइल ग़ज़नवी का सफल परीक्षण किया, उसी लो रेंज की भारतीय बैलिस्टिक मिसाइलें पृथ्वी 2, पृथ्वी 3, धनुष और क्रूज़ मिसाइल ब्रह्मोस ग़ज़नवी के परखच्चे उड़ा देंगी। यदि पाकिस्तान भारत के विरुद्ध युद्ध छेड़ता है, तो भारत की सेनाएँ उसे खून के आँसू रोने पर मजबूर कर देंगी।

मिसाइल क्षमता में पाकिस्तान पर कई गुना भारी है भारत

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान और उनके साथी मंत्री बार-बार परमाणु युद्ध की धमकी दे रहे हैं, परंतु ऐसे ग़ैरज़िम्मेदार पाकिस्तानी शासकों को भारत की मिसाइल क्षमता अच्छी तरह समझ लेनी होगी, जो 200 से 1000 किलो मौत का सामान ले जाने में सक्षम हैं, फिर वह परमाणु बम ही क्यों न हों। बात लो रेंज मिसाइलों की करें, तो भारत के पास पृथ्वी 1 (रेंजः 150 किमी, पेलोडः 1000 किलो), पृथ्वी 2 (रेंजः 350 किमी, पेलोडः 350-750 किलो), पृथ्वी 3 (रेंजः 300-350 किमी, पेलोडः 500-1000 किलो), धनुष (रेंजः 250-350 किमी, पेलोडः 500-1000 किलो), प्रहार (रेंजः 150 किमी, पेलोडः 200 किलो), सागरिका (रेंजः 700 किमी, पेलोडः 500-800 किलो), अग्नि-1 (रेंजः 700-1200 किमी, पेलोडः 2000 किलो) और शौर्य (रेंजः 700 किमी, पेलोडः 800 किलो) मिसाइलें हैं। दूसरी तरफ पाकिस्तानी लो रेंज मिसाइलों की पेलोड क्षमता अधिकतम् 500 किलो है। पाकिस्तानी मिसाइलों में हत्फ 1 (रेंजः 70 किमी, पेलोडः 500 किलो), हत्फ 1ए (रेंजः 100 किमी, पेलोडः 500 किलो), हत्फ 1बी (रेंजः 100 किमी, पेलोडः 500 किलो), हत्फ 2 अब्दाली (रेंजः 180-200 किमी, पेलोडः 450 किलो), हत्फ 2ए अब्दाली (रेंजः 800 किमी, पेलोडः 350 किलो), हत्फ 3ए गजनवी (रेंजः 290-320 किमी, पेलोडः 700 किलो), हत्फ 4 शाहीन 1 (रेंजः 750 किमी, पेलोडः 700 किलो) और हत्फ-9 नस्र (रेंजः 60 किमी, पेलोडः जानकारी नहीं) शामिल हैं। इसी प्रकार छोटी दूरी की क्रूज़ मिसाइलों में भारत के पास ब्रह्मोस और निर्भय है, जिसमें ब्रह्मोस की रेंज 300 से 500 किलोमीटर और पेलोड 300 किलो, जबकि निर्भय की रेंज 800 से 1000 किलोमीटर और पेलोड 450 किलो है। पाकिस्तानी क्रूज़ मिसाइलों में हत्फ 7 बाबर की रेंज 750 किलोमीटर व पेलोड 500 किलो और हत्फ 8 राद की रेंज 350 किलोमीटर व पेलोड 1000 किलो शामिल है।

मध्यम दूरी में ही मात खा जाएगा पाकिस्तान

बात मध्यम दूरी की मिसाइलों की करें, तो युद्ध छिड़ते ही इस मामले में पाकिस्तान बुरी तरह पटखनी खा जाएगा। भारत के पास मध्यम दूरी की एक मिसाइल है अग्नि 2, जिसकी रेंज 2000 किलोमीटर और पेलोड 1000 किलो है। दूसरी तरफ पाकिस्तानी मध्यम दूरी की मिसाइलें गौरी 2/हत्फ 5ए और अबाबील अभी विकसित हो रही हैं, तैयार नहीं हैं। इनमें गौरी 2/हत्फ 5ए की रेंज 1800 किलोमीटर व अबाबील की रेंज 2200 किलोमीटर होगी। इसी प्रकार इंटरमीडिएट दूरी की मिसाइलों में भारत के पास अग्नि-3 (रेंजः 3500-5000 किमी, पेलोडः 2000-2500 किलो) और
अग्नि-4 (रेंजः 4000 किमी, पेलोडः 1500-2500 किलो) मिसाइलें हैं, जबकि पाकिस्तान की 3 मिसाइलें गौरी 3 (रेंजः 3000), शाहीन 2 (रेंजः 2500 किमी और शाहील 3 (रेंजः 2750 किमी) अभी विकसित हो रही हैं यानी तैयार नहीं हैं। अंतरमहाद्वीपीय दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों में भी भारत का पलड़ा भारी है। फिलहाल भारत के पास अग्नि 5 मिसाइल तैयार है, जिसकी रेंज 5000 किलोमीटर व पेलोड क्षमता 1500 किलो है, जबकि 8000-12000 किलोमीटर की रेंज वाली अग्नि 6 मिसाइल तैयार हो रही है, परंतु पाकिस्तान के पास अंतरमहाद्वीपीय दूरी की एक भी मिसाइल नहीं है, जिसका सीधा अर्थ यह है कि पाकिस्तान समुद्र के रास्ते भारत के किसी भी मिसाइल हमले का जवाब नहीं दे सकता है।

1 जवान 1 दुश्मन को मारेगा, तो भी ख़त्म हो जाएग पाक

भारत और पाकिस्तान की सैन्य तुलना की जाए, तो भी उसमें भी पाकिस्तान भारत के आगे कहीं नहीं ठहरता। भारतीय थलसेना (INDIAN ARMY) में 12 लाख जवान हैं, जबकि पाकिस्तानी थलसेना में उससे आधे से भी कम 5.6 लाख जवान हैं। यदि भारत का 1 जवान 1 दुश्मन सैनिक को भी मारेगा, तो भी पाकिस्तानी थलसेना ख़त्म हो जाएगी। भारतीय थलसेना के पास 3565 टैंक हैं, जबकि पाकिस्तानी थलसेना के पास 2406 टैंक हैं। भारतीय वायुसेना (INDIAN AIR FORCE) यानी IAF में 1.27 लाख जवान और 814 फाइटर जेट हैं, जबकि पाकिस्तानी वायुसेना में सिर्फ 70 हजार जवान और 425 फाइटर जेट हैं। भारतीय नौसेना (INDIAN NAVY) में 67,700 जवान, 1 कैरियर (INS विक्रमादित्य), 16 पनडुब्बी, 13 फ्रिगेट और 75 लड़ाकू विमान हैं, जबकि पाकिस्तानी नौसेना में सिर्फ 25 हजार जवान हैं और कैरियर एक भी नहीं हैं। पाकिस्तानी नौसेना के पास 8 पनडुब्बी, 9 फ्रिगेट और सिर्फ 8 लड़ाकू विमान हैं।

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