रोजगार सृजन के मामले में रिकॉर्ड बनाने जा रही है मोदी सरकार : पढ़िए आलोचकों की आँखें खोल देने वाले आँकड़े

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नरेन्द्र मोदी सरकार ने विश्व स्तर पर कई कीर्तिमान स्थापित किये हैं और कई अंतर्राष्ट्रीय अवॉर्ड भी प्राप्त किये हैं। अब मोदी सरकार रोजगार के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान बनाने जा रही है। सरकार रेलवे में एक साथ 1 लाख 30 हजार नौकरियाँ देने जा रही है। इतना ही नहीं, सरकार ने मेक इन इण्डिया योजना के माध्यम से 2020 तक 10 करोड़ नये रोजगार सृजन करने का भी लक्ष्य निर्धारित किया है।

देश के युवाओं को रोजगार के नये अवसर उपलब्ध कराने के लिये नरेन्द्र मोदी सरकार गंभीरता से प्रयासों में जुटी हुई है। अब सरकार भारतीय रेलवे में दुनिया की अब तक की सबसे बड़ी भर्ती करने जा रही है। रेलवे में एक साथ 1.30 लाख नौकरियाँ देकर मोदी सरकार नया विश्व रिकॉर्ड बनायेगी। इसके अलावा 25 सितंबर-2014 को शुरू की गई मेक इन इण्डिया योजना के माध्यम से सरकार रोजगार के क्षेत्र में क्रांति लाने की तैयारी कर रही है। इस योजना के माध्यम से 2020 तक 10 करोड़ नये रोजगार पैदा करने का सरकार का लक्ष्य है।

आपको बता दें कि मोदी सरकार के कार्यकाल में भारत पहले ही पर्यटन क्षेत्र में सर्वाधिक रोजगार देने वाला देश बन चुका है। भारत में पर्यटन क्षेत्र में सर्वाधिक 8.21 करोड़ लोगों को रोजगार प्राप्त हो रहा है। स्वयं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने विदेश दौरों में देश के ब्रांड अम्बेसेडर बनकर भारतीय पर्यटन को प्रोमोट करते हैं। इसके अलावा पर्यटन मंत्रालय की ओर से भी विदेशों में कई अभियान चलाये जा रहे हैं, जिनकी बदौलत भारत विदेशी सैलानियों का फेवरिट डेस्टीनेशन बनता जा रहा है।

रेलवे और मेक इन इण्डिया के अतिरिक्त जिन क्षेत्रों में रोजगार के नये अवसर पैदा होने वाले हैं, उनमें हेल्थ और बीमा सेक्टर शामिल हैं। इन दोनों सेक्टर में सरकार 10 लाख नौकरियों के अवसर पैदा करने पर काम कर रही है। मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत और प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना हेल्थ और बीमा सेक्टर में नौकरियों के नये 10 लाख अवसर लाने वाली हैं। एक अनुमान के मुताबिक इन योजनाओं को जितने बड़े पैमाने पर शुरू किया गया है, उससे देश भर में स्वास्थ्य और बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष रूप से कम से कम 10 लाख रोजगार के नये अवसर उत्पन्न होंगे।

चालू वर्ष 2019 की बात करें तो रोजगार के नये अवसरों के लिहाज से यह साल अच्छा साबित हो सकता है। इस साल आईटी और स्टार्टअप कंपनियाँ 5 लाख लोगों को रोजगार दे सकती हैं। इंफोसिस के पूर्व सीएफओ मोहनदास पई की मानें तो भारतीय आईटी उद्योग फिर से वृद्धि के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है और 2019 कर्मचारियों के लिये बेहतर सिद्ध होने जा रहा है, क्योंकि इस सेक्टर में भर्ती प्रक्रिया में तेजी आ रही है। पई के अनुसार आईटी तथा स्टार्टअप कंपनियाँ मिलकर इस वर्ष 4.5 से 5 लाख नये रोजगार दे सकती हैं।

इतना ही नहीं, 15 जुलाई-2015 को शुरू की गई मोदी सरकार की एक और महत्वाकांक्षी योजना स्किल डेवलपमेंट मिशन भी युवाओं की तकदीर बदलने के काम में जुटी है। ग्रामीण और गरीब तथा कम पढ़े लिखे युवाओं को घर से दूर भी न जाना पड़े, इसके लिये पूरे देश में 13,000 से अधिक प्रधानमंत्री कौशल प्रशिक्षण केन्द्र शुरू किये गये हैं। इन केन्द्रों के माध्यम से सरकार हर साल एक करोड़ युवाओं को विविध तकनीकी क्षेत्रों का प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार मेले आयोजित करके रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के प्रयास करती है। इस योजना का उद्देश्य युवाओं को उद्यमी बनाकर दूसरों को रोजगार देने के योग्य बनाना भी है। इसके लिये सरकार प्रशिक्षित युवाओं को स्वयं का छोटा-बड़ा उद्यम शुरू करने के लिये भी प्रोत्साहित करती है।

इसके अलावा रोजगार सृजन की दृष्टि से मोदी सरकार की एक और महत्वपूर्ण योजना है- प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्साहन योजना (PMRPY) । इस योजना से लाभान्वित होने वाले कर्मचारियों की संख्या भी एक करोड़ के पार हो चुकी है। केन्द्र सरकार ने नये रोजगार सृजन के लिये अगस्त-2016 में इस योजना की शुरुआत की है। इस योजना से 14 जनवरी-2019 तक एक करोड़ से अधिक लोगों को लाभ हुआ है। इस योजना के तहत भी सरकार रोजगार वांछुओं को विविध प्रकार की मदद उपलब्ध कराती है और उन्हें स्वरोजगार शुरू करने के लिये भी प्रोत्साहित करती है। इस योजना ने भी एक करोड़ से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाकर रोजगार के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

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