ये हैं ‘अच्छे दिन’ के प्रमाण : यदि जनता करेगी प्रणाम, तो मिलेंगे और भी श्रेष्ठ परिणाम !

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आलेख : विनीत दुबे

केन्द्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा-BJP) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग-NDA) की नरेन्द्र मोदी सरकार ने 2014 के लोकसभा चुनाव में देश में अच्छे दिन लाने के नारे के साथ चुनाव लड़ा था और सफलता पाकर सत्ता भी हासिल की थी। अच्छे दिन लाने के लिये पिछले पाँच वर्षों में मोदी सरकार ने जो 20 महत्वपूर्ण कदम उठाये हैं, उन्हीं को हथियार बना कर मोदी सरकार 2019 के लोकसभा चुनाव के महासमर में कूदी है। मोदी सरकार के वह 20 हथियार कौन से हैं, जिनके दम पर वह चुनाव जीतने निकली है ? आइए इस पर नज़र डालते हैं। इन महत्वपूर्ण कदमों, योजनाओं और उपलब्धियों से देश के प्रत्येक नागरिक के जीवन में निश्चित रूप से परिवर्तन आया है और यही अच्छे दिन का प्रमाण है। यदि लोकसभा चुनाव 2019 में मतदाताओं ने मोदी को इन अच्छे दिनों के आधार पर पुनः प्रणाम किया, तो अगले पाँच वर्षों में श्रेष्ठ श्रेष्ठ परिणाम के साथ श्रेष्ठ दिन आने की शत प्रतिशत संभावना है।

प्रधानमंत्री जन धन योजना

सत्ता में आने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनकी सरकार ने 28 अगस्त 2014 को प्रधानमंत्री जन धन योजना की घोषणा की। इस योजना के तहत सरकार ने ज़ीरो बैलेंस पर ऐसे लोगों के खाते खुलवाये, जिनके अब तक बैंक में कोई खाते नहीं थे। इस तरह से सरकार ने ऐसे लोगों को बैंकों से जोड़ा। इसके बाद ऐसे खाताधारकों को 1 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा का कवर दिया। इस योजना के तहत जीवन बीमा पॉलिसी धारक खातेदार की मृत्यु होने पर सरकार उसके नॉमिनी को 30,000 रुपये का मुआवज़ा देती है। इस योजना में कोई भी नागरिक अपना खाता खुलवा सकता है। 10 वर्ष से कम उम्र के बालक का भी खाता खोला जा सकता है। इस खाते में खातेदार को सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे देने का भी उद्देश्य है। इस खाते का नियमित परिचालन करने पर 5,000 रुपये तक के ओवरड्राफ्ट की सुविधा भी दी जाती है। इन खातों में पैसे जमा करने, निकालने, ट्रांसफर करने और मोबाइल बैंकिंग जैसी सुविधाएँ मुफ्त मिलती हैं।

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कमजोर वर्ग के परिवारों विशेषकर महिलाओं के लिये 1 मई-2016 को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना लागू की। इस योजना के तहत सरकार गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों को मुफ्त में घरेलू रसोई गैस का कनेक्शन देती है। योजना के तहत 8 करोड़ बीपीएल परिवारों को लाभान्वित करने का लक्ष्य है। इस योजना में आवेदक 2011 की जनगणना के अनुसार ग़रीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले (BPL) कैटेगरी में दर्ज होना चाहिये, आवेदक महिला का बैंक में खाता होना चाहिये। उसके पास बीपीएल कार्ड और बीपीएल राशन कार्ड होना चाहिये। सिलैण्डर और सिगड़ी आदि सामग्री छुड़ाने के लिये आवेदक को 1600 रुपये की आर्थिक मदद भी दी जाती है। योजना की अधिक जानकारी के लिये पेट्रोलियम मंत्रालय की वेबसाइट देख सकते हैं।

