मोदी की चतुराई, केवल 2 शब्दों में साध लिया एक साथ 8.43 करोड़ मतदाताओं को : जानिए कैसे ?

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2019 के लोकसभा चुनाव में पहली बार मतदान करने वालों का आह्वान किया कि वे अपने जीवन का पहला वोट हवाई हमला करने वालों को समर्पित करें। पीएम का इशारा पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) में भारतीय वायुसेना के बहादुर जवानों की ओर से आतंकवादियों के विरुद्ध की गई AIR STRIKE की ओर था। पीएम मोदी ने पहला वोट जैसे केवल 2 शब्दों का प्रयोग कर देश में लोकसभा चुनाव 2019 में पहली बार वोट करने वाले 8 करोड़ 43 लाख मतदाताओं को रिझाने की कोशिश की, जिनमें से 1.50 करोड़ मतदाता को 18 से 19 वर्ष के नवयुवक हैं। मोदी ने जवान के लिए युवा वर्ग का वोट मांगा।

महाराष्ट्र के लातूर जिले के औसा में चुनावी रैली को सम्बोधित करते हुए मोदी ने पहली बार मतदान करने वाले युवा मतदाताओं से पूछा कि आपका पहला वोट बालाकोट में हवाई हमला करने वाले वायुसेना के बहादुर जवानों के लिये हो सकता है क्या ? मोदी ने युवा मतदाताओं का आह्वान इसलिये किया, क्योंकि एक तरफ उनकी सरकार ने कश्मीर में सेना को पूरी छूट दी हुई है और आतंकवाद को पूरी तरह से उखाड़ फैंकने के लिये ऑपरेशन ऑल आउट चला रखा है, जिसमें कश्मीर से एक-एक आतंकवादी को खोज-खोजकर पकड़ा जा रहा है और मारा जा रहा है। वहां हमारे सैनिकों पर पत्थर फैंककर उनके सिर फोड़े जा रहे हैं। फिर भी सेना इसकी परवाह किये बिना आतंकवाद का सफाया करने में जुटी हुई है। वहीं पाकिस्तान से कश्मीर में आकर आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने वाले आतंकवादियों के विरुद्ध भी सरकार ने मुहिम छेड़ी हुई है। पहले 2016 में उरी हमले के बाद पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में सैनिकों को भेजकर आतंकियों के लॉन्चिंग पैड पर सर्जिकल स्ट्राइक करवाई और अब 2019 के फरवरी महीने में पुलवामा हमले के बाद पाकिस्तान के बालाकोट तक घुसकर वायुसेना के माध्यम से एयर स्ट्राइक करवाई और आतंकियों के ट्रेनिंग कैंप का खात्मा किया।

दूसरी तरफ कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में अपने इरादे साफ कर दिये हैं। कांग्रेस ने घोषणा पत्र में कश्मीर से सेना को हटाकर स्थानीय पुलिस को वहाँ की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपने की बात कही है। अगर ऐसा होता है और सेना वहाँ से हटती है तो अभी तक की गई कार्रवाई व्यर्थ हो जाएगी और आतंकियों के हौसले फिर से बुलंद हो जाएंगे, जैसा कि पाकिस्तान भी चाहता है। कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाली धारा 370 का कश्मीरी नेता अपने फायदे के लिये दुरुपयोग कर रहे हैं और वहां की जनता को गुमराह कर रहे हैं। अनुच्छेद 35ए की वजह से भी वहां की महिलाओं और नागरिकों को भारत से पूरी तरह से जुड़ने में बाधाएं आ रही हैं। ऐसे में कश्मीर को देश के साथ विकास की मुख्य धारा में लाने में कई तरह की परेशानियां पेश आती हैं। इन धाराओं के कारण कश्मीरी नेता स्वयं को अभी तक स्वतंत्र ही मानते हैं और जब चाहे जैसा चाहे अनर्गल बयान देकर केन्द्र सरकार को धमकाने का काम करते हैं। कांग्रेस ने इन धाराओं को बरकरार रखने की बात कही है। कांग्रेस ने राष्ट्रद्रोह का कानून खत्म करने की भी बात कही है। कांग्रेस के इन्हीं खतरनाक इरादों को विफलकरने के लिये मोदी ने देश के भविष्य कहलाने वाले युवा मतदाताओं का आह्वान किया है।

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