गहलोत के शासन में नेहरू की नब्ज़ दबाना भारी पड़ गया इस अभिनेत्री को…

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रिपोर्ट : कन्हैया कोष्टी

अहमदाबाद 16 दिसंबर, 2019 (युवाPRESS)। कांग्रेस नेता राहुल गांधी एक साल तक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को राजनीतिक लक्ष्य बना कर ‘चौकीदार चोर है’ का नारा गुंजाते रहे। लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर राहुल ही क्या, कई राजनीतिक दलों के नेता एक-दूसरे के विरुद्ध सभी तरह की मर्यादाएँ लांघ कर अनाप-शनाप बोल जाते हैं, परंतु एक अभिनेत्री ने जब नेहरू ख़ानदान की नब्ज़ दबाई, तो उसे सलाखों के पीछे डाल दिया गया। यह शूरवीरतापूर्ण कार्य किया है राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने।

जी हाँ। हम बात कर रहे हैं BOLLYWOOD अभिनेत्री पायल रोहतगी की। चुनावी और राजनीतिक अखाड़े में नेताओं का कुछ भी बोलना लाज़िमी है, परंतु पायल रोहतगी ने नेहरू परिवार पर उंगली क्या उठाई, गहलोत सरकार की पुलिस राजस्थान से अहमदाबाद तक आ गई और उसने पायल को ग़िरफ़्तार कर लिया। पायल पर आरोप है कि उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और उनके पिता मोतीलाल नेहरू के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी की। नेहरू ख़ानदान पर पायल की टिप्पणी से गहलोत सरकार ऐसी तिलमिला गई कि उसकी पुलिस ने पायल को अहमदाबाद से गिरफ़्तार कर उनके विरुद्ध आईटी एक्ट की धारा 66 और 67 के तहत केस दर्ज कर दिया।

क्या ग़लत कहा था पायल रोहतगी ने ?

वास्तव में पायल रोहतगी ने ट्रिपल तलाक़ क़ानून को कांग्रेस के समर्थन नहीं देने को लेकर टिप्पणी की थी। पायल ने एक वीडियो जारी कर दावा किया था, ‘मुझे लगता है कि कांग्रेस परिवार ट्रिपल तलाक़ के खिलाफ इसलिए था, क्योंकि मोतीलाल नेहरू की पाँच पत्नियाँ थीं। साथ ही मोतीलाल नेहरू जवाहरलाल नेहरू के सौतेले पिता थे।’ पायल ने यह दावा एलिना रामकृष्णा द्वारा लिखी गई एक बायोग्राफी के हवाले से किया था। यद्यपि पायल का यह दावा कुछ हद तक सच भी है, क्योंकि यह तो सर्वविदित है कि मोतीलाल नेहरू की दो पत्नियाँ स्वरूपरानी और थुसु रहमान बाई थीं, परंतु जवाहरलाल नेहरू मोतीलाल नेहरू के सौतेले पुत्र नहीं थे। जवाहरलाल नेहरू मोतीलाल-स्वरूपरानी नेहरू के पुत्र थे।

पति ने पीएम मोदी से मांगी मदद

पायल रोहतगी ने अपनी ग़िरफ़्तारी की पुष्टि स्वयं एक ट्वीट करके की है। उनके पति पहलवान संग्राम सिंह ने भी ट्वीट कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से पायल की रिहाई में मदद की गुहार लगाई है। पायल ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और गृह मंत्रालय (MHA) को टैग करते हुए ट्वीट किया, ‘मुझे राजस्थान पुलिस ने मोतीलाल नेहरू पर वीडियो बनाने के लिए ग़िरफ़्तार कर लिया है, जिसके बारे में जानकारी गूगल से ली थी। लगता है बोलने की स्वतंत्रता एक मज़ाक है।’

पायल के पति संग्राम सिंह ने भी ट्वीट कर कटाक्ष किया, ‘यह कांग्रेस शासक राज्य में अभिव्यक्ति की आज़ादी है।’ संग्राम सिंह ने नरेन्द्र मोदी, MHA, PMO INDIA को टैग कर इस मामले में हस्तक्षेप की गुहार लगाई है।

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