प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना

प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना यानी सौभाग्य को 25 सितम्बर-2017 को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जन्म-जयंती पर शुरू किया गया है। इस योजना में गरीब लोगों को मुफ्त में बिजली कनेक्शन दिया जाता है और जिन लोगों का नाम सामाजिक-आर्थिक जनगणना में नहीं हैं, उन्हें मात्र 500 रुपये के शुल्क पर बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराया जाता है। यह 500 रुपये भी 10 आसान किश्तों में चुकाने की सुविधा दी जाती है। योजना के लिये ऊर्जा मंत्रालय की वेबसाइट पर अधिक जानकारी उपलब्ध कराई गई है।

आयुष्मान भारत योजना

आयुष्मान भारत योजना 23 सितंबर-2018 को शुरू की गई। इस योजना में गरीब परिवारों को हर साल 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा दी जाती है। इस योजना का लाभ देश के 10 लाख गरीब परिवारों को मिलेगा। यदि एक परिवार में 4 सदस्यों की सामान्य गणना की जाए तो 40 लाख लोगों को योजना का लाभ मिलेगा। इस योजना का लाभ देश के अच्छे अस्पतालों में भी लाभ उठाया जा सकता है। यह दुनिया की सबसे बड़ी हैल्थ केयर योजना है।

प्रधानमंत्री आवास योजना

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को होम लोन की सुविधा के साथ सस्ते आवास की सुविधा दी जाती है। सरकार की ओर से 18 लाख रुपये तक के होम लोन के ब्याज पर सब्सिडी दी जाती है। 3 लाख रुपये तक की वार्षिक आय सीमा वाले लोगों को गरीब वर्ग में आवास सुविधा दी जाती है, जबकि मध्यम वर्ग में 3 से 6 लाख की वार्षिक आय वाले लोगों को शामिल किया गया है। 6 लाख रुपये तक के लोन पर 6.5 प्रतिशत क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी दी जाती है, 12 लाख रुपये तक की सालाना आय वालों को 9 लाख रुपये तक के लोन पर 4 प्रतिशत और 12 लाख रुपये तक के लोन पर 3 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी दी जाती है।

59 मिनट में 1 करोड़ रुपये का लोन

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों के लिये एक घण्टे में एक करोड़ रुपये के लोन की योजना में छोटे कारोबारियों को लोन की सुविधा दी जाती है। इस योजना के तहत यह लोन मात्र एक घण्टे में स्वीकृत किया जाता है। बाकी कार्यवाही पूर्ण करने के बाद लोन कारोबारी को मिल जाता है। इस लोन के लिये सिडबी ने एक विशेष पोर्टल तैयार किया है। इस लोन की योजना से प्रधानमंत्री ने छोटे कारोबारियों को बड़ा बनाने का लक्ष्य रखा है। क्योंकि पीएम का मानना है कि इस सेक्टर में सबसे ज्यादा नौकरी दी जाती है। इस सेक्टर के विकास से नौकरी के अवसर बढ़ेंगे।

सुकन्या समृद्धि योजना

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 22 जनवरी-2015 को इस योजना की शुरुआत की है। इस योजना में बेटी के नाम से डाकघर में खाता खोलकर और पैसे जमा करके आयकर की बचत की जा सकती है और सबसे ज्यादा ब्याज भी प्राप्त किया जा सकता है। इस योजना में 8.5 प्रतिशत ब्याज दिया जाता है। यह खाता दो बेटियों के नाम से खोला जा सकता है, परंतु यदि किसी के यहां जुड़वाँ बेटियाँ हों तो 3 बेटियों के नाम से भी खाता खोला जा सकता है। इस योजना में अधिकतम डेढ़ लाख रुपये जमा किये जा सकते हैं।

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत छोटे कारोबारियों को 3 प्रकार के लोन दिये जाते हैं। शिशु योजना में 50 हजार रुपये तक का लोन लिया जा सकता है, किशोर योजना में 50 हजार रुपये से 5 लाख रुपये तक का लोन दिया जाता है और तरण योजना के तहत 5 लाख से 10 रुपये तक का लोन दिया जाता है। इस योजना से अभी तक लाखों लोग अपना नया कारोबार शुरू कर चुके हैं अथवा अपने छोटे से कारोबार का विस्तार कर चुके हैं।

