जानिए कितनी महत्वपूर्ण हैं ‘नर्मदा’, जिनकी पीएम मोदी ने उतारी आरती ?

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रिपोर्ट : विनीत दुबे

अहमदाबाद, 17 सितंबर 2019 (युवाPRESS)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को अपना जन्म दिन गुजरात में और विशेष कर प्रकृति की गोद में सविशेष ढंग से मनाया। सामान्यतः लोग केक काट कर और मुँह मीठा करके परिवारजनों तथा मित्र वर्ग के बीच जन्म दिन मनाते हैं और उनकी बधाई व शुभकामनाएँ स्वीकार करते हैं, परंतु पीएम मोदी ने अपना कार्यक्रम ही उलट दिया। वह गुजरात की राजधानी गांधीनगर में स्थित राज भवन से सीधे अपने छोटे भाई पंकज मोदी के यहाँ जाकर माँ हीरा बा से आशीर्वाद लेने के बजाय राज भवन से हेलीकॉप्टर के जरिये सीधे माँ नर्मदा की गोद में पहुँच गये, जहाँ उन्होंने पंडित के मंत्रोच्चार के साथ पूरे विधि-विधान से माँ नर्मदा को चुनरी और श्रीफल अर्पित किया। ‘नर्मदे सर्व दे’ की प्रार्थना की और आरती उतार कर गुजरात के सरदार सरोवर नर्मदा बाँध में नर्मदा जल का स्वागत किया।

केवड़िया में बिताया आधा दिन

पीएम मोदी सुबह गांधीनगर से केवड़िया कॉलोनी (सरदार सरोवर बाँध स्थल) पहुँचे, जहाँ उन्होंने हेलीकॉप्टर से दुनिया की सबसे ऊँची सरदार पटेल की मूर्ति (स्टेच्यू ऑफ यूनिटी) का अवलोकन किया और हेलीकॉप्टर से ही लिया गया वीडियो शेयर करते हुए प्रतिमा के बारे में ट्वीट भी किया। उन्होंने ट्वीट में लिखा ‘महान सरदार पटेल को श्रद्धांजलि। आप भी विशाल मूर्ति पर नज़र डालिये।’

पीएम मोदी के पहुँचने से पहले ही सरदार सरोवर डेम को राज्य सरकार तथा सरदार सरोवर नर्मदा निगम की ओर से फूलों तथा तिरंगे की रोशनी से सजा दिया गया था। पीएम मोदी का राज्य के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी सहित विविध महानुभावों ने स्वागत किया। पीएम मोदी की उपस्थिति में यहाँ आयोजित होने वाले ‘नमामि देवी नर्मेदे’ महोत्सव में शामिल होने के लिये वड़ोदरा, भरूच, छोटा उदेपुर और नर्मदा जिले से लगभग 10,000 लोग यहाँ पहुँचे थे।

पीएम मोदी यहाँ पहुँचने के बाद नमामि देवी नर्मदे महोत्सव में शामिल हुए। इस अवसर पर केवड़िया कॉलोनी के एकता नर्सरी में पारंपरिक नृत्य करने वाले नर्तकों ने पीएम का स्वागत किया। इस अवसर पर पीएम मोदी ने कहा कि केवड़िया में स्थानीय वातावरण को बेहतर बनाने तथा पर्यटक सुविधाओं को बढ़ाने पर फोकस किया जा रहा है।

इसके बाद पीएम ने जंगल सफारी टूरिस्ट पार्क का अवलोकन किया। इस दौरे में सीएम रूपाणी भी उनके साथ थे। टूरिस्ट पार्क में स्थित कैक्टस गार्डन का अवलोकन किया। चंडीगढ़ और बेंगलुरु के बाद अब गुजरात के नर्मदा जिले में भी कैक्टस गार्डन लोगों को देखने मिलेगा। इस गार्डन में कैक्टस की लगभग 5000 प्रकार की प्रजातियाँ मौजूद हैं। पीएम मोदी ने तितलियों को उड़ा कर बटर फ्लाई गार्डन का उद्घाटन भी किया। उन्होंने इको टूरिज्म साइट, रिवर राफ्टिंग, विश्व वन आदि का भी निरीक्षण किया।

इसके बाद पीएम मोदी ने सरदार सरोवर डेम पर नर्मदा की पूजा-अर्चना की। सुप्रसिद्ध भागवत कथाकार विरंचीप्रसाद शास्त्री के नेतृत्व में नर्मदा तटीय क्षेत्र के 100 विद्वान भूदेवों ने वेदोक्त मंत्रोच्चार किये। पीएम ने नर्मदा मैया को चुनरी और श्रीफल अर्पण किये। इस अवसर पर डेम को उसकी क्षमता के अनुसार 138.68 मीटर तक लबालब भर दिया गया था। उल्लेखनीय है कि इस डेम का निर्माण पूरा होने पर अपने 67वें जन्म दिन पर 17 सितंबर-2017 को पीएम मोदी ने ही इस बाँध का उद्घाटन किया था।

इसके बाद पीएम मोदी ने बाँध स्थल पर एक जनसभा को संबोधित किया और बाँध तथा स्टेच्यू ऑफ यूनिटी के पास चल रही विकास परियोजनाओं का निरीक्षण भी किया।

तत्पश्चात् पीएम मोदी केवड़िया के समीप गरुड़ेश्वर में स्थित भगवान दत्तात्रेय के मंदिर गये। यहाँ भी उन्होंने भगवान के दर्शन और पूजा करके आशीर्वाद लिया।

दोपहर डेढ़ बजे पीएम मोदी केवड़िया से पुनः गांधीनगर के लिये रवाना हुए। यहाँ राज भवन पहुँच कर वह भाजपा नेताओं के साथ बैठक कर रहे हैं। शाम को अपने भाई पंकज मोदी के निवास पर जाकर माँ हीरा बा से मिलेंगे और उनका आशीर्वाद लेकर दिल्ली के लिये रवाना होंगे।

गुजरात के लिये कितनी महत्वपूर्ण है नर्मदा ?

पीएम मोदी ने आज जिस नर्मदा नदी की आरती उतारी है, वह 1,312 किलोमीटर लंबी है और मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र तथा गुजरात में बहती है। यह विशाल नदी मध्य प्रदेश के लिये तो जीवनरेखा है ही, अब गुजरात के लिये भी जीवनरेखा बन चुकी है। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में विंध्याचल और सतपुड़ा पर्वत श्रृंखलाओं के पूर्वी संधि स्थल पर स्थित मैकल पर्वत के अमरकण्टक शिखर पर स्थित नर्मदा कुंड से नर्मदा का उदभव हुआ है और यह देश की पहली ऐसी नदी है जो पूर्व से पश्चिम की ओर बह कर गुजरात में स्थित खंभात की खाड़ी से अरब सागर में मिलती है। देश की बाकी सभी प्रमुख नदियाँ बंगाल की खाड़ी से सागर में मिलती हैं। गुजरात के 18,225 गाँवों में से लगभग आधे से भी अधिक गाँव यानी लगभग 9,500 गाँव और 183 शहरों में से लगभग 173 शहर नर्मदा का पानी पी रहे हैं। इनमें अहमदाबाद भी शामिल है। वहीं लगभग 10 लाख किसानों के खेतों की सिंचाई भी नर्मदा पर निर्भर है। इसके अलावा नर्मदा बाँध से 1950 मेगा वॉट बिजली का भी उत्पादन किया जाता है।

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