प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने विशेष गुणवत्‍ता वाली 35 फसलों की किस्‍में राष्‍ट्र को समर्पित की

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प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने विशेष गुणवत्‍ता वाली 35 फसलों की किस्‍में, आज video conference के माध्‍यम से राष्‍ट्र को समर्पित की। उन्‍होंने रायपुर के National Biotic Stress Management संस्‍थान का नवनिर्मित परिसर भी देश को समर्पित किया। प्रधानमंत्री ने Agricultural universities को हरित परिसर पुरस्‍कार प्रदान किए।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा कि पिछले छह-सात वर्षों में कृषि से सम्‍बंधित मुद्दों के समाधान के लिए Science और Technology का इस्‍तेमाल प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। उन्‍होंने बताया कि नई परिस्‍थि‍तियों विशेषकर जलवायु परिवर्तन के अनुकूल अधिक पोषक बीजों पर प्रमुखता से ध्‍यान केन्‍द्रि‍त किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने पिछले वर्ष कोरोना महामारी के बीच, विभिन्‍न राज्‍यों में टिड्डियों के हमले का उल्‍लेख किया। उन्‍होंने कहा कि सरकार ने प्रभावी उपाय कर किसानों को इससे, बहुत अधिक होने वाली हानि से बचाया। उन्‍होंने बताया कि भूमि संरक्षण के लिए 11 करोड मृदा Health card जारी किए गए हैं। प्रधानमंत्री ने सरकार की कई किसान हितैषी पहल के बारे में भी बताया। उन्‍होंने किसानों की जल सुरक्षा के लिए लगभग एक सौ लम्‍बित सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने और फसलों को रोगों से बचाने के लिए किसानों को बीज की नई किस्‍में उपलब्‍ध कराने जैसे उपायों का उल्‍लेख किया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि फसलों का न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य बढाने के अलावा खरीद प्रक्रिया में भी सुधार किया गया है ताकि किसानों को अधिक लाभ मिल सके। इस रबी सत्र में चार सौ तीस लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं की खरीद की गई है और किसानों को 85 हजार करोड रुपए का भुगतान किया गया है। उन्‍होंने बताया कि महामारी के दौरान गेहूं खरीद केन्‍द्रों की संख्‍या बढाकर तीन गुना कर दी गई है।

सरकार ने किसानों को Technology से जोडकर उनके लिए Banks से सहायता मिलना आसान कर दिया है। हाल में दो करोड से अधिक किसानों को किसान Credit Card दिए गए हैं। प्रधानमंत्री ने बताया कि किसानों को फसल आधारित आय प्रणाली से बाहर निकालकर और उन्‍हें मूल्‍य संवर्धन तथा अन्‍य विकल्‍पों के लिए प्रोत्‍साहित किया जा रहा है। उन्‍होंने मोटे अनाज और अन्‍य अनाजों के विकास के लिए विज्ञान और अनुसंधान आधारित समाधान की आवश्‍यकता पर बल दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से कहा कि वे अगले वर्ष को मोटे अनाज के रूप में मनाने की संयुक्‍त राष्‍ट्र की घोषणा से प्राप्‍त अवसरों का लाभ उठाने के लिए तैयार रहें।

प्रधानमंत्री ने खेती के नए-नए तरीकों का इस्‍तेमाल करने वाले किसानों से बातचीत की। उन्‍होंने जम्‍मू-कश्‍मीर में गांदरबल की जेतून बेगम से नवाचारी कृषि पद्धतियां सीखने की यात्रा के बारे में पूछा। प्रधानमंत्री मोदी ने उनसे पूछा की उन्‍होंने किस प्रकार, अन्‍य किसानों को प्रशिक्षण दिया और घाटी में लडकियों को शिक्षा दी।

प्रधानमंत्री ने गोवा में बार्डेज़ से दर्शना पेडेंकर से भी बातचीत की और विभिन्‍न फसलें उगाने और पशुपालन के बारे में उनके प्रयासों की जानकारी ली। मणिपुर के थोइबा सिंह से बातचीत में प्रधानमंत्री ने,फौजी का जीवन व्‍यतीत करने के बाद, खेती करने के लिए उनकी सराहना की।

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