अटल पेंशन योजना

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अटल पेंशन योजना की शुरुआत 9 मई-2015 से की है। इस योजना में लोगों को 1000 रुपये से लेकर 5000 रुपये तक की पेंशन का प्लान चुनने का अवसर मिलता है। योजना के तहत लोगों को सामान्य प्रीमियम चुकाना होता है और बाकी पैसा सरकार जोड़ती है। इस योजना में अभी तक लाखों की संख्या में लोगों ने खाते खुलवाये हैं।

प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना

प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना भी मोदी सरकार की सफलतम योजनाओं में से एक है। इस योजना के तहत 330 रुपये वार्षिक प्रीमियम भरने पर 2 लाख रुपये की जीवन बीमा पॉलिसी खरीदी जा सकती है, जिसमें बीमाधारक की मृत्यु होने पर उसके नॉमिनी को 2 लाख रुपये की बीमा रकम मिलती है। यह योजना कोई भी ले सकता है, बशर्ते उसके पास बैंक में खाता होना चाहिये। इस योजना में सीधा प्रीमियम जमा नहीं होता है, बैंक खाते से ही प्रीमियम की रकम कटती है।

दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना

दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना 25 सितंबर-2014 को शुरू की गई है। इस योजना में ग्रामीण युवाओं को सरकार की ओर से कौशल विकास के लिये प्रशिक्षण दिया जाता है। कौशल विकास के बाद सरकार उन्हें निर्धारित न्यूनतम दैनिक पारिश्रमिक के बराबर या उससे ऊपर के वेतन पर रोजगार उपलब्ध कराती है। इस योजना में सरकार 5.5 करोड़ ग्रामीण युवाओं को कुशल बनाने के लक्ष्य पर काम कर रही है। सरकार का मानना है कि कौशल विकास के बाद उन्हें रोजगार के श्रेष्ठ अवसर मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।

प्रधानमंत्री मेक इन इण्डिया

प्रधानमंत्री मेक इन इण्डिया स्कीम 25 सितंबर-2014 को शुरू की गई है। इस योजना को प्रधानमंत्री ने बड़े लक्ष्य सिद्ध करने के लिये शुरू किया है। इस योजना के तहत केन्द्र सरकार देश में उत्पादन की गतिविधियों को बढ़ाने पर जोर दे रही है। इस योजना के शुरू होने के बाद देश में एफडीआई तेजी से बढ़ा है। वास्तव में इस योजना में एफडीआई के नियमों को लचीला बनाया गया है, जिससे विदेशी पूंजी निवेश और निर्माण की गतिविधियों में तेजी आ सके।

हरित क्रांति-कृष्णोती योजना

मोदी सरकार ने किसानों की मदद के लिये इस योजना की शुरुआत की है। इस योजना में पहले से लागू 11 केन्द्रीय योजनाओं को भी सम्मिलित कर लिया गया है। इस योजना का उद्देश्य किसानों की आय 2022 तक दुगुनी करना है और इसके लिये इसमें कृषि के अलावा उससे जुड़ी पशुपालन, डेयरी उद्योग, मत्स्य पालन, मुर्गी फार्म आदि को भी शामिल कर लिया गया है। ताकि विविध प्रकार के स्रोतों से भी कृषक आय प्राप्त कर सकें और उनकी आय में वृद्धि हो सके।

सोलर चरखा मिलन

ग्रामीण शिल्पकारों की मदद के लिये मोदी सरकार ने 27 जून-2018 को सोलर चरखा मिलन योजना लागू की है। इस योजना में सरकार ने 550 करोड़ रुपये सब्सिडी के लिये निर्धारित किये हैं। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग मंत्रालय की ओर से यह योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत देश में 50 जगहों को कलस्टर के लिये चुना गया है। प्रत्येक कलस्टर में 500 से 2000 लोगों को रोजगार दिया जाएगा। इस योजना से जुड़ने के लिये सरकार ने संपर्क पोर्टल भी लॉन्च किया है, जिसके माध्यम से सरकार ने बेरोजगार शिल्पकारों से आवेदन मँगाये थे। इन्हें इस मिशन से जोड़कर रोजगार मुहैया कराया जाएगा।

