अपनी चरमराई अर्थ व्यवस्था को एक और झटका देने जा रहा है पाकिस्तान

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रिपोर्ट : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 28 अगस्त 2019 (युवाPRESS)। एक तरफ पाकिस्तान की अर्थ व्यवस्था खस्ताहाल है और हालात वेनेजुएला जैसे आकार ले रहे हैं। खाने-पीने की चीजों के दाम आसमान छू रहे हैं और खुद इमरान सरकार के वित्त मंत्रालय ने सरकारी दफ्तरों को अपने खर्चों में कटौती करने के जो आदेश दिये हैं, उनसे भी साफ हो जाता है कि पाकिस्तान में आर्थिक स्थिति किस कदर दिन प्रति दिन बद से बदतर होती जा रही है। इसके बावजूद पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर इमरान खान हैं कि अपनी अर्थ व्यवस्था को सँभालने के बजाय एक-एक करके उसके विकेट गिराते चले जा रहे हैं। अब पाकिस्तान ने एक बार फिर भारत के लिये अपना एयरस्पेस बंद करने की धमकी दी है। इस धमकी का परिणाम क्या होगा आइये जानते हैं।

पाकिस्तान को होगा 360 करोड़ से ज्यादा का नुकसान

दरअसल इसी साल 26 फरवरी को जब भारतीय वायुसेना ने पुलवामा आतंकी हमले का बदला लेने के लिये पाकिस्तान में घुसकर बालाकोट में स्थित जैश-ए-मोहम्मद (JEM) के आतंकी ट्रेनिंग सेण्टर को तबाह किया था, तब प्रतिक्रिया के रूप में पाकिस्तान ने भारत के लिये अपने एयरस्पेस बंद कर दिये थे, जो 138 दिन तक बंद रहे। अभी एयरस्पेस खोले लगभग डेढ़ महीना ही हुआ है, तो मंगलवार को फिर पाकिस्तान के सायंस एंड टेक्नोलॉजी मंत्री चौधरी फवाद हुसैन ने भारत के लिये अपने एयरस्पेस बंद करने की धमकी दे दी है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से लेकर उनके मंत्री और सेनाधिकारी भारत के मामले में बिना सोचे-समझे बयान देने के लिये मशहूर हैं। यही फितरत यहाँ भी जारी रही। चौधरी फवाद हुसैन ने यह सोचे-समझे बिना कि पाकिस्तान को अपने एयरस्पेस बंद करने से कितना नुकसान होगा ? उत्साह में बयान दे डाला, जबकि सच्चाई यह है कि पिछली बार पाकिस्तान ने जब भारत के लिये एयरस्पेस बंद किया था तो उसे 138 दिन में ओवरफ्लाइंग चार्ज के रूप में 5 करोड़ डॉलर यानी लगभग 360 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा था।

पाकिस्तान की धमकी का भारत पर क्या होगा असर ?

भारत की लगभग 400 से ज्यादा उड़ानें पाकिस्तानी एयरस्पेस का इस्तेमाल करती हैं। भारत से दक्षिण एशिया और यूरोप के विभिन्न हिस्सों में आने-जाने के लिये भारतीय विमान पाकिस्तानी एयरस्पेस का उपयोग करते हैं। यदि पाकिस्तान अपना एयरस्पेस बंद करता है तो इन उड़ानों को मुंबई-अरबसागर-खाड़ी देश (ईरान-ओमान) तथा अन्य रूटों का इस्तेमाल करना पड़ेगा, जो कि लंबे पड़ेंगे। विशेषकर भारत के पूर्वी तट से उड़ान भरने वालले विमानों को अमेरिका जाने का वक्त और खर्च दोनों बढ़ जाएँगे। उन्हें वक्त तो ज्यादा लगेगा ही, साथ ही उन्हें विमानों में ईंधन भरवाने के लिये भी पहले से ज्यादा स्टोपेज भी लेने पड़ेंगे। इससे भारतीय विमानन कंपनियों का खर्च बढ़ जाएगा। पिछली बार पाकिस्तानी एयरस्पेस बंद हो जाने पर कुछ कंपनियों ने अपने कुछ रूटों की उड़ानें बंद कर दी थी। एयर इंडिया के एक पायलट के अनुसार जबसे भारत ने जम्मू कश्मीर में धारा 370 को खत्म करके राज्य का पुनर्गठन करने का निर्णय किया है, तब से ही एयर इंडिया पाकिस्तान की ओर से इस तरह के कदम उठाए जाने को लेकर आशंकित थी और इसके लिये पूरी तरह से तैयारी भी कर ली गई थी। इस बार भी पहले की तरह ही रणनीति अपनाई जाएगी। यह और बात है कि सरकार को इस रणनीति को लागू करने के लिये अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ेगा। भारत की निजी क्षेत्र की सबसे बड़ी विमानन कंपनी इंडिगो ने भी नई परिस्थिति से निपटने की पूरी तैयारी कर ली है। उसने अतिरिक्त खर्च से निपटने का खाका भी तैयार कर लिया है। उल्लेखनीय है कि पाकिस्तानी एयरस्पेस बंद होने की स्थिति में पिछली बार भारत को लगभग 560 करोड़ रुपये और निजी विमानन कंपनियों को लगभग 60 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च भोगना पड़ा था, परंतु भारतीय कंपनियाँ यह नुकसान बर्दाश्त करने की मजबूत स्थिति में हैं। दूसरी तरफ पाकिस्तान का यह कदम अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी दे मारने वाला है, क्योंकि पाकिस्तान पहले ही दिवालिया होने की कगार पर पहुँच चुका है।

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