प्रधानमंत्री मोदी के आतंकवाद की फैक्टरी वाले बयान पर चीन ने दिया पाकिस्तान का साथ

Pakistan Aatankwad Ki factory

बीजिंग : चीन ने शुक्रवार को पाकिस्तान के समर्थन में कहा कि पाकिस्तान की आतंकवाद से लड़ाई में उसकी मदद की जानी चाहिए। चीन ने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी ने लंदन के एक कार्यक्रम में इशारों इशारों में पाकिस्तान को आतंकवाद का फैक्टरी (Pakistan Aatankwad Ki factory) कहा था। इसके साथ ही श्री नरेंद्र मोदी ने यह भी कहा था कि भारत आतंकवाद को निर्यात करने वाले देशों को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेगा। कोई देश तो ऐसा भी है जो खुद को आतंकवाद का फैक्टरी बना हुआ है और सीधे आमने सामने युद्ध करने की ताकत नहीं है तथा पीठ पर वार करते हैं। ऐसी स्थिति में हमे पता है किसको कैसी जवाब देना चाहिए। इस सब को देखते हुए साफ तौर पर लग रहा था कि प्रधानमंत्री मोदी का इशारा पाकिस्तान की ओर था।

प्रधानमंत्री मोदी के इस बयान के खिलाफ चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हु आ चुनयिंग ने कहा कि आंतकवादी सभी का दुश्मन होते हैं। हमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद के खिलाफ मिलकर सामना करना चाहिए और पाकिस्तान की इस लड़ाई में साथ देना चाहिए। इस बयान के साथ ही चीन ने कहा कि शंघाई कॉरपोरेशन ऑर्गेनाइजेशन(Shanghai corporation organisation) में आतंकवाद एक बहुत ही बड़ा मुद्दा है। पिछले साल भारत और पाकिस्तान दोनों ही एससीओ में शामिल थे। एससीओ का एक सम्मेलन 24 अप्रैल को होना है और अगला जून महीने में चीन के किंगदाओ शहर में होगा। आगे चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि मेरे अनुसार एससीओ सम्मेलन का उद्देश आतंकवाद के खिलाफ सभी देशों को एक दिशा की ओर चलाना है।

चीन के इस बयान से ऐसा लग रहा था कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद रोधी कोशिशों में पाकिस्तान का बचाव कर रहा हो और ऐसा साबित करने की कोशिश कर रहा था जैसे प्रधानमंत्री मोदी ने ‘भारत की बात, सबके साथ’ में पाकिस्तान के खिलाफ गलत बयान (Pakistan Aatankwad Ki factory) बोला हो। बता दें कि शंघाई कॉरपोरेशन ऑर्गेनाइजेशन में भाग लेने के लिए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज 24 अप्रैल को भारत से रवाना होंगी। इसके साथ ही भारत के रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण भी एससीओ के रक्षा मंत्रियों की बैठक में शामिल होंगी।

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