अब मोदी सरकार बंजर जमीन में इस चीज़ की करेगी खेती, किसानों को होगा यह फायदा

Written by

रिपोर्ट : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 17 जुलाई 2019 (युवाPRESS)। मोदी सरकार का एक अत्यंत नवीन प्रकल्प है, बंजर खेतों में बिजली उगाने की योजना। इस प्रकल्प से सरकार किसानों की आय बढ़ाना चाहती है।

मोदी सरकार किसानों की आय दुगुनी करने के अपने वादे को निभाने की दिशा में गंभीरता से आगे बढ़ रही है। इस बात का प्रमाण तब मिला, जब 15 दिन पहले मोदी सरकार-2 का पहला वार्षिक बजट पेश हुआ था। इंदिरा गांधी के बाद देश की दूसरी महिला वित्त मंत्री बनी निर्मला सीतारमण ने अपने प्रथम बजट में ‘अन्नदाता किसानों को ऊर्जादाता’ बनाने की बड़ी घोषणा की थी। अब मोदी सरकार अन्नदाता किसानों को ऊर्जादाता बनाने की अपनी परिकल्पना को अमलीजामा पहनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। मोदी सरकार किसानों को अन्नदाता से ऊर्जादाता बनाकर उनकी कमाई बढ़ाना चाहती है। इसके लिये सरकार किसानों के खेतों में बिजली उगाने की योजना पर काम कर रही है।

मोदी सरकार ऐसे करेगी बिजली की खेती !

खेतों में बिजली के उत्पादन का मोदी सरकार का यह प्रकल्प जल्दी ही आपको खेतों में भी देखने को मिलेगा। वास्तव में मोदी सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के लिये उनकी बंजर और कम उपज देने वाली जमीन का सही उपयोग करने की योजना बनाई है। इस योजना के तहत सरकार किसानों को उनकी बंजर या कम उपज देने वाली जमीन का उपयोग करके पैसे कमाने का विकल्प देगी। किसान ऐसी जमीन को सोलर प्लांट लगाने के लिये इस्तेमाल कर सकते हैं और इस तरह आपको खेतों में लगे सोलर पैनल के जरिये बिजली की पैदावार देखने को मिलेगी।

बंजर जमीन से 6,600 रुपये मासिक कमाएँगे किसान

केन्द्र सरकार के नवीन तथा नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सूत्रों की मानें तो 1 मेगावॉट सोलर बिजली पैदा करने के लिये, सोलर प्लांट लगाने को कम से कम 5 एकड़ जमीन की जरूरत होती है। 1 मेगावॉट के सोलर प्लांट से एक वर्ष में लगभग 11 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन होता है। ऐसे में यदि किसी किसान के पास एक एकड़ जमीन भी ऐसी है, जो बंजर पड़ी हो या अपेक्षाकृत कम उपज देती है, तो ऐसे किसान अपनी जमीन सोलर प्लांट लगाने के लिये किराये पर दे सकते हैं। एक एकड़ जमीन में 0.20 मेगावॉट का प्लांट लगाया जा सकता है। इस प्लांट से वर्ष के दौरान लगभग 2.2 लाख यूनिट बिजली पैदा होगी। सरकार की कुसुम योजना के तहत जो भी डेवलपर्स किसान की जमीन पर सोलर प्लांट लगाएगा, वह किसान को प्रति यूनिट 30 पैसा किराया देगा। इस हिसाब से किसान को हर महीने लगभग 6,600 रुपये और वार्षिक लगभग 80,000 रुपये की आमदनी होगी, वह भी बंजर जमीन से या ऐसी जमीन से जिस पर पैदावार कम होती है। इसके अलावा सरकार किसानों को यह विकल्प भी देगी कि किसान चाहें तो अपनी बंजर जमीन पर शेड का निर्माण कर सकते हैं। इस प्रकार वह शेड के ऊपर सोलर पैनल लगवा सकते हैं और शेड के नीचे सब्जी आदि की खेती भी कर सकते हैं। जमीन पर मालिकाना अधिकार किसानों का ही रहेगा। किसान चाहें तो इसी प्लांट से बिजली खरीदकर अपने खेतों में सिंचाई आदि भी कर सकेंगे।

बिजली की खरीद पर मिलेगी सब्सिडी

नवीन तथा नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार किसानों की जमीन पर लगने वाले सोलर प्लांट से उत्पन्न होने वाली बिजली को खरीदने के लिये सरकार बिजली वितरण कंपनियों (DISCOM) को सब्सिडी देगी। सरकार की योजना के अनुसार डिस्कॉम को प्रति यूनिट 50 पैसे की सब्सिडी दी जाएगी। इस प्रकार मंत्रालय की ओर से खेतों में बिजली उगाने की योजना तैयार कर ली गई है और इसे जल्द ही मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिये केबिनेट के समक्ष पेश किया जाएगा।

Comments are closed.

Shares