प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने वाराणसी की सामाजिक संस्‍थाओं के साथ संवाद किया

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प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज Video Conferencing के माध्यम से वाराणसी के उन गैर-सरकारी संगठनों (NGO) के प्रतिनिधियों के साथ संवाद किया जो COVID-19 के इस संकटकाल में गरीबों की मदद के लिए पूरी तन्‍मयता के साथ काम कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने Corona महामारी के बावजूद पूरे उत्साह और उम्‍मीदों के साथ काम करने के लिए पुण्‍य एवं पावन नगरी वाराणसी के लोगों की प्रशंसा की।

नरेन्‍द्र मोदी ने कहा कि उन्हें निरंतर इस आशय की जानकारियां मिलती रही हैं कि कैसे यहां के लोग पूरी जीवटता एवं सेवा भाव के साथ जरूरतमंदों की मदद में जुटे हुए हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वह इस महामारी को फैलने से रोकने के लिए उठाए जा रहे विभिन्न कदमों, विभिन्न अस्पतालों की मौजूदा स्थिति, Quarantine की व्यवस्था और प्रवासी श्रमिकों के कल्याण के लिए ठोस इंतजाम के बारे में निरंतर जानकारियां प्राप्त करते रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि एक पुरानी मान्यता है कि काशी में कोई भी भूखा नहीं सोएगा क्योंकि इस शहर पर मां अन्नपूर्णा और बाबा विश्वनाथ का विशेष आर्शीवाद रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह हम सभी के लिए अत्‍यंत सौभाग्य की बात है कि इस बार भगवान ने हम सबको गरीबों की सेवा का माध्यम बनाया है।

उन्होंने कहा कि इस पावन नगरी में विभिन्न धार्मिक गतिविधियों पर रोक लगाए जाने के बावजूद वाराणसी के लोगों ने यह साबित कर दिखाया है कि वे Corona के खिलाफ अपनी लड़ाई में किसी से भी पीछे नहीं हैं और इसके साथ ही वे खाद्य पदार्थों और चिकित्सा सामग्री की निरंतर आपूर्ति कर गरीबों एवं जरूरतमंदों की मदद कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने विभिन्न सरकारी निकायों और स्थानीय प्रशासन के निकायों के साथ मिलकर जरूरतमंदों की मदद हेतु निरंतर काम करने के लिए गैर सरकारी संगठनों या सामाजिक संस्‍थाओं के प्रयासों की सराहना की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इतने कम समय में Food Helpline एवं Community Kitchen का व्यापक नेटवर्क तैयार करना, हेल्पलाइन विकसित करना, Data Science की मदद लेना, वाराणसी Smart City के Control एंव Command Center का भरपूर उपयोग करना काफी बड़ी बात है जिसका मतलब यही है कि हर स्तर पर सभी ने गरीबों की मदद के लिए पूरी क्षमता के साथ काम किया है।

उन्होंने विस्तार से बताया कि जब जिला प्रशासन के पास भोजन बांटने के लिए अपनी गाड़ियां कम पड़ गईं तो डाक विभाग किस तरह से उसकी मदद के लिए आगे आया। संत कबीरदास को उद्धृत करते हुए मोदी ने कहा कि सेवा करने वाला सेवा का फल नहीं मांगता है, दिन-रात निःस्वार्थ भाव से सेवा करता है!

प्रधानमंत्री ने कहा कि कई विशेषज्ञों ने भारत की विशाल आबादी और कई अन्य चुनौतियों को ध्‍यान में रखते हुए भारत की महामारी से लड़ने की क्षमताओं पर सवाल उठाया। उन्‍होंने कहा कि 23-24 करोड़ की आबादी वाले उत्तर प्रदेश में संक्रमण के काफी तेजी से फैलने की आशंकाएं इस राज्य के लोगों के सहयोग और कड़ी मेहनत की बदौलत निराधार साबित हुई हैं। उन्‍होंने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि उत्तर प्रदेश में न सिर्फ संक्रमण की गति अब नियंत्रण में है, बल्कि जिन्हें कोरोना हुआ है, वे भी तेजी से ठीक हो रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार जरूरतमंदों को विभिन्न तरह की सुविधाएं प्रदान कर रही है और लगभग 80 करोड़ लोग उन योजनाओं से लाभान्वित होने जा रहे हैं जिनके तहत न केवल मुफ्त राशन, बल्कि मुफ्त सिलेंडर भी दिए जा रहे हैं।

उन्‍होंने कहा कि भारत, जहां अमेरिका के मुकाबले दोगुनी आबादी है, एक पैसा लिए बिना उनका भरण-पोषण कर रहा है। और अब तो इस योजना को नवंबर के आखिर, यानी दीपावली और छठ पूजा तक बढ़ा दिया गया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वाराणसी के व्यापारियों और कारोबारियों के साथ-साथ विभिन्न शिल्पकारों, विशेषकर बुनकरों की भी तरह-तरह की परेशानियों को दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि 8000 करोड़ रुपये की लागत वाली विभिन्न अवसंरचना और अन्य परियोजनाएं बड़ी तेजी से कार्यान्वित की जा रही हैं।

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