मोदी की ‘नारी’ बचाएगी देश की नारी को : सहायता को सदैव तत्पर

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘सबका साथ सबका विकास’ के अपने संकल्प को सार्थक किया है और वह देश की आधी आबादी अर्थात् महिलाओं के सामाजिक न्याय तथा विकास के लिये भी उतने ही प्रतिबद्ध हैं। इसका उदाहरण उनकी सरकार द्वारा जनवरी-2018 में लॉन्च किया गया NATIONAL REPOSITORY OF INFORMATION FOR WOMEN ‘NARI’ (नारी) पोर्टल।

पीएम नरेन्द्र मोदी ने समाज और देश को मजबूत बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाये हैं। सामाजिक सुधार के लिये उनकी सरकार ने महिलाओं को सशक्त बनाने पर भी काफी काम किया है। इसी दिशा में मोदी सरकार ने एक ऐतिहासिक पहल करते हुए ‘नारी’ पोर्टल शुरू किया है।

इस एक पोर्टल पर महिलाओं को राज्यों तथा केन्द्र सरकार की सभी उपयोगी योजनाओं की जानकारी तो आसानी से सुलभ होती ही है। साथ ही वह इस पोर्टल के माध्यम से केन्द्र व राज्य सरकार के सम्बंधित विभागों में ऑनलाइन आवेदन और शिकायत भी कर सकती हैं। कामकाजी महिलाएँ अपने काम के स्थलों से तथा घर से सीधे इस ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से यौन शोषण आदि के बारे में शिकायत दर्ज करवा सकती हैं। महिलाओं की मदद के लिये सभी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों में वन स्टॉप सेंटर्स शुरू किये जा रहे हैं। इन केन्द्रों को महिला हेल्प लाइन से जोड़ा गया है और यह केन्द्र पीड़ित महिलाओं को चौबीसों घण्टे आपातकालीन सेवा उपलब्ध कराते हैं। इन केन्द्रों से पीड़ित महिलाओं को पुलिस, चिकित्सा, कानूनी सहायता, मनो-वैज्ञानिक मदद और आवश्यकतानुसार आश्रय भी उपलब्ध कराया जाता है।

इस प्रकार केन्द्र सरकार ने महिला के विरुद्ध कार्यालयों में होने वाली यौन उत्पीड़न की घटनाओं को रोकने के लिये उन्हें ई-प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया है। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से केन्द्र सरकार की महिला कर्मचारी भी ऑनलाइन शिकायतें दर्ज करवा सकती हैं। उल्लेखनीय है कि 2011 की जनगणना के अनुसार केन्द्र सरकार में महिला कर्मचारियों की संख्या लगभग 30 लाख और औसत लगभग 10.93 प्रतिशत है।

मोदी सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से विकसित नारी पोर्टल में महिलाओं के कल्याण से जुड़ी लगभग 350 सरकारी योजनाओं की संपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराई गई है। पोर्टल में सरकार के अलग-अलग सम्बंधित मंत्रालयों और विभागों की उपयोगी लिंक भी दी गई है। इस मंत्रालय की ओर से एनजीओ तथा सिविल सोसायटी के बीच संवाद के लिये एक ई-संवाद पोर्टल भी विकसित किया गया है, जिसके माध्यम से महिलाएँ एनजीओ के साथ संवाद कर उपयोगी सलाह और मदद ले सकती हैं।

आपको बता दें कि केन्द्र व राज्य सरकारों की ओर से महिलाओं को समान अधिकार, आर्थिक अवसर, सामाजिक सहयोग, कानूनी सहायता, आवासन आदि की मदद उपलब्ध कराने के लिये विभिन्न प्रकार की योजनाएँ चलाई जा रही हैं, परंतु इन योजनाओं की जानकारी के अभाव में महिलाएँ योजनाओं का लाभ लेने से वंचित रह जाती हैं। महिलाओं से सम्बंधित योजनाओं की जानकारी अलग-अलग वेबसाइटों पर बिखरी हुई मिलती है, जिससे महिलाएँ योजनाओं को लेकर आशंकित रहती हैं और उनका लाभ नहीं ले पाती हैं। इसलिये मोदी सरकार ने महिलाओं से जुड़ी योजनाओं की संपूर्ण जानकारी एक स्थान पर सुलभ कराने के उद्देश्य से नारी पोर्टल की शुरुआत की है।

इस पोर्टल में महिलाओं के कल्याण के लिये उनके पोषण, स्वास्थ्य जांच, बीमारी, नौकरी, साक्षात्कार, निवेश, बचत सलाह, महिलाओं से जुड़े अपराध, कानूनी सहायता उपलब्ध कराने वालों के नंबर तथा बच्चे गोद लेने तक की सरल प्रक्रियाओं के विषय में आसान टिप्स दिये गये हैं।

इतना ही नहीं महिला सुरक्षा को लेकर भी मोदी सरकार संवेदनशील है। सरकार के गृह मंत्रालय ने निर्भया फंड में 4 हजार करोड़ रुपये आबंटित किये हैं। सेफ सिटी प्रोजेक्ट के लिये भी सरकार ने 2,919.55 करोड़ रुपये का आबंटन किया है। इस रकम से सार्वजनिक स्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा के लिये 8 महानगरों अहमदाबाद, लखनऊ, मुंबई, नई दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई, हैदराबाद और बंगलुरु में सेफ सिटी परियोजना शुरू की जाएगी। केन्द्रीय पीड़ित मुआवजा कोष में पीड़िताओं को मुआवजा देने के लिये 200 करोड़ रुपये आबंटित किये गये हैं। साथ ही दुष्कर्म, तेजाब हमला, बच्चों से जुड़े अपराध और मानव तस्करी के पीड़ितों के लिये आकस्मिक प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली के अंतर्गत भी 321.69 करोड़ रुपये स्वीकृत किये गये हैं।

निर्भया फंड के तहत रेलवे की ओर से 983 रेलवे स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरे लगाये जा रहे हैं। इनके माध्यम से चौबीसों घण्टे महिलाओं यात्रियों को सुरक्षा प्रदान की जाएगी। राज्यों में महिला पुलिस स्वयंसेवक तैनात किये गये हैं, जो महिलाओं को उनके विरुद्ध हुए अपराध की शिकायत दर्ज कराने में मदद करती हैं। ऑटोरिक्शा-टैक्सी में यात्रा करने वाली महिलाओं की सुरक्षा के लिये भी सरकार की ओर से मार्गदर्शिका तैयार की गई है। मोबाइल में पैनिक बटन अनिवार्य करने की तैयारी की जा रही है। यह बटन दबाते ही सायरन जैसी तीव्र ध्वनि गूँज उठेगी, जिससे आसपास मौजूद लोगों को पता चल जाएगा कि कोई मुश्किल में है। पैनिक बटन दबाते ही जीपीएस की मदद से नजदीकी पुलिस थाने को भी महिला का लोकेशन पता चल जाएगा और पुलिस तुरंत मौके पर पहुँच जाएगी। साथ ही मोबाइल में दर्ज प्रथम 5 जानने वालों को भी एसएमएस पहुँच जाएगा।

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