VIDEO : ‘दीदी भेजती हैं कुर्ते, देश को देना सीखा, MLA बनने के बाद खुलवाया बैंक खाता…’ और भी बहुत कुछ रोचक बातें कहीं PM मोदी ने : यहाँ देखिए पूरा इंटरव्यू

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकसभा चुनाव 2019 की सरगर्मियों के बीच पहली बार एक अराजनीतिक साक्षात्कार दिया है। फिल्म अभिनेता अक्षय कुमार ने पीएम मोदी का यह इंटर्व्यू लिया है। इस पूरे इंटरव्यू में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, जो पिछले डेढ़ महीनों से राजनीतिक विरोधियों पर करारे प्रहार कर रहे हैं, ने कई ऐसी रोचक बातें कहीं, जिसे जान कर देश की आम जनता ही नहीं, बल्कि उनके विरोधी भी आश्चर्य में पड़ जाएँगे।

लोकसभा चुनाव 2019 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वैसे तो सर्वाधिक कांग्रेस और उसके अध्यक्ष राहुल गांधी पर हमलावर हैं, परंतु इनके बाद मोदी के निशाने पर कोई है, तो वे हैं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की अध्यक्ष ममता बैनर्जी। पश्चिम बंगाल की चुनावी रैलियों में मोदी ममता को दीदी कहते हुए उन पर जम कर और करारे प्रहार कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे, परंतु अक्षय कुमार को दिए इस इंटरव्यू में मोदी और दीदी के व्यक्तिगत संबंध कुछ अलग ही सामने आए।

मोदी ने इस इंटरव्यू में बताया, ‘दीदी (ममता बैनर्जी) हर साल उन्हें (नरेन्द्र मोदी को) कुर्ते भेजती हैं। विपक्ष में उनके कई दोस्त हैं। दीदी आज भी साल में एक-दो कुर्ते स्वयं सिलेक्ट कर भेजती हैं, तो बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के कारण कोई न कोई नई बंगाली खाने को मिल ही जाती है। जब दीदी को पता चला, तो वे भी मेरे लिए मिठाई भेजने लगी हैं।’

जन-धन योजना के तहत देश में करोड़ों गरीबों के लिए बैंक खाता खुलवाने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का पहला बैलेंस वाला बैंक अकाउंट 2002 में खुला, जब वे मुख्यमंत्री बने। उन्होंने पहली बार 26 फरवरी, 2002 को गुजरात की राजकोट-2 विधानसभा उप चुनाव में जीत कर विधायक बनने के बाद सैलरी अकाउंट खुलवाया। हालाँकि बचपन में स्कूल में देना बैंक वालों ने उनका बैंक खआाता खुलवाया था और कहा था कि गुल्लक में आने वाला पैसा खाते में जमा होगा, पर उसमें कुछ जमा नहीं हुआ और 30-32 साल बाद बैंक वालों ने मोदी का एक हस्ताक्षर लेकर उस खाते को बंद कर दिया।

मोदी ने इस साक्षात्कार में जो बातें कहीं, उसमें एक महत्वपूर्ण बात थी अलादीन के चिराग़ वाली। मोदी ने कहा कि यह परिपकल्पना भारतीय दर्शन के साथ मेल नहीं खाती, क्योंकि परिश्रम का कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने जो बातें कहीं, उससे यह भी साफ होता है कि मोदी ने हमेशा देश को कुछ न कुछ देना ही सीखा है। जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब उनके खाते में आए 21 लाख रुपए उन्होंने ऑफिस के चपरासी की बालिकाओं की शिक्षा-दीक्षा के लिए दे दिए। मोदी ने विधायक के रूप में गांधीनगर में मिला प्लॉट भी पार्टी को दे देने की बात कही, जिसे लेकर विवाद सुप्रीम कोर्ट में लटका हुआ है।

मोदी की कम नींद पूरी दुनिया में उस समय चर्चा का विषय बन गई, जब गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में वीज़ा न देने वाले तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने प्रधानमंत्री बन चुके मोदी को अधिक नींद देने की सलाह दी। मोदी ने इस इंटरव्यू में कहा कि उन्हें अधिक नींद आती नहीं है। रिटायर होने के बाद अधिक नींद के लिए परिश्रम करूँगा।

मोदी ने अपने प्रधानमंत्री बनने, परिवार के साथ रहने, सेना में न जा पाने के बारे में भी कई दिलचस्प बातें कहीं। आप नीचे दिए गए VIDEO पर क्लिक करके पूरा इंटरव्यू देख सकते हैं :

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