राष्ट्रीय पोषण मिशन

बेटी बचाओ – बेटी पढ़ाओ अभियान की सफलता के बाद मोदी सरकार ने इस अभियान को और आगे ले जाने के लिये 8 मार्च 2018 से राष्ट्रीय पोषण अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान के तहत देश भर में 6 वर्ष तक की बालिकाओं को पोषित करने में मदद की जा रही है। इस अभियान के तहत गर्भवती माताओं को भी पोषण दिया जाता है। इस योजना से ग्रामीण क्षेत्रों को काफी मदद मिल रही है।

गोबर-धन योजना

वैसे तो इस योजना की शुरुआत हरियाणा सरकार ने की थी, परंतु इसकी सफलता से प्रभावित होकर मोदी सरकार ने इस योजना को देशव्यापी स्तर पर लागू करने के लिये 2018-19 के बजट में स्थान दिया। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण लोगों का जीवन स्तर सुधारना है। इस योजना के तहत लोगों को खुले में शौच नहीं करने के लिये समझाया जाता है और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता को बढ़ावा दिया जाता है।

अटल भूजल योजना

सामान्यतः ग्रामीण लोग साफ पानी की व्यवस्था में अपने जीवन का काफी महत्वपूर्ण समय व्यर्थ गँवा देते हैं। इसलिये मोदी सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में साफ पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिये अटल भूजल योजना लागू की है। इस योजना में विशेषकर उन क्षेत्रों पर ध्यान केन्द्रित किया जाता है, जिन क्षेत्रों में भूजल स्तर नीचे चला गया है, ऐसे क्षेत्रों में भूजल स्तर को ऊंचा लाने के लिये 6000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस रकम से भूजल स्तर को ऊंचा लाने का काम किया जाता है, जैसे ही जल स्तर बढ़ेगा तो खेती को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा।

समग्र शिक्षा योजना

ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिये मोदी सरकार ने 24 मई-2018 को समग्र शिक्षा योजना लागू की है। इस योजना का उद्देश्य पिछड़े इलाकों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देकर लोगों का सामाजिक और आर्थिक जीवन सुधारना है। ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट इस योजना को चलाता है। इस योजना में भी पहले से लागू कई शैक्षणिक योजनाओं को भी सम्मिलित कर लिया गया है तथा योजना को समग्र शिक्षा योजना नाम देकर व्यापक स्तर पर चलाया जा रहा है।

राष्ट्रीय बाँस मिशन

अभी तक बाँस को एक पेड़ की संज्ञा दी जाती थी, जिससे पूर्वोत्तर में रहने वाले बाँस किसानों को परेशानी होती थी। मोदी सरकार ने सबसे पहले बाँस को पेड़ की संज्ञा से अलग किया और इसके बाद राष्ट्रीय बाँस मिशन की घोषणा की। इस मिशन को 2018-19 के बजट में शामिल किया गया था। इस योजना का उद्देश्य पूर्वोत्तर में बाँस की खेती को बढ़ावा देना है और बांस के किसानों की आय बढ़ाना है। इस योजना के तहत केन्द्र सरकार ने बजट में 1,290 करोड़ रुपये का आबंटन भी किया है। सरकार को उम्मीद है कि इस मिशन से देश में बाँस की इण्डस्ट्री को खड़ा करने में मदद मिलेगी।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को सरकार ने 2019 का पूरक बजट पेश करने के बाद लागू किया है। इस योजना के तहत सरकार का उद्देश्य 5 हेक्टेयर तक कृषि भूमि वाले किसानों को आर्थिक मदद देना है। इस योजना के तहत सरकार छोटे और गरीब किसानों को वार्षिक 6000 रुपये सीधे उनके बैंक खाते में देती है। इस योजना के तहत केन्द्र सरकार 2-2 हजार रुपये की तीन किश्तों में 6000 रुपये देती है। 4 महीने के अंतर पर यह किश्त किसानों के खाते में जमा कराई जाती है।

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